काशी पुराधिपति की नगरी में विराजेंगे तिरुपति बालाजी, मुख्य मंदिर की तरह यहां भी होगा यह खास नजारा
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काशी पुराधिपति की नगरी में तिरुपति के स्वामी बालाजी का विग्रह और मंदिर स्थापित किया जाएगा। काशी के अलावा मुंबई में भी तिरुपति मंदिर की अनुकृति स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। तिरुपति बालाजी मंदिर ट्रस्ट ने दोनों स्थानों पर इसके लिए जमीन की तलाश भी तेज कर दी है। ट्रस्ट की वार्षिक बैठक में काशी और मुंबई में बालाजी मंदिर बनवाने का प्रस्ताव पारित हुआ है।
बालाजी मंदिर ट्रस्ट के सदस्य वीएनपी वेंकटेश सहयोगियों के साथ जमीन की तलाश के लिए काशी प्रवास पर हैं। ट्रस्ट के सदस्य ने बताया कि काशी में तिरुपति बालाजी के मंदिर निर्माण के लिए चार एकड़ से अधिक जमीन की तलाश की जा रही है। मंदिर बनवाने में 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए एक वर्ष का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बनने वाला यह मंदिर तिरुपति के मंदिर से आकार में छोटा होगा। मंदिर में पूजन के लिए दक्षिण भारत के ही पुजारी नियुक्त किए जाएंगे। मंदिर परिसर में धर्मशाला और मंदिर के अर्चक व सेवादारों के लिए आवास का भी निर्माण किया जाएगा।
प्रवेश द्वार पर होगी छड़ी की अनुकृति
काशी में बनने वाले तिरुपति बालाजी के मंदिर के मुख्य द्वार पर मुख्य मंदिर के द्वार की तरह ही छड़ी का स्वरूप भी होगा। वेंकटेश ने बताया कि तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य दरवाजे के दाईं ओर एक छड़ी है। मंदिर के पुजारियों का कहना है कि बचपन में इसी छड़ी से बालाजी की पिटाई हुई थी। पिटाई के दौरान उनकी ठुड्डी पर चोट लगी थी। इसी आधार पर बालाजी के विग्रह की ठुड्डी पर चंदन लगाने की परंपरा आरंभ हुई।
काशी विश्वनाथ मंदिर में लगे दो आरओ प्लांट
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में मकर संक्रांति पर दो आरओ प्लांट लगाए गए हैं। एक प्लांट मंदिर परिसर के रानी भवानी उत्तरी गेट के पास और दूसरा प्लांट गेट नंबर चार के प्रवेश द्वार पर लगाया गया है। मशीन का शुभारंभ मंदिर के कार्यपालक विशाल सिंह ने किया। आरओ प्लांट से श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा।