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मिर्जापुरः जिंदगी की जंग हार गई मासूम रूपांजलि, 12 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया शव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:03 AM IST
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बच्ची को बचाने का प्रयास करते जवान
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के मिर्जापुर में 50 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन वर्षीय बच्ची रूपांजलि जिंदगी की जंग में हार गई। बच्ची को बचाने के लिए एनडीआरएफ की टीम ने काफी मेहनत की मगर उसको बचाया नहीं जा सका।
एनडीआरएफ की टीम ने 12 घंटे बाद मंगलवार को सुबह चार बजे बच्ची का शव बाहर निकाला। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रशासनिक अमले की शिथिलता सामने आई।
बता दें कि जिले के सहरसा गांव में सोमवार को खेलते समय मासूम रूपांजलि 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। घटना की सूचना पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी।
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बनारस से 11 एनडीआरएफ की 25 सदस्यीय टीम भी पहुंची थी। रात नौ बजे बोरवेल में आक्सीजन की पाइप डाली गई जिसे बच्ची ने पकड़ लिया। इससे सबको राहत मिली थी कि बच्ची सकुशल है। लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
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एनडीआरएफ की टीम ने 12 घंटे बाद मंगलवार को सुबह चार बजे बच्ची का शव बाहर निकाला। मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद प्रशासनिक अमले की शिथिलता सामने आई।
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बता दें कि जिले के सहरसा गांव में सोमवार को खेलते समय मासूम रूपांजलि 50 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई थी। घटना की सूचना पर पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी।
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बनारस से 11 एनडीआरएफ की 25 सदस्यीय टीम भी पहुंची थी। रात नौ बजे बोरवेल में आक्सीजन की पाइप डाली गई जिसे बच्ची ने पकड़ लिया। इससे सबको राहत मिली थी कि बच्ची सकुशल है। लेकिन बच्ची को बचाया नहीं जा सका।
चार घंटे बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
इसी बोरवेल में गिरी बालिका
- फोटो : अमर उजाला
बोरवेल में गिरी बालिका को जीवनरक्षक प्रणाली उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने काफी देर लगाई। घटना के करीब चार घंटे बाद टीम मौके पर पहुंची तब तक बालिका के रोने की आवाज बंद हो चुकी थी।
सहरसा गांव निवासी नजीर ने तीन माह पूर्व बोरवेल मशीन से अपने घर के पास बोरिंग कराई थी। 50 फीट बोरिंग करने के बावजूद पानी नहीं निकला तो बोरिंग करनेवाले भी उसे बगैर ढके ही छोड़कर चले गए।
सोमवार की शाम चार बजे नजीर के पड़ोसी सूरज कोल की तीन वर्षीय पुत्री रूपांजलि खेलते समय बोर में गिर गई। इससे उसके साथ में खेल रही अन्य बालिकाएं घबरा गईं। उनके शोर मचाने पर घरवाले और आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे।
बोरिंग में झांका तो रूपा दिखाई नहीं पड़ी लेकिन उसके रोने की आवाज आ रही थी। घटना की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को दी गई थी।
सहरसा गांव निवासी नजीर ने तीन माह पूर्व बोरवेल मशीन से अपने घर के पास बोरिंग कराई थी। 50 फीट बोरिंग करने के बावजूद पानी नहीं निकला तो बोरिंग करनेवाले भी उसे बगैर ढके ही छोड़कर चले गए।
सोमवार की शाम चार बजे नजीर के पड़ोसी सूरज कोल की तीन वर्षीय पुत्री रूपांजलि खेलते समय बोर में गिर गई। इससे उसके साथ में खेल रही अन्य बालिकाएं घबरा गईं। उनके शोर मचाने पर घरवाले और आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे।
बोरिंग में झांका तो रूपा दिखाई नहीं पड़ी लेकिन उसके रोने की आवाज आ रही थी। घटना की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को दी गई थी।