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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Treatment in government hospitals no longer free patients will to spend between ₹50 and ₹400 in varanasi

मरीजों की बढ़ी चिंता: सरकारी अस्पतालों में इलाज अब निशुल्क नहीं, खर्च करने होंगे 50 से 400 रुपये

Mon, 15 Jun 2026 05:46 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 15 Jun 2026 05:46 PM IST
सार

सरकारी अस्पतालों में भी इलाज कराना अब आसान नहीं होगा। एक ही इलाज के लिए अलग-अलग फीस और बिना रुपये प्लास्टर भी लगेगा नहीं। यूजर चार्ज के नाम पर फीस ले रहे हैं। 

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Treatment in government hospitals no longer free patients will to spend between ₹50 and ₹400 in varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock Photo

विस्तार

एक ही इलाज के लिए अलग-अलग फीस, बिना रुपये प्लास्टर भी नहीं लगेगा, यूजर चार्ज के नाम पर ले रहे फीस

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सर्जरी, प्राइवेट वार्ड सहित अन्य सुविधाओं का भी रेट तय, महिला अस्पताल में भी 400 रुपये में सर्जरी

सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर अब मरीजों को एक नई फीस का भुगतान करना होगा। ओपीडी और इमरजेंसी में डॉक्टर को दिखाने के लिए एक रुपये की पर्ची तो कटेगी, लेकिन इसके बाद विभिन्न जांचों, सर्जरी, प्लास्टर, प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाओं के लिए 50 रुपये से लेकर 400 रुपये तक की फीस देनी पड़ सकती है। यह यूजर चार्ज के नाम पर ली जा रही फीस मरीजों के लिए चिंता का विषय बन गई है।

जिले के प्रमुख सरकारी अस्पतालों (दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल रामनगर और स्वामी विवेकानंद अस्पताल) के साथ-साथ पीएचसी और सीएचसी में भी यह नई व्यवस्था लागू की गई है। 
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इन अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन 6 हजार से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और खून जैसी कुछ जांचें अभी भी निशुल्क मिल रही हैं, लेकिन गंभीर बीमारियों के इलाज में सर्जरी या हड्डी टूटने पर प्लास्टर चढ़ाने जैसी प्रक्रियाओं के लिए मरीजों को पहले निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। हृदय संबंधी समस्याओं के लिए ईसीजी कराने पर भी 50 रुपये का शुल्क देना होगा।

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अगल-अलग अस्पतालों में अलग-अलग शुल्क
खास बात यह है कि एक ही तरह की सुविधा के लिए अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग शुल्क दरें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, सड़क दुर्घटना में हड्डी टूटने पर प्लास्टर के लिए 250 रुपये से लेकर 400 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।

प्राइवेट वार्ड की सुविधाओं पर सवाल
सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध प्राइवेट वार्डों की सुविधाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में जहां प्राइवेट वार्ड के लिए 400 रुपये प्रतिदिन शुल्क लिया जा रहा है, वहां एसी की सुविधा के बावजूद आधे से अधिक कमरों में एसी काम नहीं कर रहा है। वहीं, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में 160 रुपये प्रतिदिन शुल्क वाले प्राइवेट वार्ड में एसी के बजाय केवल कूलर की व्यवस्था है। महिला अस्पताल में फिलहाल कोई प्राइवेट वार्ड नहीं है, लेकिन अन्य सर्जरी के लिए माइनर सर्जरी पर 68 रुपये और मेजर सर्जरी पर 400 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है।

विभिन्न अस्पतालों में विभिन्न सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क

  • सेवा मंडलीय अस्पताल जिला अस्पताल महिला अस्पताल
  • प्लास्टर 250/400 रुपये 268 रुपये 
  • सर्जरी (माइनर) 50 रुपये 68 रुपये 68 रुपये
  • सर्जरी (मेजर) 250 रुपये 400 रुपये 400 रुपये
  • प्राइवेट वार्ड 160 रुपये/दिन 400 रुपये/दिन लागू नहीं
  • ईसीजी 50 रुपये 50 रुपये  
  • फिजियोथेरेपी निशुल्क 50 रुपये 

 

सरकारी अस्पतालों में प्लास्टर, सर्जरी, प्राइवेट वार्ड आदि के लिए फीस का निर्धारण किस नियमावली से किया गया है। अलग-अलग फीस क्यों हैं। इस बारे में अस्पतालों के सीएमएस/एसआईसी के साथ बैठकर बात की जाएगी। अगर शासन की ओर से फीस का निर्धारण है तो सभी जगहों पर एक ही फीस लिया जाए, इसको सुनिश्चित कराने के लिए शासन के निर्देशानुसार पहल की जाएगी। -डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य

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