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आज धम्म चेतना यात्रा को रवाना करेंगे राजनाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 24 Apr 2016 02:21 AM IST
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गृहमंत्री राजनाथ सिंह
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डॉ. भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में सारनाथ में आयोजित धम्म चेतना यात्रा को गृहमंत्री राजनाथ सिंह रविवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह यात्रा सारनाथ से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के सभी बौद्ध स्थलों से होते हुए 14 अक्तूबर को लखनऊ में समाप्त होगी। माना जा रहा है कि डॉ. अंबेडकर से जुड़े पांच स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में घोषित कर चुके प्रधानमंत्री के इस सपने को गृहमंत्री राजनाथ सिंह तथागत की उपदेश स्थली सारनाथ से झंडी दिखाकर इसे पंख लगाएंगे।
अखिल भारतीय बौद्ध भिक्षु संघ के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम माध्यम से मोदी के पंचतीर्थों एवं उनके आदर्शों एवं मानवीय मूल्यों की जानकारी जनजन तक पहुंचाना है। दरअसल पिछले दिनों पीएम मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में घोषित किया था। इनमें मध्य प्रदेश स्थित गांव महु, नागपुर, मुंबई और लंदन समेत पांच स्थान शामिल हैं। महु गांग में अंबेडकर का जन्म हुआ था। नागपुर में उन्होंने दीक्षा, लंदन में शिक्षा और मुंबई में वकालत और दलितों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आंदोलन शुरू किया था।
उनके इसी पंचतीर्थ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बौद्ध अनुयायियों एवं केंद्र की ओर से आयोजित इस धम्म चेतना यात्रा निकाली जा रही है। इसमें देशभर के बौद्ध स्थलों लुंबिनी, श्रावस्ती, बोधगया, कौशांबी, कुशीनगर के प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं के अलावा उत्तर कोरिया, जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, म्यामार आदि देशों के अनुयायी इसमें शामिल होंगे। पूर्व सांसद धम्म वीर्यो ने बताया कि डॉ. अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में यात्रा निकालने की इच्छा प्रधानमंत्री से जाहिर की थी।
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अखिल भारतीय बौद्ध भिक्षु संघ के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम माध्यम से मोदी के पंचतीर्थों एवं उनके आदर्शों एवं मानवीय मूल्यों की जानकारी जनजन तक पहुंचाना है। दरअसल पिछले दिनों पीएम मोदी ने अंबेडकर के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में घोषित किया था। इनमें मध्य प्रदेश स्थित गांव महु, नागपुर, मुंबई और लंदन समेत पांच स्थान शामिल हैं। महु गांग में अंबेडकर का जन्म हुआ था। नागपुर में उन्होंने दीक्षा, लंदन में शिक्षा और मुंबई में वकालत और दलितों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए आंदोलन शुरू किया था।
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उनके इसी पंचतीर्थ को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बौद्ध अनुयायियों एवं केंद्र की ओर से आयोजित इस धम्म चेतना यात्रा निकाली जा रही है। इसमें देशभर के बौद्ध स्थलों लुंबिनी, श्रावस्ती, बोधगया, कौशांबी, कुशीनगर के प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं के अलावा उत्तर कोरिया, जापान, थाईलैंड, श्रीलंका, म्यामार आदि देशों के अनुयायी इसमें शामिल होंगे। पूर्व सांसद धम्म वीर्यो ने बताया कि डॉ. अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में यात्रा निकालने की इच्छा प्रधानमंत्री से जाहिर की थी।
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