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कड़ाके की ठंड में बुजुर्गों-बच्चों को भिगो दिया
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:59 AM IST
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मॉक ड्रिल के नाम पर शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों से बदसलूकी हुई। आरपीएफ, जीआरपी और अग्निशनम विभाग के संयुक्त अभियान में स्टेशन परिसर में बंधक आरपीएफ इंस्पेक्टर को छुड़ाने का प्रयास चल रहा था तभी पानी की बौछार ने वहां मौजूदा दर्जनों लोगों को भीषण ठंड में तरबतर कर दिया।
पानी की बौछार से बचने के लिए कुछ तो भागे मगर शकुंतला पांडेय (70), फरजाना (16) और लल्लन यादव (56) जब तक हटते, पानी की बौछार उन्हें भिगो चुकी थी। महीने भर में यह चौथा मौका है जब स्टेशन परिसर में मॉक ड्रिल हुई है। मगर शनिवार को रेलवे और अग्निशमन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में जिस तरीके से आमजन, बुजुर्गों और बच्चों को फजीहत हुई उससे वहां मौजूद यात्रियों ने अभियान की आलोचना भी की।
मोदी सरकार में स्टेशन के कायाकल्प की तैयारी है। स्टेशन का विस्तार हो रहा है। यात्री सुविधाएं बढ़ रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता किया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों को परखने के लिए मॉक ड्रिल होती है। आज भी वही सब हुआ मगर सावधानी नहीं बरती गई। आम तौर पर मॉक ड्रिल के आपरेशन में डमी लोग शामिल होते हैं मगर आज तो आमजन को ही उसका हिस्सा बना दिया गया। नतीजा सारे पीड़ित मन ही मन सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए चले गए।
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पानी की बौछार से बचने के लिए कुछ तो भागे मगर शकुंतला पांडेय (70), फरजाना (16) और लल्लन यादव (56) जब तक हटते, पानी की बौछार उन्हें भिगो चुकी थी। महीने भर में यह चौथा मौका है जब स्टेशन परिसर में मॉक ड्रिल हुई है। मगर शनिवार को रेलवे और अग्निशमन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में जिस तरीके से आमजन, बुजुर्गों और बच्चों को फजीहत हुई उससे वहां मौजूद यात्रियों ने अभियान की आलोचना भी की।
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मोदी सरकार में स्टेशन के कायाकल्प की तैयारी है। स्टेशन का विस्तार हो रहा है। यात्री सुविधाएं बढ़ रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता किया जा रहा है। सुरक्षा इंतजामों को परखने के लिए मॉक ड्रिल होती है। आज भी वही सब हुआ मगर सावधानी नहीं बरती गई। आम तौर पर मॉक ड्रिल के आपरेशन में डमी लोग शामिल होते हैं मगर आज तो आमजन को ही उसका हिस्सा बना दिया गया। नतीजा सारे पीड़ित मन ही मन सरकारी व्यवस्था को कोसते हुए चले गए।
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