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Varanasi News: बलिया से प्रयागराज तक हुआ था बवाल
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गाजीपुर जिले की मोहम्मदाबाद सीट पर वर्ष 2002 में कृष्णानंद राय के बूते भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार जीत दर्ज की थी। कृष्णानंद राय ने अफजाल अंसारी के 17 वर्ष के राजनीतिक दबदबे को खत्म कर पूर्वांचल में एक अलग पहचान बनाई थी। 25 नवंबर 2005 को कृष्णानंद राय सहित आठ लोगों की हत्या की गई तो उसके विरोध में बलिया से लेकर मऊ, गाजीपुर, बनारस और प्रयागराज तक बवाल हुआ था।
अस्सी के दशक में बीएचयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का संगठन खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले कृष्णानंद राय को भाजपा में शामिल कराने का श्रेय मनोज सिन्हा को दिया जाता है। उस वक्त भी कृष्णानंद राय की हर वर्ग में स्वीकार्यता थी। उनकी हत्या के विरोध में भाजपा नेता राजनाथ सिंह जिला मुख्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठे थे। कृष्णानंद राय के समर्थकों ने वाराणसी में कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस के साथ ही आसपास के इलाके में तोड़फोड़ करने के अलावा रामनगर का पीपा पुल भी खोल दिया था। पन्नालाल पार्क विद्युत उपकेंद्र में एक जीप फूंक दी गई थी। अस्सी पोस्ट ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की गई थी। लंका, दुर्गाकुंड, कमच्छा, भिखारीपुर, भोजूबीर, शिवपुर, गोदौलिया सहित शहर के अधिकांश इलाकों में मुलायम सिंह यादव का पुतला फूंक कर तोड़फोड़ की गई थी। वाराणसी से गाजीपुर होते हुए गुजरने वाली 250 बसों का परिचालन ठप हो गया था।
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माफिया का परिवार है 97 मुकदमों का आरोपी
माफिया का परिवार है 97 मुकदमों का आरोपी
वाराणसी। माफिया मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ 97 मुकदमे दर्ज हैं। माफिया मुख्तार अंसारी पर हत्या के आठ मुकदमों सहित 61 मामले दर्ज हैं। वहीं, भाई अफजाल अंसारी पर सात व सिबगतुल्लाह अंसारी पर तीन, मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी पर 11, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर आठ, उमर अंसारी पर छह और अब्बास की पत्नी निखत बानो पर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। आफ्शां अंसारी और उमर अंसारी मौजूदा समय में फरार घोषित हैं।
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अस्सी के दशक में बीएचयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का संगठन खड़ा करने में अहम भूमिका निभाने वाले कृष्णानंद राय को भाजपा में शामिल कराने का श्रेय मनोज सिन्हा को दिया जाता है। उस वक्त भी कृष्णानंद राय की हर वर्ग में स्वीकार्यता थी। उनकी हत्या के विरोध में भाजपा नेता राजनाथ सिंह जिला मुख्यालय पर बेमियादी धरने पर बैठे थे। कृष्णानंद राय के समर्थकों ने वाराणसी में कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस के साथ ही आसपास के इलाके में तोड़फोड़ करने के अलावा रामनगर का पीपा पुल भी खोल दिया था। पन्नालाल पार्क विद्युत उपकेंद्र में एक जीप फूंक दी गई थी। अस्सी पोस्ट ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की गई थी। लंका, दुर्गाकुंड, कमच्छा, भिखारीपुर, भोजूबीर, शिवपुर, गोदौलिया सहित शहर के अधिकांश इलाकों में मुलायम सिंह यादव का पुतला फूंक कर तोड़फोड़ की गई थी। वाराणसी से गाजीपुर होते हुए गुजरने वाली 250 बसों का परिचालन ठप हो गया था।
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माफिया का परिवार है 97 मुकदमों का आरोपी
माफिया का परिवार है 97 मुकदमों का आरोपी
वाराणसी। माफिया मुख्तार अंसारी और अफजाल अंसारी व उसके परिवार के लोगों के खिलाफ 97 मुकदमे दर्ज हैं। माफिया मुख्तार अंसारी पर हत्या के आठ मुकदमों सहित 61 मामले दर्ज हैं। वहीं, भाई अफजाल अंसारी पर सात व सिबगतुल्लाह अंसारी पर तीन, मुख्तार की पत्नी आफ्शां अंसारी पर 11, मुख्तार के बेटे अब्बास अंसारी पर आठ, उमर अंसारी पर छह और अब्बास की पत्नी निखत बानो पर एक आपराधिक मुकदमा दर्ज है। आफ्शां अंसारी और उमर अंसारी मौजूदा समय में फरार घोषित हैं।
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