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पुलवामा आतंकी हमलाः वाराणसी और चंदौली के दो जवानों ने भी देश के लिए दी शहादत, हर तरफ पसरा सन्नाटा
Mon, 18 Feb 2019 10:14 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: Sayali Maurya
Updated Mon, 18 Feb 2019 10:14 AM IST
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ramesh yadav
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जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को देश के जवानों पर अब तक का सबसे बड़ा आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए हैं। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले को निशाना बनाकर किया गया है। इस काफिले में 2500 जवान शामिल थे। जिसमें अपने पूर्वांचल क्षेत्र के बनारस और चंदौली के दो बहादुर शहीद हो गए।
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वाराणसी जिले के चौबेपुर क्षेत्र के तोफापुर निवासी सीआरपीएफ जवान रमेश यादव ने देश के लिए शहादत दे दी। 26 साल के रमेश यादव 12 फरवरी को ही घर से ड्यूटी के लिए गए थे। गुरुवार शाम जब उनके घर शहीद होने की सूचना मोबाइल पर आई तो पिता श्याम नारायण गश खाकर जमीन पर गिर पड़े जबकि पत्नी रेनू अचेत हो गई।
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उमरहा बाजार से लगभग तीन किमी दूर तोफापुर के रमेश तीन साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। पांच साल पहले रमेश का विवाह रेनू से हुआ था और डेढ़ साल का उनका बेटा है। वहीं, शुक्रवार सुबह सूबे के मंत्री अनिल राजभर भी शहीद रमेश के घर पहुंचे और शहीद के पिता को ढांढस बधाया।
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श्याम नारायण ने प्रशासन और सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया तो मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदितयनाथ से मोबाइल पर बात की और शहीद के परिवार को सभी सरकारी सुविधाएं दिलाने का आश्वासन भी दिया। साथ ही शहीद के बड़े भाई को नौकरी देने का भी भरोसा दिलाया।
2006 में सेंना में भर्ती हुआ था बहादुरपुर का 'बहादुर'
avdhesh yadav
वहीं, पुलवामा में हुए आतंकी हमले में बृहस्पतिवार को पड़ाव क्षेत्र के बहादुरपुर गांव निवासी अवधेश यादव उर्फ दीपू शहीद हो गए। बहादुरपुर गांव के हरिकेश यादव के चार बेटे बेटियों में अवधेश सबसे बड़े थे। वर्ष 2006 में वह सीआरपीएफ की 145वीं बटालियन में भर्ती हुए थे।
परिवार में पिता के अलावा मां मालती देवी हैं जो कैंसर से पीड़ित हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। छोटा भाई बृजेश यादव पढ़ाई कर रहा है। अवधेश की शादी सैयदराजा के पूरवा गांव निवासी जनार्दन यादव की बेटी शिल्पी के साथ हुई थी। उन्हें 3 साल का एक बेटा निखिल है।
बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना पर सहसा लोगों को भरोसा नहीं हुआ। लोग एक दूसरे से जानकारी लेने लगे। देर रात तक लोगों का जमावड़ा हो गया। वहीं शुक्रवार सुबह ही सीओ प्रदीप सिंह चंदेल और कोतवाल शिवानंद मिश्रा शहीद अवधेश के घर पहुंचें और परिवार को ढांढस बंधाया।
परिवार में पिता के अलावा मां मालती देवी हैं जो कैंसर से पीड़ित हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। छोटा भाई बृजेश यादव पढ़ाई कर रहा है। अवधेश की शादी सैयदराजा के पूरवा गांव निवासी जनार्दन यादव की बेटी शिल्पी के साथ हुई थी। उन्हें 3 साल का एक बेटा निखिल है।
बृहस्पतिवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में वह शहीद हो गए। उनके शहीद होने की सूचना पर सहसा लोगों को भरोसा नहीं हुआ। लोग एक दूसरे से जानकारी लेने लगे। देर रात तक लोगों का जमावड़ा हो गया। वहीं शुक्रवार सुबह ही सीओ प्रदीप सिंह चंदेल और कोतवाल शिवानंद मिश्रा शहीद अवधेश के घर पहुंचें और परिवार को ढांढस बंधाया।