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दो लाभार्थी फर्जी मिलीं खातों पर लगाई रोक
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:45 AM IST
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मकान का काम
- फोटो : अमर उजाला
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लोहिया आवासों के आवंटन और निर्माण में व्यापक पैमाने पर हुई धांधली की जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विकास खंड के अर्जुनपुर और बरनी गांव में दो अपात्रों को लोहिया आवास देने की पुष्टि होने के बाद सोमवार को बीडीओ ने दोनों के बैंक खातों पर रोक लगा दी है। साथ ही घपले में शामिल ग्राम पंचायत अधिकारी पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
कमीशन के चक्कर में लोहिया गांवों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत से रेवड़ी की तरह लोहिया आवास बांट दिए गए हैं। ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बना दिया गया है, जिनके पास पक्के मकान और चार पहिया वाहन उपलब्ध हैं। कई ऐसे परिवारों ने भी लोहिया आवास का आवंटन करा लिया है, जिन्हें पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुके हैं। इतना ही नहीं, लाभार्थियों के पासबुक जब्त कर ग्राम प्रधान नियम के खिलाफ ठेके पर आवासों का निर्माण करा रहे हैं। अमर उजाला ने इस घपलेबाजी की परत दर परत खोली तो जिला प्रशासन हरकत में आया। सीडीओ पुलकित खरे ने ब्लॉक स्तर पर मामले की जांच के लिए टीमें गठित कर दीं।
पिछले हफ्ते जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में टीम ने बरनी गांव में जांच की थी। टीम ने पाया कि लोहिया आवास की लाभार्थी छबिराजी देवी अपात्र हैं। पक्का मकान और कार होने के बाद भी छबिराजी को आवास का आवंटन किया गया है। इसी तरह अर्जुनपुर गांव में एडीओ की दो सदस्यीय जांच टीम ने लाभार्थी सरोजा देवी को अपात्र के रूप में चिह्नित किया।
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जांच टीम ने पाया कि सरोजा के पास पक्का मकान है और उनके पति जटाशंकर को पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुका है। दोनों टीमों की रिपोर्ट पर सीडीओ ने बीडीओ को कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर सोमवार को बीडीआी रक्षिता सिंह ने दोनों अपात्रों के खातों पर रोक लगा दी। अब इस घपले में लिप्त ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एडीओ दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अधिकारी की मनमानी के बारे में जानकारी दे दी गई है।
अर्जुनपुर की सरोजा देवी और बरनी गांव की छबिराजी देबी को गलत तरीके से लोहिया आवास आवंटित किए गए थे। जांच में इसकी पुष्टि होने पर दोनों के खातों पर रोक लगा दी गई है।- रक्षिता सिंह, बीडीओ
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कमीशन के चक्कर में लोहिया गांवों में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों की मिलीभगत से रेवड़ी की तरह लोहिया आवास बांट दिए गए हैं। ऐसे लोगों को भी लाभार्थी बना दिया गया है, जिनके पास पक्के मकान और चार पहिया वाहन उपलब्ध हैं। कई ऐसे परिवारों ने भी लोहिया आवास का आवंटन करा लिया है, जिन्हें पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुके हैं। इतना ही नहीं, लाभार्थियों के पासबुक जब्त कर ग्राम प्रधान नियम के खिलाफ ठेके पर आवासों का निर्माण करा रहे हैं। अमर उजाला ने इस घपलेबाजी की परत दर परत खोली तो जिला प्रशासन हरकत में आया। सीडीओ पुलकित खरे ने ब्लॉक स्तर पर मामले की जांच के लिए टीमें गठित कर दीं।
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पिछले हफ्ते जिला विकास अधिकारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में टीम ने बरनी गांव में जांच की थी। टीम ने पाया कि लोहिया आवास की लाभार्थी छबिराजी देवी अपात्र हैं। पक्का मकान और कार होने के बाद भी छबिराजी को आवास का आवंटन किया गया है। इसी तरह अर्जुनपुर गांव में एडीओ की दो सदस्यीय जांच टीम ने लाभार्थी सरोजा देवी को अपात्र के रूप में चिह्नित किया।
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जांच टीम ने पाया कि सरोजा के पास पक्का मकान है और उनके पति जटाशंकर को पूर्व में इंदिरा आवास मिल चुका है। दोनों टीमों की रिपोर्ट पर सीडीओ ने बीडीओ को कार्रवाई का निर्देश दिया। इस पर सोमवार को बीडीआी रक्षिता सिंह ने दोनों अपात्रों के खातों पर रोक लगा दी। अब इस घपले में लिप्त ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एडीओ दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत अधिकारी की मनमानी के बारे में जानकारी दे दी गई है।
अर्जुनपुर की सरोजा देवी और बरनी गांव की छबिराजी देबी को गलत तरीके से लोहिया आवास आवंटित किए गए थे। जांच में इसकी पुष्टि होने पर दोनों के खातों पर रोक लगा दी गई है।- रक्षिता सिंह, बीडीओ