फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Trees formed union in varanasi Kathal Gupta bargad Singh Jamun Choubey expressed pain

पेड़ों ने बनाया यूनियन: कटहल गुप्ता, बरगद सिंह, जामुन चौबे ने सुनाई पीड़ा, बोले- हम जीवन देते हैं हमें बचाओ

Thu, 05 Jun 2025 06:32 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Thu, 05 Jun 2025 06:32 PM IST
सार

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पेड़ बचाने के लिए बच्चों ने अनोखे अभियान में हिस्सा लिया। पेड़ों के यूनियन बनाकर धरा की हरियाली को बचाने रखने की अपील की गई। बच्चों और बड़ों ने लोगों को जागरूक किया।

विज्ञापन
Trees formed union in varanasi Kathal Gupta bargad Singh Jamun Choubey expressed pain
पेड़ों ने यूनियन बनाकर मांगा अपना हक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

World Environment Day: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशाल भारत संस्थान ने पेड़ों को मानवीय भावनाओं के साथ उनके दर्द को उजागर करने के लिए वृक्ष चीत्कार मार्च निकाला। जहां सभी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं, वहीं वर्षों से वृक्ष भी अत्याचार सह रहे हैं, जबकि इनका जीवन मानव सभ्यता के लिए है।

विज्ञापन


बावजूद इसके इंसान इन पेड़ों को खत्म करने पर तुला हुआ है। जब इनकी नहीं सुनी गई, तो तब थक हारकर पेड़ों ने अपना यूनियन बना लिया। अपने दर्द को दुनिया तक पहुंचाने के लिए वृक्ष यूनियन के सदस्य चीत्कार मार्च निकालकर अपना दर्द बताया और इंसानों के भविष्य पर प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया।
विज्ञापन


पेड़ों के नवनिर्वाचित अध्यक्ष पीपल पांडेय ने कहा कि हम धरती पर आये ही हैं दूसरों के जीवन को बचाने के लिए। ऑक्सीजन न दें तो इंसान सांस न ले पाए। एक इंसान को जीवन भर में करोड़ों रुपये का ऑक्सीजन देते हैं, फिर भी हमें काट दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

Trees formed union in varanasi Kathal Gupta bargad Singh Jamun Choubey expressed pain
पेड़ बोल- हम धरा पर जीवन देने आए हैं लेकिन हमें ही काटा जा रहा है। - फोटो : अमर उजाला

इन्हीं इंसानों के पूर्वज हमारी पूजा करते थे, जब तक हम पूजे गए, तब तक ऑक्सीजन के लिए पैसा नहीं देना पड़ा। बंद करो आरी का वार, नहीं सहेंगे अत्याचार। कटहल गुप्ता, बरगद सिंह, जामुन चौबे ने कह दिया कि अब जंगल खत्म कर रहे हो तो गांवों और मुहल्लों में तो रहने दो।

संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव ने कहा कि वृक्ष यूनियन के माध्यम से पेड़ों के दर्द को उजागर किया जाएगा। ये पेड़-पौधे हमारे परिवार व जीवन का हिस्सा हैं। इनको अलग करना मतलब अपने जिंदगी से खिलवाड़ करना है। पौधा न लगाओ, लेकिन काटो तो मत। पूर्वजों के रास्तों पर चलकर हम पृथ्वी और पर्यावरण की रक्षा कर सकते है।

संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अर्चना भारतवंशी ने कहा कि पेड़ अपने होने का एहसास करा रहे हैं। पड़ों से ही मानव जीवन बचा है। इनको भी अपने परिवार का हिस्सा बनाये। इस अनोखे मार्च में डॉ. नजमा परवीन, ज्ञान प्रकाश, सत्यम राय, संजय भारद्वाज, अमित राजभर, सत्यम सिंह, अंकित राय, रीता, माया, पार्वती, लक्ष्मीना, मैना, सुनीता, अर्चना, धनेसरा, ममता, सरोज, अंजू, विद्या, इली भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता भारतवंशी, पौरवी, शिखा, रिया, आकांक्षा आदि लोग शामिल हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed