फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   tiger enter into vilaage of mirzapur, by attack one person inj

मिर्जापुर एक गांव में बाघ के आने से मचा हड़कंप, अधेड़ को किया जख्मी

Fri, 17 Mar 2017 09:56 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मिर्जापुर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मिर्जापुर Updated Fri, 17 Mar 2017 09:56 PM IST
विज्ञापन
tiger enter into vilaage of mirzapur, by attack one person inj
tiger - फोटो : अमर उजाला
मिर्जापुर जिले के  शिष्टाकला महुवारी गांव में शुक्रवार की दोपहर एक बाघ के आ जाने से हड़कंप मच गया। ग्रामीण लाठी आदि लेकर उसे भगाने पहुंचे तो उसने हमला बोल दिया। उसके हमले में सेवालाल (58) घायल हो गए। बाद में बाघ फिर अरहर के खेत में घुस गया।
विज्ञापन


वन विभाग के अधिकारियों ने फोर्स के साथ मौके पर पहुंच कर मुआयना किया। रेंजर ने पदचिह्न और जानवर को देखकर देखकर उसके बाघ होने की पुष्टि की। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हैं। 
विज्ञापन


शुक्रवार की दोपहर शिष्टा कला गांव के प्राथमिक विद्यालय के कुछ बच्चों ने स्कूल के बाहर अरहर के खेत में बाघ को देखा तो शिक्षक साकेत बिहारी पांडेय को इसकी सूचना दी। शिक्षक भी उनके साथ वहां गए और बाघ को देखा तो ग्रामीणों को इसके बारे में बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों को तत्काल घर भेजा। इसके बाद लाठी-डंडे से लैस होकर ग्रामीण खेत के पास पहुंचे। तभी बाघ ने ग्राम प्रधान बच्चेलाल के चाचा सेवालाल (58) पर हमला बोल दिया और उनके चेहरा नोच लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर बाघ फिर खेतों में घुस गया।

लोगों की सूचना सीओ मड़िहान केपी सिंह, पड़री के रेंजर आशु पाठक व मड़िहान के रेंजर आरसी पाठक, विंढमफाल के आरपी यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। 

शाम होते ही पसरा सन्नाटा, घरों में कैद हुए लोग

tiger enter into vilaage of mirzapur, by attack one person inj
हमले में सेवालाल (58) घायल - फोटो : अमर उजाला
शिष्टाकला महुवारी गांव में शुक्रवार की सुबह आम दिनों की तरह ही थी। दोपहर 12 बजे गांव के प्राथमिक स्कूल के कुछ बच्चों द्वारा स्कूल के दक्षिण ओर अरहर के खेत में बाघ के आने की सूचना के बाद पूरे गांव का माहौल बदल गया। बच्चे घरों की ओर भागे और बड़े खेत की ओर।

जिसे जो मिला लाठी डंडा गड़ासा आदि लेकर दौड़ पड़े। एक ग्रामीण को घायल कर बाघ के फिर खेत में छिप जाने से पूरा गांव दहशत में रहा। वन विभाग के अधिकारियों के गांव में पहुंच जाने से लोगों को थोड़ी राहत तो रही पर सांस अटकी ही रही कि क्या होगा जो बाघ पकड़ा नहीं गया। 


बता दें कि  शुक्रवार की दोपहर महुवारी पहाड़ी की ओर से एक बाघ गांव में पहुंच गया। दिन में 12 बजे प्राथमिक विद्यालय शिष्टा कला के कुछ बच्चे विद्यालय के बाहर दक्षिण ओर अरहर के खेत के पास गए। वहां दूर पर बाघ को देखा तो शोर मचाते हुए भाग कर स्कूल आए और अध्यापक साकेत बिहारी पांडेय से सारी बात बताई। गुरुजी ने पहले इसे बच्चों का भ्रम और मजाक समझा। मगर वह उनके साथ वहां गए तो बाघ देख उनके होश उड़ गए।

उन्होंने बच्चों को घर भेज तत्काल इसकी जानकारी गांववालों को दी। इसके बाद ग्रामीण लाठी-डंडे से लैस होकर खेत के पास पहुंचे। कुछ लोग बाघ को देखने के लिए अरहर के खेत के करीब पहुंचे तो उसने हमला कर ग्राम प्रधान बच्चेलाल के चाचा सेवालाल के चेहरे को नोच लिया।

इस दौरान ग्रामीणों के शोर मचाने से घबराया बाघ वापस खेत में छुप गया। बाघ की सूचना सीओ मड़िहान केपी सिंह, पड़री के रेंजर आशु पाठक व मड़िहान के रेंजर आरसी पाठक, विंढमफाल के आरपी यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed