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उजाले को तरस रही चार हजार की आबादी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 07 May 2017 02:10 AM IST
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चोलापुर ब्लाक के पूरे धूशाह गांव की चार हजार आबादी बिजली के अभाव में मुख्य धारा से कटी हुई है। गांव की चार बस्तियों में मोबाइल, इंटरनेट और टेलीविजन दूर की बात है, बच्चों की पढ़ाई और गृहस्थी के कामों से लेकर सुख-दुख के आयोजन भी लालटेन और ढिबरी के सहारे ही होते हैं। गांव केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के संसदीय क्षेत्र चंदौली में आता है। डॉ. पांडेय इस क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं।
नियार-धरसौना मार्ग पर स्थित पूरे धूशाह गांव के आधे हिस्से में करीब 15 साल पहले बिजली पहुंची थी लेकिन पाल बस्ती, ब्राह्मण बस्ती, मौर्या बस्ती और दलित बस्ती अभी भी अंधेरे में हैं। गांव से कुछ दूरी पर ये बस्तियां अलग-अलग मजरे में होने की वजह से बिजली विभाग ने यहां विद्युतीकरण नहीं कराया। गांव की सविता, यादव निर्मला विश्वकर्मा और संजू यादव कहती हैं कि कोटे से एक लीटर मिट्टी का तेल मिलता है, जो एक हफ्ते से ज्यादा नहीं चलता।
गांव के उमा शंकर पाल, नजरू और तेरसू का कहना है कि हर चुनाव में नेता वोट के लिए वादे करते आए हैं लेकिन निभाया किसी ने नहीं। ग्राम प्रधान सरोज ने बताया कि तीन महीने पहले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन विधायक टी राम की विधायक निधि से आधा दर्जन खंभे और दो ट्रांसफार्मर आए थे, जो पंचायत भवन में पड़े हुए हैं।
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नियार-धरसौना मार्ग पर स्थित पूरे धूशाह गांव के आधे हिस्से में करीब 15 साल पहले बिजली पहुंची थी लेकिन पाल बस्ती, ब्राह्मण बस्ती, मौर्या बस्ती और दलित बस्ती अभी भी अंधेरे में हैं। गांव से कुछ दूरी पर ये बस्तियां अलग-अलग मजरे में होने की वजह से बिजली विभाग ने यहां विद्युतीकरण नहीं कराया। गांव की सविता, यादव निर्मला विश्वकर्मा और संजू यादव कहती हैं कि कोटे से एक लीटर मिट्टी का तेल मिलता है, जो एक हफ्ते से ज्यादा नहीं चलता।
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गांव के उमा शंकर पाल, नजरू और तेरसू का कहना है कि हर चुनाव में नेता वोट के लिए वादे करते आए हैं लेकिन निभाया किसी ने नहीं। ग्राम प्रधान सरोज ने बताया कि तीन महीने पहले विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन विधायक टी राम की विधायक निधि से आधा दर्जन खंभे और दो ट्रांसफार्मर आए थे, जो पंचायत भवन में पड़े हुए हैं।
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