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एलईडी से जगमग होगी पुरानी काशी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:49 AM IST
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पुरानी काशी में हेरिटेज लाइटिंग की 26 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। हृदय योजना के तहत स्वीकृत इस कार्ययोजना की जानकारी मंगलवार को महापौर रामगोपाल मोहले ने दी। बताया कि इस काम की जिम्मेदारी विद्युत मंत्रालय की कंपनी ईईएसएल को दी गई है। शहर के हेरिटेज जोन यानी पुरानी काशी विशेष प्रकार की एलईडी लाइटों से जगमग होगी। हेरिटेज लुक वाले खंभे लगाए जाएंगे। पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों वाले क्षेत्रों में आकर्षक लाइटिंग की जाएगी।
तीन महीने में इस काम को कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके मद्देनजर ईईएसएल के महाप्रबंधक तरुण तायल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों ने मंगलवार को पुरानी काशी का निरीक्षण करने के बाद महापौर से मुलाकात की। अपनी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। महापौर ने बताया कि पुरानी काशी क्षेत्र में नए और पुराने विद्युत खंभों को मिलाकर लगभग दस हजार से अधिक एलईडी लाईटें लगाई जाएंगी। यह पर्यटन के नजरिये से भी यह योजना बेहद अहम साबित होगी। काशी में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों को आकर्षक लाइटिंग के बीच धरोहरों का दर्शन-भ्रमण कर एक अलग तरह की अनुभूति होगी। धरोहरों के संरक्षण और रखरखाव के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
एक जून से शहर में छह जगह एलईडी पंखे बांटे जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को पहचान पत्र की फोटो कापी के साथ 1300 रुपये देने पड़ेंगे। बिजली की बचत के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्टॉल लगाकर पंखे बांटे जाएंगे। यह सिलसिला बुधवार से आगामी तीन महीने तक चलेगा। ईईएसएल के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष मालवीय के अनुसार 50 वाट के इस पंखे से सालाना 472.50 रुपये की बचत होगी। ये पंखे उषा और बजाज कंपनी के हैं। इनकी खरीद पर उपभोक्ताओं को रसीद भी दी जाएगी। पंखे पर दो साल की रिप्लेसमेंट वारंटी भी है। इनके वितरण के लिए कैंप कैश कलेक्शन सेंटर शिवपुर रेलवे स्टेशन के समीप, सारनाथ स्थित नगरीय विद्युत खंड षष्टम कार्यालय, प्रबंध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर गेट, विद्युत भवन सिगरा नगर निगम के पास, चौकाघाट उपकेंद्र विद्युत परिसर, भेलूपुर विद्य्ुत उपकेंद्र कार्यालय पर लगाए जाएंगे।
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वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के दो सौ से अधिक गांव सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। सेवापुरी और रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा के उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए नेडा की ओर से 243 स्थानों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके लिए सांसद निधि से 50 लाख रुपये की स्वीकृति जिला प्रशासन को मिल गई है। गांव के प्रमुख स्थानों, प्रवेश द्वार, पंचायत भवन सहित कई जगहों पर संयंत्र लगाए जाएंगे। इसकी देखभाल की जिम्मेदारी ग्रामीणों को ही दी जाएगी ताकि इसका रखरखाव बेहतर ढंग से हो सके। गांव के प्रधानों की देखरेख में सौर ऊर्जा के संयंत्र लगेंगे। जिला ग्राम्य अभिकरण विभाग के परियोजना प्रबंधक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि सांसद निधि से सौर ऊर्जा के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है। नेडा के परियोजना अधिकारी डॉ. आरवी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था।
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तीन महीने में इस काम को कराने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके मद्देनजर ईईएसएल के महाप्रबंधक तरुण तायल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों ने मंगलवार को पुरानी काशी का निरीक्षण करने के बाद महापौर से मुलाकात की। अपनी तैयारियों के बारे में जानकारी दी। महापौर ने बताया कि पुरानी काशी क्षेत्र में नए और पुराने विद्युत खंभों को मिलाकर लगभग दस हजार से अधिक एलईडी लाईटें लगाई जाएंगी। यह पर्यटन के नजरिये से भी यह योजना बेहद अहम साबित होगी। काशी में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों को आकर्षक लाइटिंग के बीच धरोहरों का दर्शन-भ्रमण कर एक अलग तरह की अनुभूति होगी। धरोहरों के संरक्षण और रखरखाव के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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एक जून से शहर में छह जगह एलईडी पंखे बांटे जाएंगे। इसके लिए उपभोक्ताओं को पहचान पत्र की फोटो कापी के साथ 1300 रुपये देने पड़ेंगे। बिजली की बचत के लिए एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की ओर से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक स्टॉल लगाकर पंखे बांटे जाएंगे। यह सिलसिला बुधवार से आगामी तीन महीने तक चलेगा। ईईएसएल के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष मालवीय के अनुसार 50 वाट के इस पंखे से सालाना 472.50 रुपये की बचत होगी। ये पंखे उषा और बजाज कंपनी के हैं। इनकी खरीद पर उपभोक्ताओं को रसीद भी दी जाएगी। पंखे पर दो साल की रिप्लेसमेंट वारंटी भी है। इनके वितरण के लिए कैंप कैश कलेक्शन सेंटर शिवपुर रेलवे स्टेशन के समीप, सारनाथ स्थित नगरीय विद्युत खंड षष्टम कार्यालय, प्रबंध निदेशक कार्यालय भिखारीपुर गेट, विद्युत भवन सिगरा नगर निगम के पास, चौकाघाट उपकेंद्र विद्युत परिसर, भेलूपुर विद्य्ुत उपकेंद्र कार्यालय पर लगाए जाएंगे।
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वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के दो सौ से अधिक गांव सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। सेवापुरी और रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सौर ऊर्जा के उपकरण लगाए जाएंगे। इसके लिए नेडा की ओर से 243 स्थानों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का प्रस्ताव भेजा गया था। इसके लिए सांसद निधि से 50 लाख रुपये की स्वीकृति जिला प्रशासन को मिल गई है। गांव के प्रमुख स्थानों, प्रवेश द्वार, पंचायत भवन सहित कई जगहों पर संयंत्र लगाए जाएंगे। इसकी देखभाल की जिम्मेदारी ग्रामीणों को ही दी जाएगी ताकि इसका रखरखाव बेहतर ढंग से हो सके। गांव के प्रधानों की देखरेख में सौर ऊर्जा के संयंत्र लगेंगे। जिला ग्राम्य अभिकरण विभाग के परियोजना प्रबंधक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि सांसद निधि से सौर ऊर्जा के लिए 50 लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है। नेडा के परियोजना अधिकारी डॉ. आरवी सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के गांवों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था।