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बढ़ती मांग और कालाबाजारी से जरूरी दवाओं का संकट बरकरार
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वाराणसी। बढ़ते संक्रमण के बीच बाजार में जरूरी दवाओं की किल्लत हो गई है। डॉक्टरों की लिखी दवाएं शहरी इलाकों में किसी तरह से मिल भी जा रही हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार या सांस फूलने पर लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। कोरोना के लक्षण दिखने पर डॉक्टर संबंधित दवाएं लिख रहे हैं। इनमें बहुत सी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। पैरासिटामॉल, डॉक्सीसाइक्लीन, फेबिफ्लू, एजिथ्रोमाइसिन, जिंक, विटामिन मिलने में सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। बढ़ती मांग की वजह से इन दवाइयों की दिक्कत है। साथ ही इनकी जमकर कालाबाजारी भी हो रही है। लोग इसे अपने पास जमा कर महंगे दामों पर बेच रहे हैं। खास बात यह है कि ऐसे लोगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
20 से 25 प्रतिशत बढ़ी मांग
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खन्ना का कहना है कि कोरोना के लक्षण वाली दवाओं की मांग फरवरी-मार्च के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत बढ़ी है, लेकिन अभी बहुत संकट नही है। कुछ दवाइयों के आने में थोड़ी देर हो रही है, लेकिन कंपनियों से बातचीत जारी है। सभी सदस्यों से समय-समय पर स्टॉक का मूल्यांकन करने को कहा गया है। ताकि लोगों को समय से दवाइयां मिल सके।
कालाबाजारी और महंगे दाम पर बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी
ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ दुबे का कहना है कि कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बहुत से लोग हैं फेबिफ्लू टैबलेट और अन्य दवाओं की कमी बताकर उसे महंगे दामों पर बेच रहे हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
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20 से 25 प्रतिशत बढ़ी मांग
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज खन्ना का कहना है कि कोरोना के लक्षण वाली दवाओं की मांग फरवरी-मार्च के मुकाबले 20 से 25 प्रतिशत बढ़ी है, लेकिन अभी बहुत संकट नही है। कुछ दवाइयों के आने में थोड़ी देर हो रही है, लेकिन कंपनियों से बातचीत जारी है। सभी सदस्यों से समय-समय पर स्टॉक का मूल्यांकन करने को कहा गया है। ताकि लोगों को समय से दवाइयां मिल सके।
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कालाबाजारी और महंगे दाम पर बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी
ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ दुबे का कहना है कि कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बहुत से लोग हैं फेबिफ्लू टैबलेट और अन्य दवाओं की कमी बताकर उसे महंगे दामों पर बेच रहे हैं। शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
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