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किसानों के बागवानी के लिए उद्यान विभाग ने कसी कमर
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वाराणसी। वर्षा ऋतु को देखते हुए जिला उद्यान विभाग ने अमरूद, आंवला, नीबू, सहजन, जामुन जैसे पौधे की निशुल्क वितरण की तैयारी कर ली है। जिला उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि पौध रोपण के अलावा 60 हजार आंवला, अमरूद, नींबू जामुन, सागवान, सहजन पौधें निशुल्क वितरित करने का लक्ष्य है। सभी इच्छुक किसान परिवार को 10 पौधे दिए जाएंगे। जो किसान अमरूद और केला का बाग लगाना चाहते है उनके लिए 20 हेक्टेयर तक अमरूद की बागवानी के लिए 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और 25 हेक्टेयर केले कि बागवानी के लिए 30738 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान भी दिया जाएगा।
लॉकडाउन के कारण मंडी और बाजार में उचित मूल्य न मिलने से हताश किसानों को अब बरसाती खेती से उम्मीद है। कुछ किसानों ने बैगन के पौधरोपण का भी काम पूरा कर लिया है। दरअसल, लॉकडाउन ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। मंडी और बाजार में खरीदार मिलते भी हैं तो कीमत बहुत कम मिलती है। बाजार और मंडी की स्थिति को देखते हुए किसान अब ग्रीष्म कालीन सब्जियों को धीरे-धीरे नष्ट करना शुरू कर दिया है। हालात को भांपते हुए अब बरसाती सब्जियां जो खासकर मचान और मेड़ों पर उगाई जाती जैसे खीरा, बैगन, भिंडी, करेला, मूली की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है।
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लॉकडाउन के कारण मंडी और बाजार में उचित मूल्य न मिलने से हताश किसानों को अब बरसाती खेती से उम्मीद है। कुछ किसानों ने बैगन के पौधरोपण का भी काम पूरा कर लिया है। दरअसल, लॉकडाउन ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। मंडी और बाजार में खरीदार मिलते भी हैं तो कीमत बहुत कम मिलती है। बाजार और मंडी की स्थिति को देखते हुए किसान अब ग्रीष्म कालीन सब्जियों को धीरे-धीरे नष्ट करना शुरू कर दिया है। हालात को भांपते हुए अब बरसाती सब्जियां जो खासकर मचान और मेड़ों पर उगाई जाती जैसे खीरा, बैगन, भिंडी, करेला, मूली की बुआई की तैयारी शुरू कर दी है।
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