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18 माह में तैयार हो जाएगा पहला फेज
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 15 Oct 2016 02:12 AM IST
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन राघव चंद्रा ने कहा कि आउटर रिंग रोड के पहले फेज का काम 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की अड़चनें दूर कर ली गई हैं। मुआवजे के लिए 250 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को मुहैया करा दिए गए हैं। उन्होंने यह जानकारी शुक्रवार को नदेसर स्थित एक होटल में पत्रकारों को दीं।
चेयरमैन ने कहा कि मुआवजा न बंटने के कारण अब काम में देरी हो रही है। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद से आग्रह किया गया है कि मुआवजे के लिए मुहैया कराई गई 250 करोड़ की धनराशि वे एक साथ किसानों में बांट दें ताकि काम में तेजी लाई जा सके। बताया कि इसमें से अब तक सिर्फ 25 करोड़ रुपये ही किसानों को बांटे जा सके हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए किसानों के आंदोलन और बारिश के चलते रिंगरोड का काम प्रभावित हुआ है लेकिन इसे आगामी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा।
कछवा से कपसेठी, हरहुआ, संदहा से गंगापार अलीनगर (चंदौली) तक 59 किमी लंबी रिंग रोड बनाई जानी है। पहले फेज में संदहा से हरहुआ तक 16 किमी लंबी रिंगरोड के निर्माण पर कुल 261 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चेयरमैन ने बताया कि दूसरे फेज में 43 किमी रिंगरोड का निर्माण होना है। इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। फिलहाल पूरे प्रोजेक्ट पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। राघव चंद्रा ने बताया कि चंदौली और वाराणसी के बीच गंगा में एक पक्के पुल का निर्माण भी कराया जाएगा। साथ ही वाराणसी से आजमगढ़, जौनपुर और गोरखपुर हाईवे पर फ्लाईओवर भी बनेंगे ताकि आवागमन में बाधा न हो। चंद्रा ने कहा कि वाराणसी से सुल्तानपुर फोरलेन का काम भी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा।
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उध्ार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन राघव चंद्रा ने शुक्रवार को हेलिकॉप्टर से पहुंचकर वाराणसी से आजमगढ़, गोरखपुर, सुल्तानपुर मार्ग पर बन रहे फोरलेन की प्रगति देखी। साथ ही एनएच-टू यानी इलाहाबाद से औरंगाबाद (बिहार) को सिक्स लेन का निर्माण कार्य भी देखा। निर्माण की धीमी गति पर उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था सोमा को कड़ी चेतावनी दी। निर्देश दिया की काम में तेजी लाएं और खराब हो चुकी सड़क तत्काल ठीक कराएं।
नदेसर में पत्रकारों को उन्होंने बताया कि वाराणसी से सुल्तानपुर, आजमगढ़, गोरखपुर को जाने वाली फोरलेन सड़कों के लिए अधिग्रहीत भूमि के लिए कुल 5477 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में खर्च किए जाएंगे। यह धनराशि जनवरी 2016 में जारी की जा चुकी है। इसमें 2640 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा चुके हैं, जबकि 2837 करोड़ का मुआवजा अभी बांटा जाना है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश की तुलना में उत्तर प्रदेश में मुआवजा बांटने की रफ्तार काफी धीमी है। यह काम हर जिले में स्थानीय जिला प्रशासन को करना है।
बताया कि प्रदेश में एनएचएआई के 25 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें 2300 किमी सड़कें बनाई जानी है इस पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वाराणसी से गोरखपुर, टांडा वाया आजमगढ़, सुल्तानपुर मार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। चेयरमैन ने कहा कि एनएचएआई अपने सभी मार्गों पर 50-50 किमी पर एक जनसुविधा केंद्र बनाएगा। इसमें यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसमें नाश्ते आदि की व्यवस्था होगी। साथ ही ट्रकों, वाहनाें के लिए पार्किंग भी होगी। इसका निर्माण एनएचएआई कराएगा और इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा।
