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मरीजों के पैरों में बेड़ियां: मानसिक इलाज के नाम पर देते थे गैस की दवा; दम घुटने से मौत मामले में बड़ा खुलासा
Tue, 30 Apr 2024 09:26 AM IST
शाहरुख खान
अंकुर शुक्ला, अमर उजाला, गाजीपुर
अंकुर शुक्ला, अमर उजाला, गाजीपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 30 Apr 2024 09:26 AM IST
सार
गाजीपुर में सहारा जन कल्याण मेंटल हॉस्पिटल अवैध तरीके से संचालित हो रहा था। यहां मरीजों के पैर में बेड़ियां बांधते थे। मानसिक इलाज के नाम पर गैस की दवा देते थे। इलाज के नाम पर 70 से 80 हजार वसूले जाते थे। भोजन के लिए प्रति माह छह हजार अलग से लेते थे।
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मरीजों को बेड़ियों में बांधा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गाजीपुर की जमानिया कोतवाली क्षेत्र के मदनपुरा रोड के किनारे अवैध तरीके से संचालित सहारा जन कल्याण मेंटल हॉस्पिटल (मानसिक चिकित्सालय) में मरीजों को बंदियों से भी कड़ी सजा दी जाती थी। भर्ती करने के साथ पैर में लोहे की मोटी बेड़ी डालते थे।
उन्हें एक शटर के अंदर कमरों में बंद रखा जाता था। इलाज के नाम पर गैस की दवा देते थे। यह खुलासा यहां बंद मिले लोगों ने किया है। एक दशक से चल रहे इस अवैध अस्पताल के बारे में स्वास्थ्य विभाग अनजान था।
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विभाग का दावा है जमानिया क्या पूरे जिले में मेंटल हॉस्पिटल नहीं है, जबकि यह अस्पताल जमानिया सीएचसी से करीब तीन और पीएचसी से छह किमी दूर पर संचालित है। इसके बारे में आसपास के जिलों के अलावा बिहार तक के लोगों को जानकारी थी।
78 हजार में इलाज, 6 हजार खाने का
इस अस्पताल में बंद सभी छह मरीज खुद को स्वस्थ्य बता रहे हैं। ये भी बताया कि यहां हमें दवा और खाना मिलता है। कुछ भी गलत करने पर डंडे से पीटा जाता है। एक माह से भर्ती और दोनों पैर में बेड़ियों से जकड़े विक्की कुमार (21) को देखने बिहार से आए पिता बिगाहूं राम ने बताया कि नशे की तल छुड़ाने के लिए बेटे को यहां भर्ती कराया है। पूरा इलाज के लिए 78 हजार में बात हुई थी। छह हजार हर महीने खाने का अलग देता हूं।
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उन्हें एक शटर के अंदर कमरों में बंद रखा जाता था। इलाज के नाम पर गैस की दवा देते थे। यह खुलासा यहां बंद मिले लोगों ने किया है। एक दशक से चल रहे इस अवैध अस्पताल के बारे में स्वास्थ्य विभाग अनजान था।
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विभाग का दावा है जमानिया क्या पूरे जिले में मेंटल हॉस्पिटल नहीं है, जबकि यह अस्पताल जमानिया सीएचसी से करीब तीन और पीएचसी से छह किमी दूर पर संचालित है। इसके बारे में आसपास के जिलों के अलावा बिहार तक के लोगों को जानकारी थी।
78 हजार में इलाज, 6 हजार खाने का
इस अस्पताल में बंद सभी छह मरीज खुद को स्वस्थ्य बता रहे हैं। ये भी बताया कि यहां हमें दवा और खाना मिलता है। कुछ भी गलत करने पर डंडे से पीटा जाता है। एक माह से भर्ती और दोनों पैर में बेड़ियों से जकड़े विक्की कुमार (21) को देखने बिहार से आए पिता बिगाहूं राम ने बताया कि नशे की तल छुड़ाने के लिए बेटे को यहां भर्ती कराया है। पूरा इलाज के लिए 78 हजार में बात हुई थी। छह हजार हर महीने खाने का अलग देता हूं।
जांच के दौरान गैस की दवा मिली है। लोगों को बेवकूफ बनाया जा रहा था। अस्पताल बंद कराया जाएगा। भर्ती मरीज के परिजनों की भी जांच होगी, क्योंकि जिन्हें पागल बताया जा रहा है वे बातचीत में स्वस्थ्य दिख रहे हैं। -डॉ. रविरंजन, केंद्र प्रभारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जमानिया
अस्पताल संचालक और उसका बेटा गिरफ्तार
सहारा जन कल्याण मेंटल हॉस्पिटल में हाथ में बेड़ी पहनाते समय गर्दन दब जाने से मरीज विकास कुमार की हुई मौत के मामले में उपनिरीक्षक सुरेश कुमार मौर्या के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी विजय नारायण पाठक और उसके पुत्र सुनील पाठक को जमानिया रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।
सहारा जन कल्याण मेंटल हॉस्पिटल में हाथ में बेड़ी पहनाते समय गर्दन दब जाने से मरीज विकास कुमार की हुई मौत के मामले में उपनिरीक्षक सुरेश कुमार मौर्या के नेतृत्व में पुलिस ने सोमवार को मुख्य आरोपी विजय नारायण पाठक और उसके पुत्र सुनील पाठक को जमानिया रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।