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पूर्वांचल के इन बाल वैज्ञानिकों को सलाम: जुगाड़ से बनाए ऐसे मॉडल जिनके सामने बड़े-बड़े आविष्कार फेल
Sun, 11 Dec 2022 02:21 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी।गाजीपुर।चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी।गाजीपुर।चंदौली
Published by: किरन रौतेला
Updated Sun, 11 Dec 2022 02:21 PM IST
सार
सड़क दुर्घटना के कारण होने वाली मौत हो या फिर दिव्यांगों को अपने जीवनयापन में आनी वाली तमाम दिक्कतें। यहीं नहीं शहर में बढ़ते प्रदूषण समस्या पर भी बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल के जरिए समाधान दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि भारत ज्ञान विज्ञान की परंपरा वाला देश है, जिसकी बदौलत आज फिर भारत विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर है।
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स्मार्ट डस्टबिन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंस्पायर योजना के तहत जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में विज्ञान और इसके सिद्धांतों को समझकर बाल वैज्ञानिकों ने बड़े-बड़े विज्ञान मॉडल बनाए। भले ही ये विद्यार्थी स्कूल में पढ़ रहे हैं, लेकिन इनकी सोच भविष्य के वैज्ञानिकों के इर्द-गिर्द देखने को मिली है। शुक्रवार को लहुराबीर स्थित क्वींस इंटर कॉलेज में विभिन्न जिलों से आए विद्यार्थियों ने विभिन्न समस्याओं का समाधान अपने मॉडल के जरिए दिखाया।
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सड़क दुर्घटना के कारण होने वाली मौत हो या फिर दिव्यांगों को अपने जीवनयापन में आनी वाली तमाम दिक्कतें। यहीं नहीं शहर में बढ़ते प्रदूषण समस्या पर भी बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल के जरिए समाधान दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि भारत ज्ञान विज्ञान की परंपरा वाला देश है, जिसकी बदौलत आज फिर भारत विश्वगुरु बनने की राह पर अग्रसर है। आज हमारे बाल वैज्ञानिकों ने जो प्रतिभा दिखाई है, उससे भविष्य की राह आसान होने में मदद मिलेगी। जनपद स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी में 11 छात्रों का चयन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी के लिए हुआ।
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दुर्घटना से बचाएगा स्मार्ट हेलमेट
सड़क दुर्घटना में कई बार कार में लगा एयर बैग लोगों की जान बचाने में कारगर होता है। राजकीय क्वींस इंटर कालेज के छात्र तेजस्वी यादव स्मार्ट हेलमेट तैयार किया है, जिसमें सेंसर लगा है। दुर्घटना के समय इस सेंसर के सामने गाड़ी आती है और दुर्घटना होती है, तत्काल हेलमेट में लगा एयर बैग खुल जाएगा। यहीं नहीं इस सेंसर क ी मदद से दुर्घटना में घायल व्यक्ति के फोन से एंबुलेंस, पुलिस, अस्पताल व परिजनों को संदेश भी जाएगा।
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कचरे की समस्या से मुक्ति दिलाएगा स्मार्ट डस्टबीन
राजकीय अभिनव विद्यालय आराजीलाइन की छात्रा प्रीति सिंह ने कचरे की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए स्मार्ट डस्टबिन तैयार किया है, जिसमें सब्जी छिलके व अन्य खाद्य पदार्थों को रिसाईकल कर जैविक खाद्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्मार्ट व्हील चेयर
- फोटो : अमर उजाला
दिव्यांगों के आंखों की रोशनी बनेगा दिव्य दृष्टि
दृष्टि बाधित लोगों को पढ़ाई हो या नौकरी के दौरान आने-जाने में समस्याओं से जूझना पड़ता है। दृष्टि बाधित लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सनबीम भगवानपुर की छात्रा मनस्वी श्रीवास्तव ने दिव्य दृष्टि नाम से चश्मा तैयार किया है। सेंसर युक्त ये चश्मा इन्हें दुर्घटना के बचाएगा। वहीं ग्राम विद्यापीठ इंटर कालेज गड़खरा के छात्राआें ने दिव्यांगों के लिए स्मार्ट व्हीलचेयर तैयार।
वृद्धों व दिव्यांगजनों के लिए मददगार होगा हाईड्रोलिक टॉयलेट सिटिंग
दिव्यांगों हो या वृद्धजन शौचालय जाने में कई बार तमाम तरह की दिक्कतें आती है। ऐसे में जवाहर नवोदय विद्यालय कौशांबी के छात्र रोहित कुमार ने हाईड्रोलिक टॉयलेट सिटिंग मॉडल तैयार किया। जिसकी मदद से दिव्यांग और घुटने की समस्या से ग्रसित लोगों को मदद मिलेगी।
स्वच्छ शहर स्वस्थ शहर
वर्तमान समय में कचरा सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में प्रतापगढ़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हूपुर मान्धाता की छात्रा श्रेया सिंह ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे कचरे से पैसा कमाया जा सकता है। छात्र ने स्मार्ट डस्टबिन तैयार किया है, जिसमें सेंसर लगा हुआ है, जो मोबाइल एप से संचालित होता है। जिसके जरिए हम शहर को स्वच्छ रख सकते है।
बिजली की बचत करेगा हाथों से चलने वाला वाशिंग मशीन
महंगाई के इस दौर में बिजली का बिल हर किसी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। आर्य महिला इंटर कालेज की छात्रा राधिका मौर्या ने हाथों से संचालित होने वाली वॉशिंग मशीन तैयार किया है। जिसे हाथों से संचालित किया जाता है, इसके साथ ही इस मशीन में डाला गए पानी को नल की मदद से निकालकर अन्य कामों में उपयोग में लाया जा सकता है।
दृष्टि बाधित लोगों को पढ़ाई हो या नौकरी के दौरान आने-जाने में समस्याओं से जूझना पड़ता है। दृष्टि बाधित लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए सनबीम भगवानपुर की छात्रा मनस्वी श्रीवास्तव ने दिव्य दृष्टि नाम से चश्मा तैयार किया है। सेंसर युक्त ये चश्मा इन्हें दुर्घटना के बचाएगा। वहीं ग्राम विद्यापीठ इंटर कालेज गड़खरा के छात्राआें ने दिव्यांगों के लिए स्मार्ट व्हीलचेयर तैयार।
वृद्धों व दिव्यांगजनों के लिए मददगार होगा हाईड्रोलिक टॉयलेट सिटिंग
दिव्यांगों हो या वृद्धजन शौचालय जाने में कई बार तमाम तरह की दिक्कतें आती है। ऐसे में जवाहर नवोदय विद्यालय कौशांबी के छात्र रोहित कुमार ने हाईड्रोलिक टॉयलेट सिटिंग मॉडल तैयार किया। जिसकी मदद से दिव्यांग और घुटने की समस्या से ग्रसित लोगों को मदद मिलेगी।
स्वच्छ शहर स्वस्थ शहर
वर्तमान समय में कचरा सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में प्रतापगढ़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हूपुर मान्धाता की छात्रा श्रेया सिंह ने ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे कचरे से पैसा कमाया जा सकता है। छात्र ने स्मार्ट डस्टबिन तैयार किया है, जिसमें सेंसर लगा हुआ है, जो मोबाइल एप से संचालित होता है। जिसके जरिए हम शहर को स्वच्छ रख सकते है।
बिजली की बचत करेगा हाथों से चलने वाला वाशिंग मशीन
