फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Two new dengue patients found, no trace of fogging

Varanasi News: डेंगू के मिले दो नए मरीज, फागिंग का अता-पता नहीं

Wed, 20 Nov 2024 02:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 02:48 AM IST
विज्ञापन
Two new dengue patients found, no trace of fogging
डेंगू के मिले दो नए मरीज, फागिंग का अता-पता नहीं
विज्ञापन

कागजों पर रोस्टर बनकर तैयार मौके पर व्यवस्था नदारत
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। शहर में एक बार फिर से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। डेंगू के दो नए मरीज मिले हैं लेकिन फागिंग का अता-पता नहीं है। देव दीपावली पर घाटों पर फागिंग कराई गई लेकिन अब तक वार्डों में फागिंग शुरू नहीं हुई है।
लल्लापुरा के पार्षद हारून अंसारी ने बताया कि फागिंग तभी होती है जब शिकायत की जाती है। पहले तय हुआ था कि दो शिफ्ट में फागिंग कराई जाएगी। लेकिन फागिंग नहीं हो रही है। कई बार शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आदिविश्वेश्वर वार्ड के पार्षद इंद्रेश सिंह ने कहा कि फागिंग नहीं हो रही है। शिकायत के बाद भी अधिकारी अनसुना कर रहे हैं। इसी प्रकार अन्य वार्डों का भी हाल बेहाल है।
विज्ञापन

नगर निगम की ओर से हर वार्ड के लिए एक फॉगिंग मशीन की व्यवस्था के बाद भी मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इससे मच्छरों से होने वाली मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। 108 फागिंग मशीनें नगर निगम के पास हैं। बावजूद इसके इन दिनों फागिंग होती दिख नहीं रही है। नई व्यवस्था के तहत जोनल अधिकारियों को फॉगिंग की जिम्मेदारी दी है, ताकि हर वार्ड की निगरानी बेहतर तरीके से की जा सके। बावजूद इसके मातहत ध्यान नहीं दे रहे हैं। हर वार्ड के लिए 2 लीटर डीजल और 2 लीटर पेट्रोल की व्यवस्था की गई है। इस बारे में नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि मच्छरों से प्रकोप से बचाने के लिए वार्ड वार रोस्टर बना है। देव दीपावली पर फागिंग कराई गई थी। जहां से शिकायतें आ रही हैं। वहां फागिंग हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
अब तक मिले 221 डेंगू के मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद्र पांडेय ने बताया कि शहर में डेंगू के दो नए मरीज मिले हैं। इस साल अब तक 221 डेंगू के केस मिल चुके हैं। जिन जगहों पर केस मिलते हैं। वहां पर फागिंग कराई जाती है। लार्वा की पहचान करना। फीवर ट्रैकिंग कराने पर जोर दिया जा रहा है। हम लोगों का पूरा प्रयास है कि मच्छरों के प्रकोप को कम किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed