यूपी : पुलिस के डर से कर्मनाशा नदी में कूदे तीन पशु तस्कर, पानी कम होने से गिरे जमीन पर, मौत
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में तीन पशु तस्कर पुलिस के बचने के लिए कर्मनाशा नदी में कूद गए। जिससे तीनों की मौत हो गई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना सूचना दिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
जानकारी के अनुसार, चंदौली जिले में चकिया कोतवाली पुलिस के डर से चकिया-इलिया मार्ग पर मंगरौर कर्मनाशा नदी पुल से मैजिक वाहन छोड़कर पशु तस्कर कर्मनाशा नदी में कूद गए थे। इस दौरान चकिया थाना क्षेत्र के घुरहुपुर गवां के जिसमें बाढु(25), चंदेश(19) और जौनपुर के रहने वाले दीपक(28) की मौत हो गई। खोजबीन के बाद पुलिस ने तीनों के शव बरामद कर लिए।
पुलिस के अनुसार, मंगलवार की रात पिकअप वाहन से पशु तस्कर 8 पशुओं को लेकर बिहार के रास्ते से हाटा जा रहे थे। इस दौरान वह कर्मनाशा नदी के पुल पर पहुंचे। संकरा पुल होने के चलते दोनों ओर से वाहन आ जाने पर पशु तस्करों का वाहन फंस गया। किसी की सूचना पर जाम हटाने पहुंची 112 पुलिस के वाहन की आवाज सुनकर उन्होंने खुद को पुलिस द्वारा घेराबंदी होने की आशंका जताई। डर के मारे तीनों पशु तस्करों ने वाहन छोड़कर कर्मनाशा नदी में छलांग लगा दी।
खोजबीन के बाद तीनों को बाहर निकाला। जानकारी के बाद कोतवाली पुलिस पहुंच गई और तीनों को लेकर जिला संयुक्त चिकित्सालय ले आई। यहां बाढु राजभर और दीपक को मृत घोषित कर दिया था। वहीं, चंद्रेश राजभर की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना को लेकर आनन-फानन कोतवाली पुलिस ने पशु तस्करों के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय भेज दिया।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस के अभियान के क्रम में छापेमारी के बीच पशु तस्कर बेबस होकर नदी में कूद पड़े, जिससे उनकी जान चली गई । घटना की जानकारी होते ही बुधवार को डीआईजी वाराणसी एसके भगत पुलिस अधीक्षक, अमित कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान शहाबगंज, बबुरी और इलिया की पुलिस मौजूद रही।
डीआईजी वाराणसी एसके भगत ने बताया कि घटनास्थल की जांच की गई है। डर की वजह से पशु तस्कर वाहन छोड़कर कर्मनाशा नदी में कूद गए थे। नदी में पानी कम था और जमीन पर जा गिरे। जिससे उनकी मौत हो गई है। पशु तस्करी में लिप्त बिना नंबर की पिकअप जौनपुर के शाहगंज से रजिस्ट्रेशन होने की सूचना मिल रही है। मामले में पूरी जांच की जा रही है।
पुलिस के घेराबंदी से गई बेटों की जान
घुरहुपुर गांव के निवासी पशु तस्कर बाढु राजभर के पिता रामविलास ने कहा कि बेटे को ऐसे छोटे कामों को करने से मना किया था। लेकिन वह नहीं माना। वहीं बाढु के चचेरे भाई चंद्रेश(19) के पिता श्रीनिवास ने कहा कि ऐसे काम करने की जानकारी हमें नहीं थी। परिवार को न बता कर किसी के बहकावे में आकर उन्होंने ऐसा काम पहली बार किया था। उन्होंने कहा कि पुलिस की घेराबंदी से डर कर बेटे ने कर्मनाशा नदी में बेबस होकर छलांग लगा दी। जिससे उसकी जान चली गई। आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई ठीक नहीं है।