काशी के वेदांत, ज्योतिष और धर्मशास्त्र के विद्वान कराएंगे भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन
- प्रो. रामनारायण द्विवेदी, प्रो. रामचंद्र पांडेय और प्रो. विनय पांडेय के नाम पर मुहर
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श्रीराम मंदिर के भूमिपूजन को लेकर सोमवार को काशी विद्वत परिषद की वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई। अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल की सहमति से प्रो. रामनारायण द्विवेदी, प्रो. रामचंद्र पांडेय और प्रो. विनय पांडेय का नाम भूमि पूजन के लिए तय किया गया।
काशी विद्वत परिषद ने तीनों नाम श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेज दिए हैं। अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल ने कहा कि भगवान राम के काम में शामिल होने का अवसर मिलना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। बैठक में महामंत्री शिवजी उपाध्याय, उपाध्यक्ष प्रो. वशिष्ठ त्रिपाठी, प्रो. राजाराम शुक्ल, प्रो. रामचंद्र पांडेय, प्रो. रामकिशोर त्रिपाठी और प्रो. विन्ध्येश्वरी मिश्र मौजूद रहे।
काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल का कहना है कि जब भी प्रधानमंत्री काशी आएंगे, उनका अभिनंदन किया जाएगा। यह इसलिए क्योंकि उन्होंने जो कहा वह किया। भगवान श्रीराम के मंदिर के शिलान्यास और निर्माण की बात उन्होंने कही थी और वह पूरी होने जा रही है।
महागणपति के आह्वान के साथ होगी शुरुआत
महागणपति के आह्वान के बाद गणेश अथर्व शीर्ष का पाठ किया जाएगा। सुबह आठ बजे से पूजन आरंभ हो जाएगा। सूर्य आदि नवग्रह का आह्वान किया जाएगा। इंद्रादि जितने भी देवता हैं, उनका आह्वान कर मंशा पूजन किया जाएगा।
ब्रह्मांड के नायक भगवान श्रीराम के मंदिर का शिलान्यास और भूमिपूजन का अवसर हर किसी के लिए गौरव का क्षण है। काशी विद्वत परिषद अयोध्या में संपूर्ण काशी का प्रतिनिधित्व करेगी। महागणपति के आह्वान के साथ पूजन आरंभ होगा। यह विश्व का भव्यतम और दिव्य मंदिर होगा जो सनातन धर्म की आस्था का केंद्र होगा। - प्रो. रामनारायण द्विवेदी।
भगवान राम के मंदिर के शिलान्यास और भूमिपूजन में शामिल होने का अवसर मिलना गर्व की बात है। सनातन धर्म की मर्यादा के अनुरूप मंदिर के निर्माण का कार्य आरंभ होने जा रहा है। इस पल का साक्षी बनने का सौभाग्य मिला है, यह बेहद प्रसन्नता का विषय है। काशी विद्वत परिषद की उपस्थिति में समस्त धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन होगा। - प्रो. विनय पांडेय।
संपूर्ण भारत और सनातनधर्मियों के लिए गौरव का क्षण होगा, जब भगवान राम के मंदिर का शिलान्यास और भूमिपूजन संपन्न होगा। इस चिर प्रतीक्षित कार्यक्रम में शामिल होना सौभाग्य की बात है। काशी विद्वत परिषद की देखरेख में शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुसार संपूर्ण आयोजन विधिवत संपन्न होंगे। - प्रो. रामचंद्र पांडेय।