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तट पर संकट, कॉलोनियों में घुसा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:14 AM IST
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अस्सी घाट पर डूबा सुबह-ए-बनारस का मंच, जलस्तर यहां घाट तक आने वाले रास्ते के करीब पहंुच गया है।
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गंगा के खतरे के निशान की ओर बढ़ने के साथ ही गुरुवार को काशी में तटीय जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सुबह-ए-बनारस के मंच के अलावा यज्ञ स्थल डूब गया। गंगा की लहरें घाटों की बुर्जियों, मढ़ियों के ऊपर हिलोरें मारने लगीं। उधर, नगवा से लगी असि नदी के किनारे की कॉलोनियों में भी बाढ़ का पानी घुस गया। इससे पचासों परिवार प्रभावित हो गए। उधर, वरुणा किनारे सैकड़ों घरों में पानी घुसने से हड़कंप मच गया है। निचली सतह की बस्तियों में हालात बदतर हो गए हैं। डीएम विजय किरण आनंद ने फोन पर बाढ़ नियंत्रण एवं राहत-बचाव से जुड़े अधिकारियों से प्रभावित इलाकों की जानकारी ली।
खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा में गुरुवार की देर शाम दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव दर्ज किया गया। रात करीब नौ बजे जल स्तर 69. 95 मीटर रिकार्ड किया गया। खतरे के निशान से फिलहाल गंगा 1.31 मीटर नीचे बह रही है लेकिन गंगा, वरुणा और असि तीनों में उफान से तटवर्ती इलाकों में खलबली मच गई है। नगवा के पास से गंगा कॉलोनियों में प्रवेश कर गई। रामानुज नगर कॉलोनी के अलावा गंगोत्री बिहार कॉलोनी के भी कुछ मकान बाढ़ से घिर गए। रामानुज नगर में नगीना देवी, इंद्रजीत सेठ, मित्तल साहनी, राजकुमार निषाद, फूलमती देवी, ओम प्रकाश पांडेय, नित्यानंद त्रिपाठी, रामजी सिंह, कमलावती देवी, अनिल राजभर, पूजा सिंह, जगन्नाथ ओझा, गंगा सागर पांडेय, दमयंती देवी के मकान पानी से घिर गए हैं। गंगोत्री बिहार में नंदलाल सेठ, राम सेवक, चुलबुल पांडेय, बनारसी दुबे, अजीत पाठक समेत कई लोगों के घर बाढ़ से घिर गए हैं।
गंगा में आई बाढ़ के चलते नाद नदी और गोमती भी उफनाने लगी है। दानगंज क्षेत्र के पिपरी, अजगरा, हरिहरपुर, मठिया, वरथरा ग्राम पंचायतों में बाढ़ से एक हजार एकड़ धान, बाजरा और तिल की फसलें डूब गई हैं। खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं। वहीं, हरिहरपुर-धरहरा और बेला-मठिया पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। चौबेपुर में ढाब क्षेत्र के रमचंदीपुर, रामपुर, गोबरहा और मोकलपुर आदि गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरसौल, लूठा, बर्थरा कलां, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, रामपुर, चंद्रावती और ढकवां आदि गांवों में साक-सब्जी की फसलें जलमग्न हो जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बर्थरा खुर्द, अजांव, धौरहरा और भगवानपुर में सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं।
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बाढ़ के चलते वरुणा किनारे की बस्तियों से करीब 250 परिवार अपनी गृहस्थी समेट सुरक्षित स्थानों की आेर जाने लगे हैं। दीनदयालपुर, कपिलधारा, नक्खीघाट, सरैया, कोनिया, शैलपुत्री, घौसाबाद, रजा कालोनी, चौकाघाट में हालात बदतर हो गए हैं। अस्सी स्थित गोयनका पाठशाला परिसर में बाढ़ राहत शिविर बना दिया गया है। देर रात तक 10 परिवार इस शिविर में पहुंच गए। बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए एनडीआरएफ मुस्तैद कर दी गई है।
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खतरे के निशान के करीब पहुंची गंगा में गुरुवार की देर शाम दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ाव दर्ज किया गया। रात करीब नौ बजे जल स्तर 69. 95 मीटर रिकार्ड किया गया। खतरे के निशान से फिलहाल गंगा 1.31 मीटर नीचे बह रही है लेकिन गंगा, वरुणा और असि तीनों में उफान से तटवर्ती इलाकों में खलबली मच गई है। नगवा के पास से गंगा कॉलोनियों में प्रवेश कर गई। रामानुज नगर कॉलोनी के अलावा गंगोत्री बिहार कॉलोनी के भी कुछ मकान बाढ़ से घिर गए। रामानुज नगर में नगीना देवी, इंद्रजीत सेठ, मित्तल साहनी, राजकुमार निषाद, फूलमती देवी, ओम प्रकाश पांडेय, नित्यानंद त्रिपाठी, रामजी सिंह, कमलावती देवी, अनिल राजभर, पूजा सिंह, जगन्नाथ ओझा, गंगा सागर पांडेय, दमयंती देवी के मकान पानी से घिर गए हैं। गंगोत्री बिहार में नंदलाल सेठ, राम सेवक, चुलबुल पांडेय, बनारसी दुबे, अजीत पाठक समेत कई लोगों के घर बाढ़ से घिर गए हैं।
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गंगा में आई बाढ़ के चलते नाद नदी और गोमती भी उफनाने लगी है। दानगंज क्षेत्र के पिपरी, अजगरा, हरिहरपुर, मठिया, वरथरा ग्राम पंचायतों में बाढ़ से एक हजार एकड़ धान, बाजरा और तिल की फसलें डूब गई हैं। खेत-खलिहान जलमग्न हो गए हैं। वहीं, हरिहरपुर-धरहरा और बेला-मठिया पर पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। चौबेपुर में ढाब क्षेत्र के रमचंदीपुर, रामपुर, गोबरहा और मोकलपुर आदि गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सरसौल, लूठा, बर्थरा कलां, मुरीदपुर, गौरा उपरवार, रामपुर, चंद्रावती और ढकवां आदि गांवों में साक-सब्जी की फसलें जलमग्न हो जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बर्थरा खुर्द, अजांव, धौरहरा और भगवानपुर में सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं।
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बाढ़ के चलते वरुणा किनारे की बस्तियों से करीब 250 परिवार अपनी गृहस्थी समेट सुरक्षित स्थानों की आेर जाने लगे हैं। दीनदयालपुर, कपिलधारा, नक्खीघाट, सरैया, कोनिया, शैलपुत्री, घौसाबाद, रजा कालोनी, चौकाघाट में हालात बदतर हो गए हैं। अस्सी स्थित गोयनका पाठशाला परिसर में बाढ़ राहत शिविर बना दिया गया है। देर रात तक 10 परिवार इस शिविर में पहुंच गए। बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए एनडीआरएफ मुस्तैद कर दी गई है।