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आईएमएस बीएचयू में ठप जांच और आवास मरम्मत का मुद्दा गर्माया
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आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी लैब में कोविड की आरटीपीसीआर जांच, ब्लड बैंक में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स किट नहीं होने और निदेशक के आवास की मरम्मत पर 43 लाख रुपये खर्च का मुद्दा गरमा गया है। आईएमएस बीएचयू के प्रोफेसर के सवाल उठाने के बाद अब छात्रों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। उधर, सपा पिछड़ा वर्ग प्र्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने जांच शुरू कराने के लिए भिक्षाटन कर 1160 रुपये जुटाए और उसे ट्रामा सेंटर स्थित दान पेटिका में जमा कर दिया। बीएचयू में वाराणसी समेत आसपास के जिलों में कोरोना जांच करीब एक सप्ताह से बंद है। इसके पीछे का कारण सरकार की ओर से जांच के बकाया करीब 11 करोड़ रुपये का भुगतान न करना है।
सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर महासचिव अमन यादव के नेतृत्व में लंका सिंह द्वार से लेकर रविदास गेट पर दुकानदारों, चाय बेचने वाले, ठेला चलाने वालों से भिक्षाटन किया गया। अमन ने बताया कि एक तरफ पैसे के अभाव में कोरोना जांच बंद कर दी गई। वहीं, दूसरी ओर आईएमएस निदेशक के आवास में मरम्मत के लिए सिविल कार्य में 43 लाख खर्च हो गए। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ऐसा होना निंदनीय है। बताया कि कुल 1160 रुपये मिलने के बाद उसे दान पेटिका में डाल दिया गया। ताकि दोबारा जांच शुरू हो सके। इस दौरान अनिल यादव, कुंवर विक्रम सिंह चौहान, राधे श्याम यादव मौजूद रहे।
छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बीएचयू के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी, उत्कर्ष द्विवेदी ने प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ला से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा। मृत्युंजय ने बताया कि सभी मामलों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जल्द ही जांच नहीं शुरू हुई और आवास मरम्मत मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। मृत्युंजय ने बताया कि प्रभारी वीसी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के महानगर महासचिव अमन यादव के नेतृत्व में लंका सिंह द्वार से लेकर रविदास गेट पर दुकानदारों, चाय बेचने वाले, ठेला चलाने वालों से भिक्षाटन किया गया। अमन ने बताया कि एक तरफ पैसे के अभाव में कोरोना जांच बंद कर दी गई। वहीं, दूसरी ओर आईएमएस निदेशक के आवास में मरम्मत के लिए सिविल कार्य में 43 लाख खर्च हो गए। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ऐसा होना निंदनीय है। बताया कि कुल 1160 रुपये मिलने के बाद उसे दान पेटिका में डाल दिया गया। ताकि दोबारा जांच शुरू हो सके। इस दौरान अनिल यादव, कुंवर विक्रम सिंह चौहान, राधे श्याम यादव मौजूद रहे।
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छात्रों ने दी आंदोलन की चेतावनी
बीएचयू के शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी, उत्कर्ष द्विवेदी ने प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ला से मिलकर शिकायती पत्र सौंपा। मृत्युंजय ने बताया कि सभी मामलों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। जल्द ही जांच नहीं शुरू हुई और आवास मरम्मत मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। मृत्युंजय ने बताया कि प्रभारी वीसी ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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