{"_id":"5a1953854f1c1b97678bdb7f","slug":"triangular-fight-in-mayor-election-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस मेयर के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, जानिए वार्डों में क्या है राजनीतिक दलों की स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस मेयर के लिए त्रिकोणीय मुकाबला, जानिए वार्डों में क्या है राजनीतिक दलों की स्थिति
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 25 Nov 2017 05:24 PM IST
विज्ञापन
voter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बने वाराणसी नगर निगम के चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। भाजपा, कांग्रेस, सपा के अलावा बसपा, सुहेलदेव भासपा और एक निर्दल समेत कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं।
प्रचार अभियान थमने के बाद घर-घर जाकर मतदाताओं को रिझाने की मशक्कत में जुटे उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन समीकरणों की बिसात पर बाजी किसके हाथ लगेगी, यह मतगणना के बाद ही तय हो पाएगा।
हालांकि अब तक के चुनावी माहौल और रुझानों के आधार पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर उभरकर सामने आई है। सियासी रणनीतिकार मानते हैं कि चुनाव में पार्टियों के परंपरागत वोटों के साथ ही जातिगत समीकरण भी भूमिका निभाएंगे।
विज्ञापन
राजनीति में दिलचस्पी न रखने वाले सामान्य मतदाताओं का रुझान भी अहम साबित होगा। महापौर पद की प्रत्याशियों में भाजपा से मृदुला जायसवाल हैं जबकि कांग्रेस से शालिनी यादव और सपा से साधना गुप्ता। बसपा से सुधा चौरसिया, सुहेलदेव भासपा से आरती पटेल के अलावा निर्दल अनीता गुप्ता चुनाव मैदान में हैं।
विज्ञापन
प्रचार अभियान थमने के बाद घर-घर जाकर मतदाताओं को रिझाने की मशक्कत में जुटे उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन समीकरणों की बिसात पर बाजी किसके हाथ लगेगी, यह मतगणना के बाद ही तय हो पाएगा।
विज्ञापन
हालांकि अब तक के चुनावी माहौल और रुझानों के आधार पर त्रिकोणीय मुकाबले की तस्वीर उभरकर सामने आई है। सियासी रणनीतिकार मानते हैं कि चुनाव में पार्टियों के परंपरागत वोटों के साथ ही जातिगत समीकरण भी भूमिका निभाएंगे।
विज्ञापन
राजनीति में दिलचस्पी न रखने वाले सामान्य मतदाताओं का रुझान भी अहम साबित होगा। महापौर पद की प्रत्याशियों में भाजपा से मृदुला जायसवाल हैं जबकि कांग्रेस से शालिनी यादव और सपा से साधना गुप्ता। बसपा से सुधा चौरसिया, सुहेलदेव भासपा से आरती पटेल के अलावा निर्दल अनीता गुप्ता चुनाव मैदान में हैं।
अलग-अलग वार्डों में अलग-अलग समीकरण
voter
अलग-अलग वार्डों में अलग-अलग समीकरण देखने को मिल रहे हैं। कुछ वार्डों में छोटे दल और निर्दल भी टक्कर में हैं जबकि सभी वार्डों को मिलाकर बात की जाए तो त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है।
मुस्लिम बहुल वार्डों में भाजपा को हराने वाले किसी भी दल के प्रत्याशी को मुस्लिम वोट कर सकते हैं। इन वार्डों में वोटों का बंटवारा सपा, कांग्रेस और बसपा के बीच हो सकता है।
सियासी रणनीतिकारों की नजर मतदान प्रतिशत पर भी है। माना जा रहा है कि मतदान का ग्राफ बढ़ा तो उसका लाभ भाजपा को हो सकता है। भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि कहते हैं कि महापौर के साथ ही वार्डों में भी 60 से अधिक सीटें भाजपा जीतेगी।
जबकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा का दावा है कि उनकी पार्टी महापौर पद के साथ ही अधिकतर वार्डों में भी जीत हासिल करेगी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव और महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल का कहना है कि सपा एक नंबर पर है। बाकी दल दूसरे और तीसरे नंबर की लड़ाई में हैं।
मुस्लिम बहुल वार्डों में भाजपा को हराने वाले किसी भी दल के प्रत्याशी को मुस्लिम वोट कर सकते हैं। इन वार्डों में वोटों का बंटवारा सपा, कांग्रेस और बसपा के बीच हो सकता है।
सियासी रणनीतिकारों की नजर मतदान प्रतिशत पर भी है। माना जा रहा है कि मतदान का ग्राफ बढ़ा तो उसका लाभ भाजपा को हो सकता है। भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि कहते हैं कि महापौर के साथ ही वार्डों में भी 60 से अधिक सीटें भाजपा जीतेगी।
जबकि, कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा का दावा है कि उनकी पार्टी महापौर पद के साथ ही अधिकतर वार्डों में भी जीत हासिल करेगी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव और महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल का कहना है कि सपा एक नंबर पर है। बाकी दल दूसरे और तीसरे नंबर की लड़ाई में हैं।