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वाराणसी : तीन पीढ़ियां पहली बार आई थीं सार्वजनिक मंच पर, पद्मभूषण पं. देबू चौधरी का काशी और संकटमोचन संगीत समारोह से गहरा नाता था

Sun, 02 May 2021 12:53 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 02 May 2021 12:53 AM IST
सार

पिछले साल लॉकडाउन में पहली बार  पुत्र व पोते के साथ ऑनलाइन ही लगाई थी संकटमोचन में हाजिरी, पं. देवब्रत चौधरी के निधन से संगीतकार व संगीत प्रेमियों में शोक की लहर

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Three generations had come to the public stage for the first time, Padmabhushan Pt. Debu Chaudhary had a deep connection with the Kashi and Sankatmochan Music Festival
पद्मभूषण पं. देबू चौधरी । फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सेनिया घराने के पद्मभूषण पं. देबू चौधरी का काशी और संकटमोचन संगीत समारोह से गहरा नाता था। वह लगातार कई सालों से संकटमोचन के दरबार में हाजिरी लगाने आते थे। पिछले साल लॉकडाउन के कारण उन्होंने पहली बार तीन पीढ़ियों के साथ सार्वजनिक मंच पर प्रस्तुति दी थी।

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संकटमोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने बताया कि पद्मभूषण पं. देबू चौधरी अपने पुत्र पं. प्रतीक चौधरी व पौत्र अधिराज चौधरी के साथ नई दिल्ली से जुड़े थे। उन्होंने सितार की झंकार से प्रभु की अभ्यर्थना की। तीन पीढिय़ों की पहली सार्वजनिक प्रस्तुति ने हर किसी को विभोर कर दिया था। पं. चौधरी के निधन से काशी के संगीत प्रेमियों में भी शोक व्याप्त है।
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कोरोना से संक्रमित 85 वर्षी पं. देवब्रत चौधरी ने शनिवार की शाम को अंतिम सांस ली। उनके पुत्र सितारवादक  प्रतीक चौधरी ने फोन करके इसकी जानकारी संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वम्भरनाथ मिश्र को दी। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष डॉ. राजेश्वर आचार्य ने ने बताया कि पं. देबू चौधरी के व्यक्तित्व में संगीत के प्रयोग एवं शिक्षण दोनों आयाम का समन्वय था। वह एक रससिद्ध कलाकार थे, संगीत जगत ने एक और अनमोल रत्न खो दिया। उनके निधन पर सितार वादक पं. शिवनाथ मिश्र, डॉ. वीरेंद्र मिश्र, पं. देवव्रत मिश्र, पखावज वादक पंचम शुक्ला, तबला वादक पं. अमित शंकर त्रिवेदी ने शोक व्यक्त किया।

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