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शौचालय निर्माण में अब धांधली नहीं, मॉनीटरिंग होगी सेटेलाइट से, मोबाइल एप से लोड होगी फोटो

Thu, 15 Jun 2017 05:00 PM IST
amarujala.com- Written by: एनडी राय
amarujala.com- Written by: एनडी राय Updated Thu, 15 Jun 2017 05:00 PM IST
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toilet construction  will be monitor through satellite
मोबाइल एप से लोड होगी फोटो - फोटो : SELF
अब शौचालयों के निर्माण में धांधली करना आसान नहीं होगा। प्रत्येक शौचालयों की मॉनीटरिंग सेटेलाइट के जरिए होगी। भारत सरकार की ओर से निर्धारित एमएसबीएम (मॉनीटरिंग ऑफ स्वच्छ भारत मिशन) ऐप से ही शौचालयों का डाटा रखा जाएगा।
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पंचायती राज विभाग ने इस बाबत कार्रवाई शुरू कर दी है।  पिछले एक दशक से अधिक समय से स्वच्छता बनाए रखने के लिए भारत सरकार की ओर से शौचालयों के निर्माण पर जोर है। अलग-अलग योजनाओं के तहत हर साल जिले को शौचालयों के निर्माण के लिए करोड़ों की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन शौचालयों के निर्माण में धांधली कर धनराशि के बंदरबांट की अक्सर ही शिकायतें मिलती रहती है।
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इसके अलावा जो शौचालय बनाए जाते हैं वह भी मानक के अनुरुप नहीं होते हैं। वर्तमान में सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन योजना का संचालन किया जा रहा है और प्रति शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की धनराशि भी उपलब्ध कराई जा रही है।
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वर्ष 2016-17 में 33 हजार 523 शौचालयों के निर्माण के लिए पंचायती राज विभाग को कुल 40 करोड़ 22 लाख 76 हजार की धनराशि भी उपलब्ध कराई गई है। शौचालयों के निर्माण में होने वाली धांधली पर नकेल कसने की तैयारी सरकार ने कर ली है और अब गांवों में बनने वाले प्रत्येक शौचालय का डाटा सेटेलाइट में रहेगा।

सरकार की ओर से इसके लिए एमएसबीएम ऐप भी लांच कर दिया है। इसी के जरिए शौचालयों की फीडिंग फोटो सहित की जाएगी। जिला पंचायत राज अधिकारी की मानें तो शासन के निर्देश पर शौचालयों की फीडिंग एमएसबीएम ऐप के जरिए करने का काम भी शुरु कर दिया है। 

मोबाइल एप के जरिए लोड होगी फोटो 
 शौचालयों की प्रगति के बाबत फोटो सहित फीडिंग के लिए एंड्रायड मोबाइल का प्रयोग किया जाएगा। सबसे पहले मोबाइल में एमएसबीएम ऐप को डाउनलोड कर मोबाइल का ईएमआईई नंबर रजिस्टर्ड होने के बाद ऐप को इंस्टॉल किया जाएगा।

ऐप के इंस्टॉल होने के बाद उसमें प्रदर्शित मैप में स्थान का चयन कर फोटोग्राफी कर लोड किया जाएगा। इसमें लाभार्थी का नाम पता भी अंकित करना होगा। सेटेलाइट के माध्यम से प्रदर्शित अक्षांश व देशांतर को भी अंकित किया जाएगा। 

फीडिंग होने के बाद धांधली करना नहीं होगा आसान

toilet construction  will be monitor through satellite
सरकारी पैसे से बने शौचालयों में कहीं दीवार नहीं, तो कहीं दरवाजे - फोटो : अमर उजाला
बलिया जिले में पिछले कई सालों से शौचालयों के निर्माण में धांधली कर सरकार धन का बंदरबांट किया जा रहा है। अधिकांश मामले ठंडे बस्ते में हैं लेकिन कुछ में कार्रवाई भी हुई।

उदाहरण के तौर पर बैरिया ब्लॉक के दयाछपरा गांव में शौचालय निर्माण में धांधली व 28.459 लाख के गबन में तो तीन लोगोें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है और डीएम ने प्रधान के अधिकारों पर रोक भी लगा दी है। लेकिन इस ऐप के माध्यम से फीडिंग करने पर धांधली करना आसान नहीं होगा।

बताया जाता है कि ऐप में अक्षांश तथा देशांतर के साथ ही नाम व पता पर दोबारा फीडिंग नहीं हो सकेगी। लिहाजा एक ही नाम पर होने वाले शौचालयों के ‘खेल’ पर लगाम लग जाएगा। 

शौचालयों की फीडिंग का काम अब एमएसबीएम ऐप के माध्यम से ही किया जाएगा। इस बाबत सभी सचिवों को निर्देश जारी कर दिया गया है। लाभार्थियों का भी अब यूनिक कोड होगा।   - राकेश कुमार यादव, डीपीआरओ, बलिया
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