Varanasi: बीएचयू अस्पताल के अंदर-बाहर दलालों का मकड़जाल, कार्रवाई नहीं होने से बिफरे छात्रों ने दिया धरना
बीएचयू के छात्रों ने 20 फरवरी को सीटीवीएस डिपार्टमेंट को एक दलाल को पकड़ा था। इतने दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने से शनिवार को छात्र बिफर उठे। उन्होंने सिंह द्वार पर धरना दिया।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का सर सुंदरलाल अस्पताल दलालों के मकड़जाल में है। तमाम शिकायतों के बाद भी अस्पताल प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। एक ऐसे मामले को लेकर शनिवार को छात्रों ने सिंह द्वार पर प्रदर्शन किया। चिकित्सा अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी की। दरअसल, छात्रों ने 20 फरवरी को सीटीवीएस डिपार्टमेंट को एक दलाल को पकड़ा था।
इतने दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने से शनिवार को छात्र बिफर उठे। उन्होंने सिंह द्वार पर धरना दिया। चिकित्सा अधीक्षक पर कार्रवाई न करने, निजी कंपनी को जांच की जिम्मेदारी देने का आरोप लगाकर नारेबाजी। मौके पर पहुंचे प्रॉक्टर डॉ धीरेंद्र राय ने छात्रों से ज्ञापन लेकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
छात्रों का कहना था कि बिचौलिए को वसूली करते पकड़ा गया था। लंका थाना और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से इसकी शिकायत की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहीं नहीं अस्पताल के सीसीआई लैब में होने वाली जांच की जिम्मेदारी निजी कंपनी को दे दी गई।
आरोप लगाया कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के प्रतीक चिन्ह में छेड़छाड़ कर फूल दर्शाया गया है। साथ ही परिसर से दो निर्दोष छात्रों को जबरदस्ती थाने ले जाने और मारपीट जैसे कृत्य का भी छात्रों ने विरोध किया। उनकी मांग है कि परिसर में पुलिस का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए।
चेतावनी दी कि यदि जल्द दोषियों की पहचान कर उनके ऊपर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन करेंगे। इस दौरान शोध छात्र रंजीत माधव, अभिनव पांडेय, अजीत यादव, निर्भय यादव, सागर चौबे, रोहित राणा, शशि, ऋषभ यादव आदि लोग मौजूद रहे।