पीयूष गोयल ने कहा- कोरोना वायरस को लेकर न बरतें लापरवाही, डीरेका को 501 इंजन बनाने का दिया लक्ष्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने नदेसर स्थित एक होटल में उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे सहित डीरेका के उच्चाधिकारियों संग समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने कहा कि रेल की सुरक्षा व संरक्षा पहली प्राथमिकता है। यात्रियों को दुर्घटना रहित मंजिल तक पहुंचाने में हम कामयाब हो रहे हैं।
पिछले साढ़े ग्यारह माह में सुरक्षा व संरक्षा की दिशा में अच्छा काम हुआ। इस दौरान एक भी यात्री की मौत रेलवे दुर्घटना में नहीं हुई। इस सिलसिले को बरकरार रखें। ट्रेनों के समयबद्ध संचालन पर विशेष जोर देते हुए रेलमंत्री ने रेल अधिकारियों को कार्यों की बराबर निगरानी के लिए निर्देशित किया।
रेल मंत्री ने डीरेका में विद्युत कंपोनेंट की आपूर्ति को लेकर डीरेका अधिकारियों को निर्देशित किया। उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के उच्चाधिकारियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि इस समय विश्व भर में फैले कोरोना वायरस से बचाव को लेकर किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाएं। रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।
डीरेका को 501 विद्युत लोकोमोटिव बनाने का लक्ष्य
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने डीरेका को 2020-21 में 501 विद्युत इंजन बनाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि डीरेका में इस साल 315 लक्ष्य के सापेक्ष 295 इलेक्ट्रिक लोको मोटिव का उत्पादन हो चुका है। डीरेका कर्मियों की मेहनत का फल है कि शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं।
डीरेका पहुंचे रेलमंत्री ने विद्युत रेल इंजन डब्ल्यूएपी-7 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। लोकार्पण के दौरान महाप्रबंधक श्री यशपाल सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारियों ने इंजन उत्पादन प्रक्रिया एवं अन्य तकनीकी विषयों की जानकारी दी।
इससे पूर्व धर्मनगरी और पुराधिपति काशी विश्नाथ की नगरी काशी में अपने दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल धर्मनगरी काशी में भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। सबसे पहले केंद्रीय मंत्री ने बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काशीपुराधिपति के दर्शन-पूजन किए। साथ ही निर्माणाधीन काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के कार्यों का निरीक्षण किया।
साथ ही अधिकारियों को निर्देश भी दिए। कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शीर्ष प्राथमिकता में है। इसके निर्माण में बजट की कोई कमी नहीं रहेगी। बाद में काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दर्शन कर उनसे लोगों पर अपना आशीर्वाद बनाये रखने तथा सभी के जीवन में खुशी और प्रगति का संचार की कामना की।
इसके बाद उन्होंने पार्क में वॉल पेंटिंग, संदेशों, टिकट घर, वाटर फॉल, ओपन थियेटर सहित पूरे स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मध्य रेलवे पीडीडीयू नगर के पीडीडीयू रेल मंडल के डीआरएम पंकज सक्सेना को निर्देश दिया कि पार्क के पीछे खाली जमीन पर सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाय। साथ ही उद्यान विभाग से भी सहयोग लेने को कहा।
वही क्षेत्र कई ग्राम प्रधानों ने बंद पड़े भगवान अवधूत राम हाल्ट को फिर से चालू करने के लिए प्रस्ताव सौंपा। गौरतलब है कि इस हाल्ट 19 सितंबर 1998 में तत्कालीन केंद्रीय रेल मंत्री नीतीश कुमार ने शुरू किया था। लेकिन 20 जून 2006 में हाल्ट को बंद कर दिया गया। उत्तर रेलवे इस हाल्ट को बंद करने के पीछे कम आय का कारण रेलवे के अधिकारियों ने बताया था।