फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Traditions are shrinking fo nag panchami in varanasi Mahuar was performed

सिमट रहीं परम्पराएं: इस बार नहीं सुनाई दी बड़े गुरु का छोटे गुरु का नाग लो भई नाग..., निभाई गई महुअर की परंपरा

Sat, 10 Aug 2024 06:35 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 10 Aug 2024 06:35 PM IST
सार

Varanasi News: नागपंचमी पर इस बार काफी परंपराएं नहीं दिखीं। पहले गलियों में बच्चे बड़े गुरु और छोटे गुरु के चित्र लेकर उसे बेचने के लिए आ जाते थे। पूरी गली में बड़े गुरु का छोटे गुरु का नाग लो भाई नाग लो... का नाजा गूंज उठता था। कई वर्षों से यह परंपरा सिमटती जा रही है।

विज्ञापन
Traditions are shrinking fo nag panchami in varanasi Mahuar was performed
कारकोट नागेश्वर मंदिर के नागकुंड में पूजन करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नब्बे के दशक में पौ फटते ही बड़े गुरु का छोटे गुरु का नाग लो भई नाग..., बच्चों की ये खनकती आवाज काशी के हर एक गली-मोहल्ले में सुनाई देती थी। लेकिन अब एकाध जगह छोड़ कहीं भी नहीं सुनाई दी। काशी में उत्सवधर्मिता ही इसे इतना जीवंत बनाती है कि पूरी दुनिया इसकी कायल है। नागराज वासुकि को तो काशी में घर-घर पूजा गया लेकिन उत्सवप्रियता का मिजाज नदारद रहा।

विज्ञापन


चारों ओर तंत्र मंत्र भूत भभूत का साया
चारों ओर तंत्र मंत्र भूत भभूत का साया और एक दूसरे पर भस्म फेंककर जख्मी करने की ताकत का प्रदर्शन। सनातन धर्म इंटर कॉलेज के प्रांगण में शुक्रवार को महुअर की परंपरा निभाई गई। एक दूसरे को संभालने की ताकीद देते हुए मंत्रों की मार से चोटिल लोगों को देखकर भीड़ हैरान हो रही थी। पारंपरिक खेलों में शुमार महुअर के खेल में मदारी और खिलाड़ी एक-दूसरे पर मंत्रों के जरिए जमकर वार करते रहे।

विज्ञापन

अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभम् च कम्बलम....
अनंतं वासुकिं शेषं पद्मनाभम् च कम्बलम, शांखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा, एतानि नवनामानि नागानां च महात्मनाम्...। इन मंत्रों के साथ नागपंचमी के अनुष्ठान आरंभ हुए। घर-घर लोगों ने दूध और लावा अर्पित करके नाग देवता का आह्वान किया। 

नागकूप पर कर्कोटेश्वर महादेव की आराधना के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित शहर के सभी शिवालयों में भी भक्तों ने दूध, जल और लावा अर्पित कर नागदेवता का पूजन किया।

शुक्रवार को भोर में मंगला आरती के बाद से ही शहर के मंदिरों में नागपंचमी के अनुष्ठान शुरू हो गए। घरों में नागदेवता के पूजन के लिए अनुष्ठान किए गए। घरों के प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक के दरवाजों पर नागदेवता के चित्र उकेरे गए। जैतपुरा स्थित नागकूप पर सबसे अधिक भक्तों की भीड़ रही। 

नागकूप के जल से स्नान के बाद भक्तों ने कर्कोटेश्वर महादेव का दर्शन करके कालसर्प दोष से मुक्ति का आशीष मांगा। इसके साथ ही मणिकर्णिका तीर्थ पर शेषनाग से भक्तों ने मनोकामना पूर्ति और रोगों को दूर करने की कामना की। 

सिंधिया घाट और काशीपुरा चौराहे पर वासुकी नाग का दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा मणिकर्णिकेश्वर के बगल में कांबल और अश्वतर, बड़ी पियरी औघड़ नाथ तकिया के बगल में तक्षक और दारानगर में शंखचूड़ के दर्शन पूजन कर भक्तों ने कालसर्पदोष मुक्ति का आशीष मांगा। 

वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी मंगला आरती से शयन आरती तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। डेढ़ लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।

Traditions are shrinking fo nag panchami in varanasi Mahuar was performed
नागकुंड में पूजन करते श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला

नागकूप की नमामि गंगे ने उतारी आरती
नाग पंचमी पर नमामि गंगे ने प्राचीन नागकूप स्थित कर्कोटेश्वर महादेव और नाग देवता की आरती उतारी। श्रद्धालुओं के बीच जल संरक्षण की कामना से स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान सुमित्रो अग्रवाल, पूनम शुक्ला एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे ।

नागपंचमी पर मां कुष्मांडा देवी का हुआ झूला शृंगार
दुर्गाकुंड स्थित मां शैलपुत्री के स्वरूप मां कूष्मांडा देवी के मंदिर में नागपंचमी पर शुक्रवार को मां का भव्य झूला शृंगार किया गया। मंदिर के पं. ऋषभ दुबे ने झूला शृंगार किया। मंदिर के महंत संजू दुबे ने कहां कि मां कूष्मांडा देवी के मंदिर में माता के कई स्वरूपों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed