टोक्यो ओलंपिक 2021: वाराणसी के कोच छोटेलाल ने बताया- ओलंपिक में नए दाव से मैरीकॉम करेंगी प्रहार, गले में चमकेगा सोना
मैरीकॉम को 2017 के एशियन चैंपियनशिप में, 2018 के विश्व चैंपियनशिप और 2018 के कामनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक दिलाने वाले छोटेलाल यादव के नाम भी कई पदक हैं।
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भारत की स्टार महिला मुक्केबाज और छह बार की विश्व चैंपियन मैरीकॉम ने टोक्यो ओलंपिक में जीत के साथ आगाज किया है। रविवार को मैरीकॉम ने 51 किग्रा भारवर्ग के पहले दौर में डोमिनियन रिपब्लिक की खिलाड़ी हर्नांडिज गार्सिया को 4-1 से शिकस्त दी। इस जीत से पूरे देश के साथ उनके कोच और वाराणसी के रहने वाले छोटेलाल यादव भी बहुत खुश हैं।
मैरीकॉम के कोच और वाराणसी के बरेका से जुड़े छोटेलाल ने बताया कि पहली जीत के बाद अब मुक्केबाज मैरीकॉम की नजर कोलंबिया की खिलाड़ी से होने वाले मुकाबले पर हैं। यह प्री क्वार्टर मैच है, इसमें जीत के साथ ही वह क्वार्टर मुकाबले में चली जाएंगी। दूसरे मुकाबले में वह नई रणनीति के साथ रिंग में उतरेंगी और अपने मुक्के से विपक्षी खिलाड़ी को धूल चटाएंगी। उनका कहना है कि मैरीकॉम निश्चित प्री क्वार्टर फाइनल में शानदार जीत दर्ज करेंगी। यही नहीं ओलंपिक में उनके गले में सोना भी चमकेगा।
मैरीकॉम का मुकाबला कोलंबिया की खिलाड़ी इनग्रिट वेलेंसिया से 29 जुलाई को होना है। जीत के लिए वह अपना पसीना बहा रही हैं। छोटे लाल ने बातचीत में बताया कि दूसरे मुकाबले में जीत की रणनीति बना ली गई है। इसका असर मुकाबले के दौरान दिखेगा। नई रणनीति के तहत ही प्रशिक्षण चल रहा है। जो भी थोड़ी बहुत कमियां रह गई थी, उसे दूर कर लिया गया है। मैरीकॉम पूरे जोश के साथ मुकाबले में उतरेंगी।
आठ साल से प्रशिक्षण दे रहे हैं छोटेलाल
मेडल से दो जीत दूर मैरी कॉम को छोटे लाल आठ साल से प्रशिक्षण दे रहे हैं। इनके प्रशिक्षण में मैरीकॉम 2017 के एशियन चैंपियनशिप में, 2018 के विश्व चैंपियनशिप और 2018 के कॉमनवेल्थ खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इन्हीं अनुभवों को छोटे आजमाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं।
छोटे लाल पहली बार किसी ओलंपिक में बतौर कोच पहुंचे है, उनकी पूरी कोशिश है कि मैरीकॉम सोना लेकर वतन लौटे। पहले मुकाबले में मैरीकॉम के शानदार प्रदर्शन से वह बहुत उत्साहित हैं। छोटे लाल 2015 से 2020 तक भारतीय महिला टीम, आर्मी टीमों को 22 बार प्रशिक्षित कर मेडल दिलवा चुके हैं।