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यह कैसी पुलिस जांच, पहले तोड़-फोड़ फिर महिलाओं के साथ की बदसलूकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Tue, 27 Mar 2018 12:52 PM IST
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पीड़ित महिला
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस को देखकर लोगों को सुरक्षा का भाव महसूस होता है। लेकिन वही पुलिस जब ज्यादती करने पर उतर आए तो लोगों के मन में डर बैठ जाता है। ऐसा ही द्रश्य उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में देखने को मिला। यहां पर पुलिस जांच के नाम पर लोगों के घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की गई। यही नहीं महिलाओं और युवतियों के साथ बदसलूकी भी की गई।
जिले के शहर कोतवाली के रौजा और जलनिगम स्थित बनवासी बस्ती में रविवार की देर रात विभिन्न थानों की पुलिस ने घेराबंदी कर छानबीन की। इस दौरान लोगों के घरों में घुसकर बक्सों का ताला तोड़ा।
आभूषण और 75 हजार रुपये नगदी लेकर चली गई। यही नहीं महिलाओं और युवतियों के साथ बदसलूकी की। पुलिस ने डकैती के मामले में 29 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस की ज्यादती के बाद बनवासी बस्ती की महिलाओं ने अपना दर्द आम जनता और मीडिया के सामने रखा।
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बता दें कि नोनहरा थाना क्षेत्र के खालिसपुर में 22 मार्च की रात हुई साढ़े 22 लाख रुपये की डकैती के खुलासे के लिए उच्चाधिकारियों के बढ़ते दबाव की वजह से रविवार की रात कई थानों की पुलिस ने एक साथ रौजा और जलनिगम स्थित बनवासी बस्ती में घुसकर जांच की। आरोप है कि पुलिस टीम बस्ती से 75 हजार रुपये नगदी एवं आभूषण लूट कर फर्जी खुलासे की तैयारी कर चुकी है।
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जिले के शहर कोतवाली के रौजा और जलनिगम स्थित बनवासी बस्ती में रविवार की देर रात विभिन्न थानों की पुलिस ने घेराबंदी कर छानबीन की। इस दौरान लोगों के घरों में घुसकर बक्सों का ताला तोड़ा।
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आभूषण और 75 हजार रुपये नगदी लेकर चली गई। यही नहीं महिलाओं और युवतियों के साथ बदसलूकी की। पुलिस ने डकैती के मामले में 29 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस की ज्यादती के बाद बनवासी बस्ती की महिलाओं ने अपना दर्द आम जनता और मीडिया के सामने रखा।
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बता दें कि नोनहरा थाना क्षेत्र के खालिसपुर में 22 मार्च की रात हुई साढ़े 22 लाख रुपये की डकैती के खुलासे के लिए उच्चाधिकारियों के बढ़ते दबाव की वजह से रविवार की रात कई थानों की पुलिस ने एक साथ रौजा और जलनिगम स्थित बनवासी बस्ती में घुसकर जांच की। आरोप है कि पुलिस टीम बस्ती से 75 हजार रुपये नगदी एवं आभूषण लूट कर फर्जी खुलासे की तैयारी कर चुकी है।
ड्रम में रखे अनाज को भी नहीं छोड़ा
बिखरा पड़ा सामान
- फोटो : अमर उजाला
उधर रौजा बनवासी बस्ती की महिलाओं का आरोप है कि रविवार की देर रात 11 बजे के करीब 50 से 60 की संख्या में पुलिस कर्मी अचानक पहुंच गए और बस्ती में जांच के नाम पर ज्यादती की।
महिलाओं और युवतियों के साथ मारपीट की। इसके बाद पुरुषों को हिरासत में लेकर उनकी झोपड़ियों में रखे बक्से का ताला तोड़कर जमकर लूटपाट की। इतना ही नहीं ड्रम में रखे अनाज को भी उन्होंने नहीं छोड़ा। पुलिस के इस कृत्य को देख सभी के होश उड़ गए।
इसके बाद पुलिस रौजा और जलनिगम बस्ती में 29 लोगों को हिरासत में लेकर रवाना हो गई। सुबह बस्तियों में बिखरे सामान पुलिसिया ज्यादती के साफ प्रमाण भी दे रहे थे। संदेह के आधार पर बनवासी बस्तियों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था।
एसपी सोमेन वर्मा का कहना है कि पूछताछ के बाद कुछ लोगों को छोड़ दिया गया है। पुलिस ने लूटपाट और तोड़फोड़ नहीं की। कुछ सामान पुलिस टीम द्वारा कब्जे में लिए गए थे, चोरी के न होने पर वापस कर दिए गए हैं।
महिलाओं और युवतियों के साथ मारपीट की। इसके बाद पुरुषों को हिरासत में लेकर उनकी झोपड़ियों में रखे बक्से का ताला तोड़कर जमकर लूटपाट की। इतना ही नहीं ड्रम में रखे अनाज को भी उन्होंने नहीं छोड़ा। पुलिस के इस कृत्य को देख सभी के होश उड़ गए।
इसके बाद पुलिस रौजा और जलनिगम बस्ती में 29 लोगों को हिरासत में लेकर रवाना हो गई। सुबह बस्तियों में बिखरे सामान पुलिसिया ज्यादती के साफ प्रमाण भी दे रहे थे। संदेह के आधार पर बनवासी बस्तियों से कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था।
एसपी सोमेन वर्मा का कहना है कि पूछताछ के बाद कुछ लोगों को छोड़ दिया गया है। पुलिस ने लूटपाट और तोड़फोड़ नहीं की। कुछ सामान पुलिस टीम द्वारा कब्जे में लिए गए थे, चोरी के न होने पर वापस कर दिए गए हैं।