काशी विश्वनाथ धाम: बनारस के घर-घर पहुंचेगी कॉरिडोर के अभियान की कहानी, लोकार्पण के बाद चलो काशी के मास की होगी शुरुआत
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का दिसंबर में लोकार्पण होने जा रहा है। लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के मुख्यमंत्री समेत देशभर के वीवीआईपी आएंगे। पीएम मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद से ही चलो काशी नारे के साथ उत्सव मास की शुरुआत हो जाएगी।
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दुनियाभर के शिवभक्तों के आस्था के केंद्र काशी विश्वनाथ मंदिर के भव्य पुनरुद्धार के आयोजन को प्रदेश सरकार जन-जन से जोड़ेगी। काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले काशी विश्वनाथ मंदिर से काशी विश्वनाथ धाम के अभियान की कहानी का बुकलेट घर-घर पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद से ही चलो काशी नारे के साथ उत्सव मास की शुरुआत हो जाएगी। इसमें प्रदेश व देश स्तर के कार्यक्रमों के साथ ही शहर में विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
13 दिसंबर से शुरू होने वाली यह श्रृंखला अनवरत 12 जनवरी तक चलेगी। इसमें 16 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में काशी विश्वनाथ धाम में प्रदेश के कैबिनेट और मंत्री मंडल की बैठक भी होगी। काशी विश्वनाथ के लोकार्पण के बाद एक महीने तक प्रस्तावित कार्यक्रमों के लिए शासन स्तर से नोडल विभाग और एजेंसियों का चयन किया जा रहा है।
अलग-अलग विभागों को आयोजनों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को विभागध्यक्षों की बैठक कर इन कार्यक्रमों और उनकी तिथियों पर अंतिम निर्णय करेंगे। इन कार्यक्रमों के समानांतर शहर और धाम परिसर में स्थानीय कलाकार, हस्तशिल्पियों और अन्य वर्गों से जुड़े लोगों की मदद से कार्यक्रम होंगे। शहर के प्रमुख चौराहों की साज सज्जा के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम कराए जाएंगे।
चलो काशी के लिए प्रस्तावित कार्यक्रम
14 दिसंबर - देश के सभी मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन, सभी मेयर्स का संध्या सम्मेलन और काशी विश्वनाथ धाम में हुए स्थानीय उत्पादों के प्रयोग पर मिनी काशी प्रदर्शनी का शुभारंभ।
15 दिसंबर - कृषि मंत्रालय की ओर से आयोजित प्रदेश के आर्थिक पुनरुद्धार हेतु गौ आधारित खेती पर राष्ट्रीय सेमिनार।
16 दिसंबर - प्रदेश के मंत्री मंडल की काशी विश्वनाथ धाम में बैठक।
17 दिसंबर - प्रदेश के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों का सम्मेलन।
18 दिसंबर - देश के सभी मशहूर ट्रैवेल, ब्लॉग लेखकों का सम्मेलन।
19 दिसंबर - काशी विश्वनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास पर विद्वानों का सम्मेलन।
20, 21 दिसंबर - देश के प्रमुख एससी, एसटी विचारकों की मौजूदगी में सामाजिक समरसता सम्मेलन।
22, 23 और 24 दिसंबर - प्रदेश की लोक विधाओं से जुड़े कलाकारों का समागम।
25 दिसंबर - सुशासन यात्रा का प्रारंभ।
25 और 26 दिसंबर - प्रदेश के सभी विभागों द्वारा विकसित स्वयं सहायता समूहों का सम्मेलन।
27, 28 व 29 दिसंबर - फिल्म फेस्टिवल और काशी पर आधारित शूट की गई फिल्मों की प्रदर्शनी।
30 व 31 दिसंबर - दलित इंडस्ट्रियल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले देश के अनुसूचित जाति के उद्यमियों का सम्मेलन।
2 जनवरी - प्रदेश के ओडीओपी कारीगरों का सम्मेलन।
3 व 4 जनवरी - देश के वास्तुविदों का सम्मेलन।
5,6 व 7 जनवरी - विभिन्न घरानों के राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों का समागम।
8 व 9 जनवरी - भारतीय परंपरा से जुड़े देशों के मंदिरों के प्रतिनिधियों का सम्मेलन।
11 व 12 जनवरी - प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के छात्र-छात्रा, एनएसए सहित अन्य संगठनों का यूथ फेस्टिवल।
12 जनवरी - सुशासन यात्रा का समापन।