Varanasi: अतिक्रमण हटाने के दौरान दो की मौत, घर टूटने के भय से बुजुर्ग को आया हार्ट अटैक, युवक पर गिरी अलमारी
घटना रामनगर में सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच हुई। मकान टूटने के भय से बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने शव को कंधा देकर श्मशान घाट पहुंचाया। इसी बीच सामान खाली कर रहे युवक पर आलमारी गिरने से उसकी मौत हो गई।
विस्तार
सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच रामनगर में दो लोगों की जान चली गई। एक वृद्ध की हार्टअटैक और दूसरे युवक की सामान हटाने के दौरान सिर पर गिरी आलमारी से मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसके चलते रामनगर से टेंगरा मोड़ जाने वाला मार्ग तकरीबन पौने घंटे बाधित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस के समझाने बुझाने के बाद जाम समाप्त हुआ।
यह है पूरा मामला
सड़क चौड़ीकरण के लिए रामनगर में तीन दिन से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो रही है। सोमवार को ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ मकानों पर पीडब्ल्यूडी की ओर से निशान लगाया गया। चेतावनी दी गई कि निशान के अनुसार मकान नहीं तोड़ने वालों पर प्रशासन का बुलडोजर चलाया जाएगा। निशान लगने के बाद मकान टूटने के भय से चिंता में पड़े राममूरत प्रजापति (65) की मौत देर रात हो गई। घटना के बाद लोगों की भीड़ राममूरत के घर जुटने लगी। पुलिस ने शव को कंधा देकर श्मशान घाट पहुंचाया। पुलिस-प्रशासन इस मामले से निपट ही रहे थे कि दूसरी घटना भी हो गई।
चेतावनी मिलने के बाद रमेश कुमार सोनी (30) घर से सामान हटा रहे थे। इसी दौरान सिर पर आलमारी गिरने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार वालों ने उन्हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे खफा लोगों ने साहित्यनाका के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद माने लोग
घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीएम सिटी आलोक वर्मा, एसीपी भेलूपुर अतुल अंजान त्रिपाठी, थाना प्रभारी भरत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझा बुझाकर जाम समाप्त कर रामनगर थाने बुलाया गया। जहां दो घंटे पंचायत हुई। इसमें मृतकों के आश्रितों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
राममूरत की मौत स्वाभाविक: प्रशासन
देर शाम प्रशासन की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि राममूरत प्रजापति की अपने घर में स्वाभाविक मौत हुई है। इनके भवन को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह के अनुसार इनकी उम्र लगभग 70 वर्ष थी। बीते नौ जनवरी को अपने घर पर स्वभाविक मौत हुई है।
कभी मां तो कभी पिता की अर्थी निहार रहे थे मासूम
सड़क चौड़ीकरण की जद में आए मकान को खाली करने के दौरान लगी चोट से रमेश की मौत हो गई। रमेश के दोनों बेटे कभी बिलख रही मां व दादी को देख रहे थे तो कभी अर्थी पर लेटे पिता को निहार रहे थे। उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि यह सब क्या हो गया है। दादा भेरो सेठ को रोता देख उनकी भी आंख नम थी।