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पीडीडीयू नगर स्टेशन पर अजीब तमाशा, ड्यूटी को लेकर ट्रेन छोड़कर भिड़े चालक, जमकर हुआ हंगामा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
Updated Tue, 20 Nov 2018 10:23 AM IST
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ड्यूटी को लेकर चालकों में विवाद से ट्रेन हुई लेट
- फोटो : अमर उजाला
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मुगलसराय मंडल के पीडीडीयू नगर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को अजीब सा तमाशा नजर आया। सिकंदराबाद से दानापुर जा रही डाउन सिकंदराबाद एक्सप्रेस के चालकों के बीच यहां ड्यूटी को लेकर भिड़ गए। इसी दौरान जुटे चालकों ने अधिकारियों पर मनमाने तरीके से ड्यूटी लगाने का आरोप लगाया और इंजन के आगे खडे़ होकर प्रदर्शन किया। आरपीएफ, जीआरपी और स्टेशन अधीक्षक ने मामले का निपटारा किया। विवाद के चलते ट्रेन 35 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही।
सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को दोपहर बाद तीन बजकर 35 मिनट पर स्टशेन पहुंची। इसे दानापुर के चालक अजय कुमार और सहायक चालक लेकर आए थे। इसके बाद मुगलसराय मंडल का चालक लाल बाबू ड्यूटी लेने पहुंचा। लेकिन, अजय ने चार्ज नहीं दिया। बताया कि उसे ही ट्रेन लेकर दानापुर तक जाना है।
उसके पास क्रू नियंत्रक का आदेश है। जबकि लाल बाबू ने बताया कि यहां से उसकी ड्यूटी लगाई गई है। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर अन्य चालक भी पहुंच गए और अधिकारियों पर मनमाने तरीके से ड्यूटी देने का आरोप लगाया।
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सभी चालक इंजन के आगे खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। फिर सहायक स्टेशन मास्टर और जीआरपी पहुंची। यहां दोनों चालकों के आदेश के कागजात देखे गए। इसके बाद डिप्टी एसएस की पहल पर लाल बाबू को चार्ज दिलाया गया और अजय कुमार को उतारा गया।
सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन सोमवार को दोपहर बाद तीन बजकर 35 मिनट पर स्टशेन पहुंची। इसे दानापुर के चालक अजय कुमार और सहायक चालक लेकर आए थे। इसके बाद मुगलसराय मंडल का चालक लाल बाबू ड्यूटी लेने पहुंचा। लेकिन, अजय ने चार्ज नहीं दिया। बताया कि उसे ही ट्रेन लेकर दानापुर तक जाना है।
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उसके पास क्रू नियंत्रक का आदेश है। जबकि लाल बाबू ने बताया कि यहां से उसकी ड्यूटी लगाई गई है। इसको लेकर दोनों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर अन्य चालक भी पहुंच गए और अधिकारियों पर मनमाने तरीके से ड्यूटी देने का आरोप लगाया।
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सभी चालक इंजन के आगे खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे। फिर सहायक स्टेशन मास्टर और जीआरपी पहुंची। यहां दोनों चालकों के आदेश के कागजात देखे गए। इसके बाद डिप्टी एसएस की पहल पर लाल बाबू को चार्ज दिलाया गया और अजय कुमार को उतारा गया।
सात कछुआ के साथ एक गिरफ्तार
राजकीय रेलवे पुलिस ने चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक के पश्चिमी छोर दोपहर एक बजे एक को सात कछुआ संग गिरफ्तार किया। कछुओं को जौनपुर से हावड़ा ले जाया जा रहा था। जीआरपी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत तस्कर के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर संदिग्धों की जांच पड़ताल कर रही थी। दोपहर एक बजे जीआरपी कर्मी प्लेटफार्म संख्या एक के पश्मिची छोर पर पहुंचे तो एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। उसके बैग की तलाशी ली गई तो बैग में कछुआ मिला। इस पर उसे पकड़ कर कोतवाली लाकर जांच पड़ताल की गई। यहां बैग में मिले कछुओं की गिनती की गई तो वे सात मिले।
कछुओं का वजन करीब पचास किलो मिला। पूछताछ में तस्कर ने अपना नाम अर्जुन विश्वास निवासी चौबीस परगना श्रीनगर हावड़ा बताया। उसने बताया कि वह जौनपुर से कछुआ हावड़ा ले जा रहा था। उसने बताया कि ठंड आते ही कछुओं की डिमांड बढ़ गई है। कछुओं की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है।
जीआरपी पीडीडीयू प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि कछुआ बरामदगी की सूचना वन विभाग को दिया गया। तस्कर को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9/51 के तहत चालान कियागया है।
अधिकारियों के निर्देश पर जीआरपी स्थानीय रेलवे स्टेशन पर संदिग्धों की जांच पड़ताल कर रही थी। दोपहर एक बजे जीआरपी कर्मी प्लेटफार्म संख्या एक के पश्मिची छोर पर पहुंचे तो एक संदिग्ध व्यक्ति दिखा। उसके बैग की तलाशी ली गई तो बैग में कछुआ मिला। इस पर उसे पकड़ कर कोतवाली लाकर जांच पड़ताल की गई। यहां बैग में मिले कछुओं की गिनती की गई तो वे सात मिले।
कछुओं का वजन करीब पचास किलो मिला। पूछताछ में तस्कर ने अपना नाम अर्जुन विश्वास निवासी चौबीस परगना श्रीनगर हावड़ा बताया। उसने बताया कि वह जौनपुर से कछुआ हावड़ा ले जा रहा था। उसने बताया कि ठंड आते ही कछुओं की डिमांड बढ़ गई है। कछुओं की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है।
जीआरपी पीडीडीयू प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि कछुआ बरामदगी की सूचना वन विभाग को दिया गया। तस्कर को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9/51 के तहत चालान कियागया है।