फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Two cunning fraudsters including fake BSA arrested extorted money from female teacher in mau

UP News: '50 हजार भेज दो ट्रांसफर रुकवा दूंगा...', फर्जी BSA सहित दो शातिर अरेस्ट; शिक्षिका से ऐंठे थे रुपये

Mon, 13 Apr 2026 08:04 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 13 Apr 2026 08:04 PM IST
सार

Mau News: इंटरनेट से शिक्षक का शिकायत संबंधी डाटा लेकर उनके ट्रांसफर और पोस्टिंग की धमकी देकर साइबर ठगी करने वाले फर्जी बीएसए सहित दो अंतर्राज्यीय शातिर को गिरफ्तार किया। दोनों की पहचान बरेली जनपद के फतेहगंज पश्चिमी थाना के रहपुरा जागीर निवासी नरेंद्र पाल और सीवीगंज टेवुलिया निवासी सौरभ के रूप में हुई। 

विज्ञापन
Two cunning fraudsters including fake BSA arrested extorted money from female teacher in mau
आरोपियों की जानकारी देती पुलिस। - फोटो : संवाद

विस्तार

UP News: शिक्षकों को ट्रांसफर और पोस्टिंग की धमकी देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों खुद को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) या विभागीय अधिकारी बताकर शिक्षकों से ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरेली जनपद के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के रहपुरा जागीर निवासी नरेंद्र पाल और सीवीगंज टेवुलिया निवासी सौरभ के रूप में हुई है। पुलिस तीसरे वांछित आरोपी विक्रम मिश्रा निवासी आर्य नगर, दिल्ली की तलाश में जुटी है।

विज्ञापन




पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने करीब 90 शिक्षकों को डरा-धमकाकर डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक की ठगी की है। उनके पास से शिक्षकों का डाटा, संबंधित कागजात, एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक बरामद किए गए हैं।

विज्ञापन
Trending Videos

पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने बताया कि 21 मार्च को घोसी क्षेत्र के रघौली निवासी रोली ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार उनकी मां चिंता देवी दोहरीघाट स्थित कंपोजिट विद्यालय रियांव में सहायक अध्यापिका हैं। 16 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को शिक्षा विभाग से जुड़ा अधिकारी बताते हुए ट्रांसफर की धमकी दी।

कॉलर ने कहा कि लखनऊ में एक कैंसर पीड़ित शिक्षक की नियुक्ति दोहरीघाट में होनी है, ऐसे में यदि 50 हजार रुपये तुरंत भेज दिए जाएं तो उनका ट्रांसफर रोका जा सकता है। डर के कारण शिक्षिका ने बताए गए स्कैनर पर रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया, जिससे ठगी का एहसास हुआ। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

विज्ञापन

तीसरे शातिर की तलाश

जांच के दौरान पुलिस की संयुक्त टीम ने भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान की। लोकेशन ट्रेस कर 12 अप्रैल की शाम करीब छह बजे बरेली से दोनों को उनके घर से गिरफ्तार किया गया और 13 अप्रैल को घोसी लाया गया।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंटरनेट के माध्यम से शिक्षकों से संबंधित खबरें और शिकायतें खोजते थे। जिन शिक्षकों के खिलाफ कोई जांच या ट्रांसफर की प्रक्रिया चल रही होती, उनके क्षेत्र के ग्राम प्रधान का नंबर इंटरनेट से प्राप्त कर उनसे संपर्क किया जाता था। खुद को बीएसए या विभागीय अधिकारी बताकर ग्राम प्रधान से शिक्षक का नंबर लिया जाता और फिर शिक्षक को फोन कर डराया जाता था।

आरोपी स्कैनर के माध्यम से पैसे मंगवाते थे और गिरोह के अन्य सदस्य खातों के जरिए रकम निकालकर आपस में बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार इस गिरोह के खिलाफ हरियाणा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और बरेली समेत कई जिलों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed