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बीएचयू अस्पताल : हाथ में पर्चा लेकर सुबह से हो जाती है शाम

Tue, 21 Mar 2023 06:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 21 Mar 2023 06:57 PM IST
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treatment of kidney disease patients in the department of nephrology is dependent on a doctor
नोट - वर्जन आना बाकी है।
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अमर उजाला पड़ताल
फोटो
- एक डॉक्टर के भरोसे है नेफ्रोलॉजी विभाग में गुर्दा रोग के मरीजों का इलाज
- बीएचयू अस्पताल के नेफ्रोलॉजी ओपीडी का हाल, मरीज हो रहे परेशान

माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बीएचयू अस्पताल में गुर्दा रोग से पीड़ित मरीजों को ओपीडी में परामर्श के साथ ही जांच के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसका कारण केवल एक डॉक्टर के भरोसे ही नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी संचालित हो रही है। ऐसे में युवाओं के साथ ही बुजुर्ग भी ओपीडी के बाहर हाथ में पर्चा लेकर डॉक्टर से मिलने के इंतजार में बैठे रहते हैं। मंगलवार को ओपीडी में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला।
सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के भूतल पर चलने वाली नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट की ओपीडी में हर दिन पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के साथ ही बिहार आदि से 200-250 मरीज आते हैं। स्थिति यह है कि दूरदराज से आने वाले मरीज सुबह ही ओपीडी में आ जाते हैं। पर्चा जमा करने के बाद किसी का नंबर घंटे भर बाद आता है तो किसी को दो से चार घंटे का इंतजार करना पड़ता है।
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डॉ. शिवेंद्र करते हैं चार दिन ओपीडी
नेफ्रोलॉजी विभाग में जानकारी के मुताबिक तीन पद स्वीकृत हैं लेकिन, लंबे समय से दो पद खाली चल रहे हैं। इस समय केवल डॉ. शिवेंद्र सिंह हैं, जिन पर मरीजों की ओपीडी में परामर्श, जांच के साथ ही डायलिसिस की भी जिम्मेदारी है। डॉ. सिंह सप्ताह में चार दिन सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार को ओपीडी में मरीज देखते हैं। इसके बाद वार्ड में भर्ती मरीजों को देखने के साथ ही डायलिसिस की भी जिम्मेदारी है।
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डायलिसिस के लिए प्रतीक्षा सूची में 100 से 150 मरीज
बीएचयू में डायलिसिस कराने के लिए 100 से 150 मरीजों का नाम प्रतीक्षा सूची में हैं। इसके पीछे वजह डॉक्टर की कमी के साथ ही मशीनों की कमी को भी माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो इस समय 17 मशीनें हैं, जिस पर डायलिसिस होती है। एक मरीज की डायलिसिस में तीन से चार घंटे का समय लगता है, जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ रही हैं, उसके हिसाब से अगर 8 से 10 मशीनें और आ जाएं तो मरीजों को राहत होगी।


केस-1
बीएचयू नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में मंगलवार को डॉक्टर को दिखाने आए एक 42 वर्षीय मरीज ने सुबह 10 बजे पर्चा जमा किया। बताया कि तब तक 50 से अधिक पर्चा जमा हो गए थे। दोपहर करीब 12.30 बजे नंबर आया तो किसी तरह डॉक्टर को दिखा सके।

केस-2
मिर्जापुर निवासी 55 वर्षीय मरीज अपने बेटे के साथ सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक पहुंचे। पर्चा जमा करने के करीब घंटे भर बाद नंबर आया। इसके बाद अंदर डॉक्टर ने डायलिसिस कराने की सलाह दी। बताया कि ओपीडी में मौजूद कर्मचारी ने बताया कि डायलिसिस कराने की तिथि लेनी पड़ेगी, जब नंबर आएगा तभी डायलिसिस होगी।
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