वाराणसीः दरोगा ने खुद मास्क नहीं लगाया, आम आदमी को डंडा मार कर भगाया, तस्वीरें वायरल होने पर वसूला गया जुर्माना
मास्क न पहनने वाले दरोगा गौरव उपाध्याय अस्सी पुलिस चौकी पर तैनात हैं। बिना मास्क पहने घूमने वालों और चार बजे के बाद घाटों पर जाने की मनाही के नियम का करा रहे थे पालन।
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कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से बढ़ने के बावजूद सोमवार को वाराणसी में अस्सी पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा गौरव उपाध्याय बगैर मास्क के सार्वजनिक स्थान में घूम रहे थे। इसके साथ ही दूसरों को लाठी मार कर डीएम द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने को कर रहे थे। बगैर मास्क की और डंडा मारने की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी तो कमिश्नरेट पुलिस ने ट्वीट कर स्पष्ट किया कि दरोगा से भेलूपुर इंस्पेक्टर ने सार्वजनिक स्थान पर मास्क न लगाने के आरोप में जुर्माना वसूला है।
दरअसल, कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने आदेश दिया है कि रोजाना शाम चार बजे से अगले दिन की सुबह छह बजे तक आमजन गंगा घाटों की ओर नहीं जाएंगे। जिलाधिकारी के आदेश के पहले दिन यानी सोमवार की शाम चार बजे के बाद तुलसी घाट पर दरोगा गौरव उपाध्याय अपना मास्क मुंह में ना लगाकर अपनी नेमप्लेट के सहारे लटकाए हुए दिखे।
इसी दौरान रीवा घाट के समीप जो टहलते मिले उसे समझा कर घर के लिए जाने की बात कहने की बजाय दरोगा लाठी से पीट कर खदेड़ते दिखे। एक और खास बात यह भी रही कि दरोगा को विभागीय नियमानुसार अपनी पिस्टल होल्स्टर (लेदर केस) में रखनी चाहिए थी, लेकिन बॉलीवुड की फिल्मों की तरह सिंघम बनने के चक्कर में वह सरकारी नियम भी भूल गए।
उधर, इस संबंध में दरोगा गौरव का कहना था कि वह जिन्हें खदेड़ रहे थे वह घाट की सीढ़ियों पर बैठ कर नशा कर रहे थे। उनके समीप ही चिलम भी पड़ी थी। इसी वजह से उन्हें लाठी दिखाकर डांटते हुए वह भगा रहे थे। चिलम पीने वाले पर उन्होंने विधिक कार्रवाई क्यों नही की, इस सवाल का जवाब दरोगा के पास नहीं था।