वाराणसी एसएसपी को अकड़ दिखाना बिजली कर्मचारियों को पड़ा भारी, हो गए सस्पेंड, हेकड़ी दिखाने के लिए कटवा दी थी लाइन
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आइडी दिखाने के लिए कहने पर वाराणसी के पुलिस कप्तान से अकड़ दिखाने वाले दो बिजली कर्मचारियों को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने निष्कासित कर दिया है। इसमें एक एसएसओ भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है। कप्तान ने पहचान पत्र दिखाने को कहा तो कर्मी अकडऩे लगे और कहा कि उनको वह पहचान पत्र नहीं दिखाएंगे।
मालूम हो कि कोरोना से बचाव के लिए शाम पांच बजे के पहले ही सभी दुकानें, प्रतिष्ठान व कार्यालय बंद हो जाती थी। इसके बाद अनावश्यक सड़क पर घूमने वालों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत 14 अगस्त की रात को खुद एसएसपी पुलिसकर्मियों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग कर रहे थे। उस दौरान दो युवक घूमते पकड़े गए। घूमने का कारण पूछा तो युवकों ने खुद बिजलीकर्मी बताया।
जब कप्तान ने पहचान पत्र दिखाने को कहा तो वह और अकडऩे लगे और कहा कि वह पहचान पत्र नहीं दिखाएंगे। फिर पुलिस ने कहा, आखिर कैसे माना जाय कि बिजली कर्मी हो। बस इतनी ही बात पर उक्त युवकों ने उपकेंद्र पर फोन किया और लाइन कटवाकर बोले कि अब मान गए न कि बिजलीकर्मी हैं। इस पर एसएसपी अमित पाठक भी अवाक रह गए।
मामले में पिछले दिनों जोल्हा, बजरडीहा निवासी संजय सिंह पुत्र लेखराज सिंह व नरोत्तमपुर निवासी रामलखन पुत्र सुघईराम के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया। उन पर जान बूझकर 33 केवी बिजली उपकेंद्र करौंदी क्षेत्र की आपूर्ति अनाधिकृत तरीके से बाधित करने का आरोप साबित हुआ। इसके साथ ही विभागीय कार्रवाई की गई।
नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम के अधीक्षण अभियंता विजय पाल ने बताया कि पुलिस से दुर्व्यहार व अनाधिकृत तरीके से विद्युत आपूर्ति बाधित करने के आरोप में दोनों कर्मचारियों को निष्कासित कर दिया गया है।