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UP Crime News: सिविल कोर्ट भर्ती परीक्षा में BHU से पकड़े गए सॉल्वर के दो साथी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

Tue, 07 Jan 2025 01:12 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Tue, 07 Jan 2025 01:12 AM IST
सार

सिविल कोर्ट भर्ती परीक्षा में बीएचयू से पकड़े गए सॉल्वर के दो साथी गिरफ्तार किए गए। वहीं अभ्यर्थी और गिरोह के सरगना सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए प्रयागराज में पुलिस की दबिश जारी है। 

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Two associates of solver caught from BHU in civil court recruitment exam arrested in varanasi
पकड़े गए आरोपी - फोटो : पुलिस

विस्तार

उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीकृत भर्ती 2024-25 की परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय बीएचयू से पकड़े गए सॉल्वर के दो साथियों को सोमवार को लंका थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। दोनों की पहचान बिहार के नालंदा जिले के सिंगारहाट सोरसराय के आशीष रंजन कुमार उर्फ पप्पू और झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी के पवन कुमार के रूप में हुई है।
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दोनों के पास से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, ओएमआर शीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड और फर्जी प्रवेश पत्र की प्रतियां बरामद हुई हैं। प्रकरण में अभ्यर्थी और सॉल्वर गिरोह के सरगना व उसके साथियों की तलाश में लंका थाने की पुलिस की दो टीमें प्रयागराज में दबिश दे रही हैं।
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केंद्रीय विद्यालय बीएचयू में शनिवार को उत्तर प्रदेश सिविल कोर्ट स्टाफ केंद्रीकृत भर्ती 2024-25 की परीक्षा आयोजित थी। 

बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पता लगा कि प्रयागराज के मदन मोहन मालवीय रोड का रहने वाला मनीष कुमार अभ्यर्थी है। मगर, उसकी जगह झारखंड के गिरिडीह जिले के तिसरी का सौरभ कुमार परीक्षा दे रहा था। सौरभ को गिरफ्तार कर लंका थाने की पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने आशीष और पवन के बारे में बताया।
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एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी ने बताया कि लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र के नेतृत्व में बीएचयू चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा और पुलिस टीम ने आशीष और पवन को पकड़ा। दोनों ने बताया कि वह परीक्षार्थियों के आधार कार्ड और एडमिट कार्ड पर नाम और फोटो एडिट कर सॉल्वर को बैठाते हैं। दो लोगों की फोटो को मिक्स कर उसे एडिट किया जाता है। एडिटिंग ऐसी की जाती है कि जो सामने रहता है, फोटो उसी की प्रतीत होती है।
 
प्रयागराज का है सरगना, 3.5 लाख में तय होता था सौदा
आशीष और पवन ने पुलिस को बताया कि उनके गिरोह का सरगना प्रयागराज का है। गिरोह के लिए परीक्षार्थी खोजने और सॉल्वर लाने का काम आठ-नौ लोग करते हैं। परीक्षार्थी से एक लाख रुपये परीक्षा के पहले एडवांस लिया जाता है। साथ ही परीक्षार्थी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र लिए जाते हैं। परीक्षा में सफल होने पर परीक्षार्थी से ढाई लाख रुपये और लिया जाता है। उधर, लंका थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरोह के सरगना और उसके साथियों की तलाश में पुलिस टीम की दबिश जारी है। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही अन्य आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
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