बीएचयू कैंपस में छात्रों के दो गुटों में मारपीट, पीएम-कृषि मंत्री का पोस्टर जलाने पर हुआ विवाद
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बीएचयू कैंपस में शनिवार की शाम छात्रों के दो गुटों में मारपीट से अफरातफरी मच गई। महिला महाविद्यालय के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) और ऑल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन (आईसा) कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट की इस घटना में दोनों तरफ से कुछ छात्रों को हल्की चोट भी आई है।
एमएमवी चौराहे पर प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री का पोस्टर जलाने और नारेबाजी को ही घटना की मुख्य वजह बताई जा रही है। हालांकि किसी ने भी इसकी लिखित शिकायत नही की है, लेकिन जिस तरह से एमएमवी चौराहे पर यह घटना हुई, उससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा होने लगा है।
देश में कृषि कानून के विरोध में किसानों के धरना, प्रदर्शन के समर्थन में ही आईसा की ओर से महिला महाविद्यालय गेट पर प्रदर्शन किया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने कानून को किसान विरोधी बताते हुए सरकार के इस कदम की निंदा की।
इस बीच, शाम को पीएम नरेंद्र मोदी, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का पोस्टर जलाकर कार्यकर्ता विरोध जताने लगे। इसके साथ ही अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर नारेबाजी की गई। उधर से गुजर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने बीएचयू कैंपस में धरना-प्रदर्शन, पोस्टर जलाने, नारेबाजी की इस कार्रवाई पर चीफ प्रॉक्टर आफिस पर फोन कर आपत्ति जताई और प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद ही दोनों गुटों में पहले कहासुनी होने लगी। बाद में मामला मारपीट तक पहुंच गया। इसमें दोनों तरफ से कुछ छात्र चोटिल भी हुए। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने किसी तरह मामला शांत कराया। घटना को लेकर दोनों गुट की ओर से एक दूसरे पर आरोप लगाया जा रहा है।
बीएचयू कैंपस में धरना-प्रदर्शन को लेकर पहले से ही जगह निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में कोई गैर शैक्षणिक कार्य करने के लिए अनुमति लेनी जरूरी होगी। विश्वविद्यालय के नियमों का पालन करना सभी का कर्तव्य है। घटना की जांच कराकर जो भी दोषी होगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रो. आंनद चौधरी, चीफ प्रॉक्टर बीएचयू