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ट्रायलः बलिया से वाराणसी के बीच 100 की रफ्तार से दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 25 Mar 2018 06:00 PM IST
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सीआरएस ने लिया कार्य का जायजा, मिली कई खामियां
- फोटो : अमर उजाला
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बलिया से वाराणसी और जफराबाद से खेतासराय के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का स्पीड ट्रायल किया गया। दोनो ही रेल खंड पर इलेक्ट्रिक इंजन 100 की रफ्तार से दौड़े।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो हाल ही में विद्युतिकृत हुए दोनो ही रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक इंजन संचालन के लिए तैयार हैं। हालांकि सीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर ही इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन शुरू हो पाएगा।
बलिया रेलवे स्टेशन से शनिवार की शाम पांच बजकर 58 मिनट पर चला इलेक्ट्रिक इंजन तीन घंटे में सारनाथ पहुंच गया। हालांकि इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने में अभी 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
सीआरएस की रिपोर्ट दो से तीन दिन में आ जाएगी। उधर, जफराबाद से खेतासराय के बीच कई खामियां मिलीं हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने उन्हें तत्काल दूर करने का निर्देश दिया है। वाराणसी-बलिया रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है।
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22 मार्च से शुरू हुए सीआरएस निरीक्षण के अंतिम दिन, शनिवार को सिटी स्टेशन से रेल संरक्षा आयुक्त एसके पांडेय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारी डीजल रेल इंजन से बलिया रवाना हुए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर मिली कमियों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन में अभी एक पखवारा लग सकता है।
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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो हाल ही में विद्युतिकृत हुए दोनो ही रेल ट्रैक इलेक्ट्रिक इंजन संचालन के लिए तैयार हैं। हालांकि सीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दो से तीन दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर ही इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन शुरू हो पाएगा।
बलिया रेलवे स्टेशन से शनिवार की शाम पांच बजकर 58 मिनट पर चला इलेक्ट्रिक इंजन तीन घंटे में सारनाथ पहुंच गया। हालांकि इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ने में अभी 10 से 15 दिन लग सकते हैं।
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सीआरएस की रिपोर्ट दो से तीन दिन में आ जाएगी। उधर, जफराबाद से खेतासराय के बीच कई खामियां मिलीं हैं जिन्हें दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने उन्हें तत्काल दूर करने का निर्देश दिया है। वाराणसी-बलिया रेलखंड पर विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया है।
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22 मार्च से शुरू हुए सीआरएस निरीक्षण के अंतिम दिन, शनिवार को सिटी स्टेशन से रेल संरक्षा आयुक्त एसके पांडेय व मंडल के वरिष्ठ अधिकारी डीजल रेल इंजन से बलिया रवाना हुए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर मिली कमियों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। इलेक्ट्रिक ट्रेन के संचालन में अभी एक पखवारा लग सकता है।
विद्युत प्वाइंट की जांच की
इससे पहले सीआरएस नंदगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां उन्होंने विद्युत प्वाइंट की जांच की। इसके बाद वह करीब 12 बजे गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां इलेक्ट्रिक के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने शहबाजकुली, यूसुफपुर, ढोंढाडीह स्टेशनों पर विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण किया।
वह यूसुफपुर स्टेशन पर दोपहर दो बजे वाराणसी मंडल के डीआरएम एसके झा के साथ विशेष निरीक्षण यान से पहुंचे। सभी प्वाइंटों की जांच के बाद वह बलिया रवाना हो गए। दोपहर साढ़े तीन बजे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के सिलसिले में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) बलिया स्टेशन पर पहुंचे।
शाम छह बजे बलिया से इलेक्ट्रिक इंजन वाराणसी के लिए चला। 100 की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया। लगभग नौ बजे ट्रेन सारनाथ पहुंची। अधिकारियों ने निरीक्षण को सफल बताया।
दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ जाने के बाद वाराणसी सिटी-बलिया के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन शुरू हो जाएगा। उधर, उत्तर रेलवे के जफराबाद से खेतासराय के बीच हुए विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) शैलेश कुमार पाठक और डीआरएम सतीश कुमार ने किया।
इन दो स्टेशनों के बीच 100 की रफ्तार से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। जफराबाद से होते हुए सीसीआरएस जौनपुर जंक्शन के बाद मेहरांवा से खेतासराय पहुंचे। करीब छह घंटे तक जांच करने के बाद उन्होंने कार्य पर असंतोष जताया और खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।
वह यूसुफपुर स्टेशन पर दोपहर दो बजे वाराणसी मंडल के डीआरएम एसके झा के साथ विशेष निरीक्षण यान से पहुंचे। सभी प्वाइंटों की जांच के बाद वह बलिया रवाना हो गए। दोपहर साढ़े तीन बजे इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के सिलसिले में रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) बलिया स्टेशन पर पहुंचे।
शाम छह बजे बलिया से इलेक्ट्रिक इंजन वाराणसी के लिए चला। 100 की रफ्तार से स्पीड ट्रायल किया गया। लगभग नौ बजे ट्रेन सारनाथ पहुंची। अधिकारियों ने निरीक्षण को सफल बताया।
दो से तीन दिन में रिपोर्ट आ जाने के बाद वाराणसी सिटी-बलिया के बीच इलेक्ट्रिक इंजन का संचालन शुरू हो जाएगा। उधर, उत्तर रेलवे के जफराबाद से खेतासराय के बीच हुए विद्युतीकरण कार्य का निरीक्षण मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) शैलेश कुमार पाठक और डीआरएम सतीश कुमार ने किया।
इन दो स्टेशनों के बीच 100 की रफ्तार से इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। जफराबाद से होते हुए सीसीआरएस जौनपुर जंक्शन के बाद मेहरांवा से खेतासराय पहुंचे। करीब छह घंटे तक जांच करने के बाद उन्होंने कार्य पर असंतोष जताया और खामियों को दूर करने के निर्देश दिए।