वाराणसीः गुलमोहर, कचनार और अशोक जैसे पेड़ों से गंगा किनारे गांवों के मुख्यमार्ग का होगा सौंदर्यीकरण
किसान की मांग और विभागीय लक्ष्य को पूरा करने के लिए 31 लाख पौधें किए गए तैयार, इस बार पर्यावरण के लिए साइकस प्रजाति और किसानों के लिए फलदार पौधें मुख्य है।
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जिसमें इस बार पर्यावरण के लिए साइकस प्रजाति और किसानों के लिए फलदार पौध मुख्य है। इसके लिए 4000 ब्रिगार्ड (ईंट से बना ट्री गार्ड) भी तैयार किए जा चुके है। पिछले साल 14 लाख पौधारोपण अभियान के बाद सत्र 2021-22 में वृहद पौधारोपण अभियान की तैयारी है। इस बार वनविभाग सहित 22 विभागों द्वारा 17 लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य है।
प्रभागीय वनाधिकारी महावीर काजलगी ने बताया कि इस सत्र पर्यावरण और किसानों की मांग के अनुरूप वृहद पौधरोपण की तैयारी की गई है। पर्यावरण के बेहतरी के लिए इस बार ज्यादा से ज्यादा साइकस प्रजाति के पौधरोपण की किए जाएंगे।
जिसमें पीपल, बरगद और पाकड़ मुख्य होंगे। इसके अलावा इस बार कई योजनाओं के तहत किसानों की मांग के मुताबिक फल और औषधीय युक्त पौधारोपण कराने की तैयारी है। इस बार किसानों काे आम, अमरूद, सहजन, सागौन पौध दिए जाएंगे।
इसके अलावा इस बार पंचकोसी मार्ग पर कचनार, गुलमोहर जैसे पौध रोपण के बाद इस सत्र में गंगा किनारे बसे गांव मुख्यमार्गों पर अशोक, कचनार, गुलमोहर जैसे पौधरोपण कर मार्गों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। इसके 4000 ब्रिग गार्ड तैयार किये गए है।