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शासन को भेजी जाएगी अवैध निर्माणों की रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 07 May 2016 01:57 AM IST
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कचहरी के समीप वरुणा नदी पर चल रहा सुंदरीकरण का कार्य।
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वरुणा नदी के डूब क्षेत्र की नए सिरे से पैमाइश और सीमांकन के बाद अब उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वरुणा कॉरिडोर’ के तहत कराए गए इस सीमांकन में 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए गए हैं। रिपोर्ट में इससे जुड़े अन्य पहलुओं से भी शासन को अवगत कराया जाएगा। 10 मई को वरुणा कॉरिडोर की प्रगति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन यहां आएंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सचिव के संज्ञान में सभी बातें लाई जाएंगी। उनके निर्देशन में ही आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार होगी।
उधर, सीमांकन के बाद डूब क्षेत्र के दायरे में आए अवैध निर्माणों को लेकर तटवासियों में खलबली मच गई है। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की आशंका से सकते में आए तटवासी वीडीए पर दोहरी नीति का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि डूब क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माणों पर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। तटवासियों की नाराजगी को देखते हुए वीडीए भी पसोपेश में है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो डूब क्षेत्र में चिह्नित अवैध निर्माणों के बारे में पूरी जानकारी वीडीए को उपलब्ध कराई गई है। उन्हें तोड़ने की कार्रवाई वीडीए ही करेगा।
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उधर, सीमांकन के बाद डूब क्षेत्र के दायरे में आए अवैध निर्माणों को लेकर तटवासियों में खलबली मच गई है। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की आशंका से सकते में आए तटवासी वीडीए पर दोहरी नीति का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि डूब क्षेत्र में आने वाले सभी निर्माणों पर एक समान कार्रवाई होनी चाहिए। तटवासियों की नाराजगी को देखते हुए वीडीए भी पसोपेश में है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो डूब क्षेत्र में चिह्नित अवैध निर्माणों के बारे में पूरी जानकारी वीडीए को उपलब्ध कराई गई है। उन्हें तोड़ने की कार्रवाई वीडीए ही करेगा।
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