महंगाई के इस दौर में बिजली का बिल हर किसी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। आर्य महिला इंटर कालेज की छात्रा राधिका मौर्या ने हाथों से संचालित होने वाली वॉशिंग मशीन तैयार किया है। जिसे हाथों से संचालित किया जाता है, इसके साथ ही इस मशीन में डाला गए पानी को नल की मदद से निकालकर अन्य कामों में उपयोग में लाया जा सकता है।
दिव्य दृष्टि
- फोटो : अमर उजाला
मल्टीपर्पज चूल्हे से मिलेगा डिस्टिल वॉटर
राजकीय हाईस्कूल प्रतापपुर की छात्रा रीमा प्रजापति ने मल्टीपर्पज चूल्हा तैयार किया, जिसमें पाइप की मदद से खाना बनाते वक्त पानी गर्म को गर्म किया जा सकता है। वहीं चूल्हे की दूसरी तरफ से पाइप लगाकर गर्म पानी से निकलने वाले भाप को एकत्रित किया जा सकता है। इस डिस्टिल वॉटर को लैब व अस्पताल के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।
देश के जवानों की रक्षा करेगा सेफ ट्रांसपोर्टशन सिस्टम
प्रयागराज के सेंट एनथनी कॉवेंट स्कूल की छात्रा इसरा नाज ने देश की रक्षा में लगे जवानों की सुरक्षा के लिए सेफ ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तैयार किया। जिसमें माइन से लैस ट्रक सेंसर के सामने से गुजरता है, तो रास्ते पर लगा बैरियर इसकी सूचना जवानों को देने के साथ ही रास्ते पर लगा बैरियर भी एक्टिव हो जाएगा।
राजकीय हाईस्कूल प्रतापपुर की छात्रा रीमा प्रजापति ने मल्टीपर्पज चूल्हा तैयार किया, जिसमें पाइप की मदद से खाना बनाते वक्त पानी गर्म को गर्म किया जा सकता है। वहीं चूल्हे की दूसरी तरफ से पाइप लगाकर गर्म पानी से निकलने वाले भाप को एकत्रित किया जा सकता है। इस डिस्टिल वॉटर को लैब व अस्पताल के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।
देश के जवानों की रक्षा करेगा सेफ ट्रांसपोर्टशन सिस्टम
प्रयागराज के सेंट एनथनी कॉवेंट स्कूल की छात्रा इसरा नाज ने देश की रक्षा में लगे जवानों की सुरक्षा के लिए सेफ ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम तैयार किया। जिसमें माइन से लैस ट्रक सेंसर के सामने से गुजरता है, तो रास्ते पर लगा बैरियर इसकी सूचना जवानों को देने के साथ ही रास्ते पर लगा बैरियर भी एक्टिव हो जाएगा।
स्मार्ट हेलमेट
- फोटो : अमर उजाला
रेल दुर्घटना से बचाएगा स्मार्ट सेंसिंग सिस्टम
ठंड के दिनों में रेल दुर्घटना से कई लोग की जान चली जाती है। ऐसे में प्रयागराज से आई जीआईसी स्कूल की छात्रा कृति कु शवाहा ने सेंसर युक्त डिवाइस तैयार किया है, जिसमें दो ट्रेन आमने सामने एक ही ट्रैक पर आती है, तो डिवाइस में लगा सेंसर ट्रेनों को रोक देगा, जिससे ट्रेन दुर्घटना होने से बचाया जा सकता है।
इनका हुआ चयन
सात्विक कुमार अग्रवाल, प्रयागराज
दिव्यांशु श्रीवास्तव, चंदौली,
काव्या चौहान, गाजीपुर
श्वेता कुमार, रोहित व महेंद्र कुमार, कौशांबी
श्रेया सिंह, प्रतापगढ़
शशांक जायसवाल, तेजस्वी यादव, संजना सिंह, वाराणसी
आंचल पांडेय, सौनभद्र
ठंड के दिनों में रेल दुर्घटना से कई लोग की जान चली जाती है। ऐसे में प्रयागराज से आई जीआईसी स्कूल की छात्रा कृति कु शवाहा ने सेंसर युक्त डिवाइस तैयार किया है, जिसमें दो ट्रेन आमने सामने एक ही ट्रैक पर आती है, तो डिवाइस में लगा सेंसर ट्रेनों को रोक देगा, जिससे ट्रेन दुर्घटना होने से बचाया जा सकता है।
इनका हुआ चयन
सात्विक कुमार अग्रवाल, प्रयागराज
दिव्यांशु श्रीवास्तव, चंदौली,
काव्या चौहान, गाजीपुर
श्वेता कुमार, रोहित व महेंद्र कुमार, कौशांबी
श्रेया सिंह, प्रतापगढ़
शशांक जायसवाल, तेजस्वी यादव, संजना सिंह, वाराणसी
आंचल पांडेय, सौनभद्र