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Varanasi News: दीवाली पर फूलमंडी रही गुलजार, जमकर हुआ मोलभाव
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दिवाली के दिन रविवार को फूलों की कोई कीमत नहीं थी। सुबह भाव जनता की जरूरत के हिसाब से था, लेकिन दिन ढलने के साथ दाम भी गिरने लगे। किसानों व व्यापारियों ने त्योहार पर घर जाने की जल्दी में औने-पौने दाम पर फूल बेच दिए। हालांकि कोलकाता से मंगाए जाने के कारण प्रति कमल 30 से 40 रुपये बिका।
इंग्लिशिया लाइन फूलमंडी में त्योहार के कारण राैनक है। रविवार को भी फुटपाथ पर किसान फूल लिए बैठे थे। मंडी में चहल-पहल रही। इसके चलते सड़कों पर काफी जाम रहा। सुबह बड़ा गेंदा की माला 12 से 15 सौ रुपये व छोटा गेंदा की माला तीन से पांच सौ रुपये सैंकड़ा थी। वहीं, दोपहर बाद किसान व व्यापारी लोगों को मोलभाव के साथ बड़ा गेंदा की 10 माला 10 से 70 रुपये में बेचते दिखे। जबकि छोटा गेंदा की 10 माला 10 से 30 रुपये में बेची। व्यापारी ईश्वरचंद्र ने बताया कि इस बार उत्पादन अधिक होने से फूल पिछले साल के आधे से भी कम दाम में बिका।
दिवाली देर से होने पर बढ़ा फूलों का उत्पादन
इस बार दिवाली पिछले साल से करीब 20 दिन बाद पड़ने से फूलों का उत्पादन काफी बढ़ गया। इसलिए दाम नहीं बढ़ा। मंडी संचालक विशाल दुबे ने बताया कि दिवाली देर से पड़ने से बनारस समेत कोलकाता और अन्य शहरों में उत्पादन बढ़ गया। जबकि पहले फूलों की कमी पढ़ जाती थी। इसलिए महंगा बिकता था।
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इंग्लिशिया लाइन फूलमंडी में त्योहार के कारण राैनक है। रविवार को भी फुटपाथ पर किसान फूल लिए बैठे थे। मंडी में चहल-पहल रही। इसके चलते सड़कों पर काफी जाम रहा। सुबह बड़ा गेंदा की माला 12 से 15 सौ रुपये व छोटा गेंदा की माला तीन से पांच सौ रुपये सैंकड़ा थी। वहीं, दोपहर बाद किसान व व्यापारी लोगों को मोलभाव के साथ बड़ा गेंदा की 10 माला 10 से 70 रुपये में बेचते दिखे। जबकि छोटा गेंदा की 10 माला 10 से 30 रुपये में बेची। व्यापारी ईश्वरचंद्र ने बताया कि इस बार उत्पादन अधिक होने से फूल पिछले साल के आधे से भी कम दाम में बिका।
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दिवाली देर से होने पर बढ़ा फूलों का उत्पादन
इस बार दिवाली पिछले साल से करीब 20 दिन बाद पड़ने से फूलों का उत्पादन काफी बढ़ गया। इसलिए दाम नहीं बढ़ा। मंडी संचालक विशाल दुबे ने बताया कि दिवाली देर से पड़ने से बनारस समेत कोलकाता और अन्य शहरों में उत्पादन बढ़ गया। जबकि पहले फूलों की कमी पढ़ जाती थी। इसलिए महंगा बिकता था।
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