ऑटो चालक हत्याकांड में दो गिरफ्तार: पैसों के लालच में दो दोस्तों ने ही वारदात को दिया अंजाम, रेती पर मिला था शव
ऑटो चालक शाहिद (18) की हत्या की गुत्थी वाराणसी की रामनगर थाने की पुलिस ने सुलझा ली है। शाहिद का शव बीते सोमवार को डोमरी गांव के समीप गंगा की रेती पर मिला था। शाहिद के दोस्तों ने ही उसकी हत्या की थी।
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मुगलसराय कोतवाली के सेमरा गांव निवासी ऑटो चालक शाहिद (18) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शाहिद की हत्या उसके दो करीबी दोस्तों ने ही पैसों के लालच में की थी। हत्याकांड के आरोपी सेमरा गांव निवासी चंदन चौहान और राहुल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वाराणसी पुलिस आयुक्त ने बताया कि रामनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायलय में प्रस्तुत किया जाएगा। सेमरा गांव निवासी एहसान उर्फ बाबू के छह संतान में सबसे बड़ा शाहिद ऑटो रिक्शा चलकर परिवार की सहायता करता था। वह 17 मार्च से घर से गायब था।
18 मार्च को उसकी बाइक पंचफेडवा में नेशनल हाइवे के किनारे क्षतिग्रस्त हाल में मिली। वहीं सोमवार की रात शाहिद का शव डोमरी गांव के समीप गंगा की रेती पर मिला था। उसके हाथ, गर्दन पर चोट के निशान थे और चेहरा तेजाब से जलाया गया था। पुलिस ने इस मामले का शनिवार सुबह खुलासा किया।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
पुलिस ने बताया कि साहिल की गमछे से गला कस कर हत्या उसके दो दोस्तों राहुल और चंदन ने पैसे के लालच में की थी। दोनों को लगा था कि शाहिद के पास ढेर सारे रुपये हैं। लेकिन, हत्या करने के बाद दोनों को पता चला कि शाहिद के पास मात्र 1500 रुपए ही थे।
वाराणसी पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने बताया कि रामनगर थानाध्यक्ष अश्वनी पांडेय ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि आखिरी बार शाहिद के मोबाइल से उसकी बातचीत राहुल पटेल के साथ हुई थी। इसी आधार पर पुलिस टीम ने तफ्तीश को आगे बढ़ाया तो सामने आया कि डोमरी में जहां शाहिद का शव मिला था वहां 17 मार्च की रात राहुल के मोबाइल की लोकेशन थी। इसी आधार पर दोनों से सख्ती से अलग-अलग पूछताछ की गई तो वारदात की गुत्थी सुलझ गई।