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जज के इकलौते बेटे ने लगाई फांसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 18 Oct 2016 01:56 AM IST
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भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मनानंद नगर कॉलोनी स्थित एक निजी ब्वायज हॉस्टल में रहकर क्लैट की कोचिंग करने वाले अंकित पांडेय (19) ने सोमवार को अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को कब्जे में ले लिया। अंकित की आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
बलिया निवासी अरिवंद पांडेय झारखंड के गिरीडीह में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज हैं। उनका इकलौता बेटा अंकित ब्रह्मानंद नगर कॉलोनी स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर एक में रहकर संकटमोचन स्थित एक इंस्टीट्यूट में क्लैट की कोचिंग करता था। बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर डेढ़ बजे के लगभग टिफिन लेकर पहुंचे शंकर ने अंकित के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई।
काफी देर तक भी दरवाजा खटखटाने के बाद नहीं खुला तो शंकर ने इसकी जानकारी हॉस्टल संचालक अनुराग को दी। अनुराग ने भेलूपुर पुलिस को सूचना दी तो दुर्गाकुंड पुलिस चौकी प्रभारी हॉस्टल पहुंचे। तब तक अनुराग की सूचना पर कबीर नगर निवासी अंकित के मामा विश्वेश्वर प्रसाद भी हॉस्टल पहुंच गए थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंकित पंखे के सहारे बिना कपड़े के चादर के फंदे से लटका हुआ था।
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पुलिस ने अंकित के पिता को घटना की जानकारी देकर शव को सुरक्षित कर लिया। अंकित के रूम पार्टनर राहुल ने बताया कि उसके तीन दोस्त इसी हॉस्टल में रहते थे जो तीन दिन पहले दूसरी जगह कमरा ले लिए थे। वही तीनों अंकित के करीबी थे और इस संबंध में कुछ बता सकते हैं। पुलिस को अंकित के पिता के आने का इंतजार था।
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बलिया निवासी अरिवंद पांडेय झारखंड के गिरीडीह में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज हैं। उनका इकलौता बेटा अंकित ब्रह्मानंद नगर कॉलोनी स्थित हॉस्टल के कमरा नंबर एक में रहकर संकटमोचन स्थित एक इंस्टीट्यूट में क्लैट की कोचिंग करता था। बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर डेढ़ बजे के लगभग टिफिन लेकर पहुंचे शंकर ने अंकित के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो कोई आवाज नहीं आई।
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काफी देर तक भी दरवाजा खटखटाने के बाद नहीं खुला तो शंकर ने इसकी जानकारी हॉस्टल संचालक अनुराग को दी। अनुराग ने भेलूपुर पुलिस को सूचना दी तो दुर्गाकुंड पुलिस चौकी प्रभारी हॉस्टल पहुंचे। तब तक अनुराग की सूचना पर कबीर नगर निवासी अंकित के मामा विश्वेश्वर प्रसाद भी हॉस्टल पहुंच गए थे। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंकित पंखे के सहारे बिना कपड़े के चादर के फंदे से लटका हुआ था।
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पुलिस ने अंकित के पिता को घटना की जानकारी देकर शव को सुरक्षित कर लिया। अंकित के रूम पार्टनर राहुल ने बताया कि उसके तीन दोस्त इसी हॉस्टल में रहते थे जो तीन दिन पहले दूसरी जगह कमरा ले लिए थे। वही तीनों अंकित के करीबी थे और इस संबंध में कुछ बता सकते हैं। पुलिस को अंकित के पिता के आने का इंतजार था।