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Varanasi: तालाब में डूबने से 12 साल के बच्चे की मौत, छोटे भाई के साथ गया था नहाने, बताया उस दिन क्या हुआ ?

Wed, 10 May 2023 10:57 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 10 May 2023 10:57 AM IST
सार

12 वर्षीय सतीश के छोटे भाई छह वर्षीय शनि ने बताया कि कल दोपहर में हम, सतीश व कल्लू के साथ पोखरे में नहाने गए थे। इसी बीच सतीश डूबने लगा और...

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Twelve year old child died due to drowning in puddle, went to bath with younger brother, told what happened th
मृत बालक सतीश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के सारनाथ क्षेत्र में बेनीपुर पोखरे में डूबने से सतीश (12) की मौत हो गई। घटना का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि बालक का छोटा भाई और उसका दोस्त भी साथ ही नहा रहे थे। लेकिन, दोनों उसे डूबता देख कर घबरा कर घर भाग गए। साथ ही, डांट के डर से परिजनों की किसी से घटना का जिक्र तक नहीं किए। लिहाजा, समय रहते बालक को बचाने का प्रयास नहीं किया जा सका। बुधवार को पोखरे में बालक का शव उतराया देख कर सारनाथ थाने की पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

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जौनपुर जिले के मड़ियाहूं के मूल निवासी शंकर का परिवार बेनीपुर पोखरे के समीप सड़क किनारे झोपड़ी में रहता है। शंकर और उसके परिवार के लोग बांस की डलिया सहित अन्य सामान बना कर बेचने का काम करते हैं। शंकर के बेटे महेंद्र की दो साल पहले कोरोना काल के दौरान मौत हो गई थी।
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महेंद्र की पत्नी सुमन अपने दो बेटियों और दो बेटों के साथ ससुर के पास रहती है। सुमन का 12 वर्षीय बेटा सतीश मंगलवार की दोपहर घर से निकला तो वापस नहीं आया। रात भर उसकी खोजबीन परिजनों ने की, इसके बाद भी उसका पता नहीं लगा।
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बुधवार की सुबह घर के समीप स्थित बेनीपुर पोखरे में एक बच्चे का शव उतराया मिला तो स्थानीय लोगों के साथ ही सारनाथ थाने की पुलिस भी पहुंची। शव की पहचान सतीश के रूप में हुई। सतीश के छोटे भाई छह वर्षीय शनि ने बताया कि मंगलवार की दोपहर वह अपने बड़े भाई और कल्लू के साथ पोखरे में नहाने गया था। नहाने के दौरान ही सतीश डूबने लगा तो वह और कल्लू डर के मारे वहां से भाग आए। डांट पड़ने के डर से दोनों ने किसी को कुछ नहीं बताया और चुपचाप रहे। उधर, सतीश का शव मिलने के बाद सुमन की हालत बेसुधों जैसी है। परिजन बड़ी ही मुश्किल से उसे संभाले हुए थे।

स्कूल की शिक्षिकाएं पहुंची ढांढस बंधाने

सतीश रमदत्तपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार में पढ़ता था। बेनीपुर पोखरे में डूबने से उसकी मौत की सूचना पाकर स्कूल की शिक्षिका नीतू सिंह और क्षमा यादव उसके घर पहुंची। दोनों ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। दोनों शिक्षिकाओं ने बताया कि सतीश पढ़ने में अच्छा था।

इस तरह की घटना देख बच्चे सहम जाते हैं। वह कुछ बोल पाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। इस मामले में ऐसा ही हुआ होगा। माता-पिता या अभिभावक को बच्चों से संवाद बनाकर रखना चाहिए। इससे उनके अंदर अपनेपन का अहसास बना रहेगा। कुछ भी बताने से नहीं डरेंगे। - प्रो. संजय गुप्ता, मनोचिकित्सक, बीएचयू

बच्चों के साथ अभिभावकों का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जो उन्हें भयमुक्त और अपनत्व का बोध कराता रहे। वह कुछ भी कहने से न डरें। इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है। ऐसा दबाव नहीं बनाना चाहिए, जिससे कि बच्चे की अंत:क्रिया बाधित हो। इससे सारनाथ जैसी घटना की पुनरावृत्ति होती है। - प्रो. रविप्रकाश पांडेय, समाजशास्त्री

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