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चेयरमैन ने कहा कि मुआवजा न बंटने के कारण अब काम में देरी हो रही है। जिलाधिकारी विजय किरन आनंद से आग्रह किया गया है कि मुआवजे के लिए मुहैया कराई गई 250 करोड़ की धनराशि वे एक साथ किसानों में बांट दें ताकि काम में तेजी लाई जा सके। बताया कि इसमें से अब तक सिर्फ 25 करोड़ रुपये ही किसानों को बांटे जा सके हैं। उन्होंने कहा कि मुआवजे के लिए किसानों के आंदोलन और बारिश के चलते रिंगरोड का काम प्रभावित हुआ है लेकिन इसे आगामी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा।
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कछवा से कपसेठी, हरहुआ, संदहा से गंगापार अलीनगर (चंदौली) तक 59 किमी लंबी रिंग रोड बनाई जानी है। पहले फेज में संदहा से हरहुआ तक 16 किमी लंबी रिंगरोड के निर्माण पर कुल 261 करोड़ रुपये खर्च होंगे। चेयरमैन ने बताया कि दूसरे फेज में 43 किमी रिंगरोड का निर्माण होना है। इसकी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। फिलहाल पूरे प्रोजेक्ट पर 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। राघव चंद्रा ने बताया कि चंदौली और वाराणसी के बीच गंगा में एक पक्के पुल का निर्माण भी कराया जाएगा। साथ ही वाराणसी से आजमगढ़, जौनपुर और गोरखपुर हाईवे पर फ्लाईओवर भी बनेंगे ताकि आवागमन में बाधा न हो। चंद्रा ने कहा कि वाराणसी से सुल्तानपुर फोरलेन का काम भी डेढ़ साल में पूरा कर लिया जाएगा।
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उध्ार, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन राघव चंद्रा ने शुक्रवार को हेलिकॉप्टर से पहुंचकर वाराणसी से आजमगढ़, गोरखपुर, सुल्तानपुर मार्ग पर बन रहे फोरलेन की प्रगति देखी। साथ ही एनएच-टू यानी इलाहाबाद से औरंगाबाद (बिहार) को सिक्स लेन का निर्माण कार्य भी देखा। निर्माण की धीमी गति पर उन्होंने नाराजगी जताई और कार्यदायी संस्था सोमा को कड़ी चेतावनी दी। निर्देश दिया की काम में तेजी लाएं और खराब हो चुकी सड़क तत्काल ठीक कराएं।
नदेसर में पत्रकारों को उन्होंने बताया कि वाराणसी से सुल्तानपुर, आजमगढ़, गोरखपुर को जाने वाली फोरलेन सड़कों के लिए अधिग्रहीत भूमि के लिए कुल 5477 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में खर्च किए जाएंगे। यह धनराशि जनवरी 2016 में जारी की जा चुकी है। इसमें 2640 करोड़ रुपये किसानों को मुआवजे के रूप में दिए जा चुके हैं, जबकि 2837 करोड़ का मुआवजा अभी बांटा जाना है। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश की तुलना में उत्तर प्रदेश में मुआवजा बांटने की रफ्तार काफी धीमी है। यह काम हर जिले में स्थानीय जिला प्रशासन को करना है।
बताया कि प्रदेश में एनएचएआई के 25 प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें 2300 किमी सड़कें बनाई जानी है इस पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वाराणसी से गोरखपुर, टांडा वाया आजमगढ़, सुल्तानपुर मार्ग को फोरलेन बनाया जा रहा है। चेयरमैन ने कहा कि एनएचएआई अपने सभी मार्गों पर 50-50 किमी पर एक जनसुविधा केंद्र बनाएगा। इसमें यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसमें नाश्ते आदि की व्यवस्था होगी। साथ ही ट्रकों, वाहनाें के लिए पार्किंग भी होगी। इसका निर्माण एनएचएआई कराएगा और इसे पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाएगा।