फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   There was no problem on the infected after getting the vaccine

टीका लगवाने के बाद भी हुए संक्रमित, पर नहीं हुई परेशानी

Mon, 14 Jun 2021 02:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jun 2021 02:00 AM IST
विज्ञापन
There was no problem on the infected after getting the vaccine
जिले में कोरोना टीकाकरण कराने के बाद भी बहुत से लोग संक्रमित हुए, लेकिन टीका न लगवाने वालों की तुलना में इसे लगवाने के बाद संक्रमित हुए लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। इनमें अधिकांश लोग होम आईसोलेशन में ही रहे और उन्हें अस्पताल में भी नहीं जाना पड़ा। इसमें कुछ लोग टीके की पहली डोज लगवाने के बाद तो कई दोनों डोज लगवाने के बाद भी संक्रमित हो गए। लोगों ने बताया कि टीका लगवाने के बाद बस इतनी राहत हुई कि कोरोना के लक्षण आने के बाद सामान्य स्थिति में घर रहकर कोरोना की जंग को आसानी से जीत सके । ऐसे लोगों ने भी सभी लोगों से कोरोना टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील की है। अब तक जिले में करीब 647378 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिसमें 526952 को पहली डोज और 120380 ने दूसरी डोज लगवाई है। जिले में कोरोना टीके की दोनों डोज लेकर संक्रमित होने वालों में ज्यादातर चिकित्सक, फ्रंटलाइन वर्कर ही रहे।
विज्ञापन

एक नजर में टीकाकरण
कुल टीकाकरण-6,47,378
पहली डोज-5,26,992
दूसरी डोज-1,20,386
पुरुष-3,13,257
महिला-2,13,603
--
कोविशिल्ड-5,25,119
कोवैक्सीन-1,22,259
--
18 से 44 साल-219980
45 से 60 साल-185517
60 साल से अधिक-121297
केस-एक
बीएचयू के यूरोलॉजी विभाग के चिकित्सक प्रो. समीर त्रिवेदी ने चार फरवरी को कोरोना टीका लगवाया था, इसके बाद भी वह संक्रमित हो गए। बताया कि होम आईसोलेशन में ही रहे। टीका लगवाने का ही असर रहा कि संक्रमण का प्रभाव कम रहा और होम आईसोलेशन में रहने के दौरान ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
विज्ञापन

केस-दो
जिला महिला अस्पताल की एसआईसी डॉ. लिली श्रीवास्तव ने बताया कि 16 जनवरी को पहली डोज और 15 फरवरी को दूसरी डोज लेने के बाद अप्रैल के पहले सप्ताह में संक्रमित हो गई। टीका लगवाने की वजह से ही ज्यादा गंभीर स्थिति नहीं रही। होम आईसोलेशन में रहकर ही कोरोना की जंग जीत ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-तीन
स्वास्थ्य विभाग में एडिशनल सीएमओ डॉ.एके मौर्या ने चार फरवरी पहली और 6 मार्च को टीके की दूसरी डोज लगवाई। 10 अप्रैल को संक्रमित वो हो गए। बताया कि टीका लगवाने का लाभ यह हुआ कि प्रतिरोधक क्षमता बनी रही और संक्रमण का ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। होम आईसोलेशन में मैं ठीक हो गया।
केस-चार
इंडियन डेंटल एसोसिएशन के सचिव डॉ. अमर अनुपम ने 4 फरवरी को पहली और 10 मार्च को टीके की दूसरी डोज लगवाई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन बाद वे संक्रमित हो गए। लेकिन टीके कारण ही मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। टीका लगवाने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए।
-----
टीके से कोरोना की जंग जीतना होगा और आसान
वाराणसी। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। साथ ही टीका लगवाने के लिए आगे आने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरी लहर खत्म जरूर हो गई है, लेकिन जिस तरह तीसरी लहर के आने की संभावना जताई गई है, ऐसे में अगर आप समय से टीकाकरण करा लेंगे तो आपके लिए कोरोना की जंग जीतना और आसान हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग भी इसके लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है। इसके अलावा अलग-अलग सामाजिक संस्थान भी कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता की अलख जगा रहे हैं। आईएमएस बीएचयू मालीक्यूलर बायोलॉजी के प्रो. सुनीत कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना का टीका पूरी तरह सुरक्षित है। इसको लेकर किसी तरह के संशय में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने टीकाकरण को लेकर फैली भ्रांतिंयों के बारे में बताते हुए उसका जवाब दिया है।
टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां
भ्रांति : कोरोना का टीका लगने के बाद बुखार होता है।
जवाब-टीका चाहे कोई भी हो 24 से 48 घंटे तक हल्का बुखार आता है, इससे घबराने की जरूरत नहीं।
भ्रांति : बुखार नहीं आया, इसका मतलब टीका सही नहीं है।
जवाब-यह गलत है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता का असर होता है। बहुत से लोगों को टीका लगने के बाद बुखार नहीं आता है।
भ्रांति : टीकाकरण के बाद हाथ, पैर में झनझाहट जैसा महसूस होता है।
जवाब-शरीर में जिस जगह पर वैक्सीन लगती है, वहां थोड़ा सा दर्द होता है। डरने की बात नहीं।
भ्रांति : पहले से बीमार लोगों को टीका नहीं लगवाना चाहिए।
जवाब-ऐसा बिल्कुल नहीं है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से ग्रसित है, वो भी डॉक्टर की सलाह पर टीका लगवा सकते हैं।
-------
ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण पर विभाग का विशेष जोर
पहले 50 अब ग्रामीण क्षेत्रों में हैं 90 टीकाकरण केंद्र
वाराणसी। कोरोना टीकाकरण की शहरी इलाकों में तो कुछ स्थिति ठीक है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लिए गावों में टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाना चुनौती बना है। ग्रामीण इलाकों में जहां स्लॉट न मिलने की समस्या बनी है, वहीं लोगों में अभी भी टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां हैं। फिलहाल स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के साथ-साथ यहां टीकाकरण केंद्र भी बढ़ाए जा रहे हैं। एक जून को जहां कुल 107 टीकाकरण केंद्रों में ग्रामीण इलाकों में 52 केंद्र थे, वहीं अब 130 से 140 केंद्र बनाए गए हैं और इसमें ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 80 से 90 कर दी गई है। इसका उद्देश्य यही है कि अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जा सके।

जिले में कोरोना टीकाकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टीकाकरण केंद्र बढ़ाने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। सामाजिक संस्थाओं, व्यापारियों, सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों पर भी टीकाकरण अभियान चलाकर हो रहा है। सभी को इसके लिए आगे आना चाहिए।-डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed