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धान के कटोरे में प्रत्याशियों की साख दांव पर लगी
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गाजीपुर। जनपद का धान का कटोरा जमानिया विधानसभा इस चुनाव में कई बार सुर्खियों में रहा। यह सीट सैनिकों, साहित्यकारों का चर्चित गांव गहमर के लिए भी जाना जाता है। जहां कई-कई पीढ़ियों ने सेना में खुद को खपा दिया। इस चुनाव में जनपद में अब तक सबसे अधिक छह बार विधायक रहे सपा के ओम प्रकाश सिंह, भाजपा से दूसरी बार मैदान में उतरीं सुनीता सिंह, बसपा से परवेज खान और कांग्रेस से फरजाना हैं। पिछले चुनाव में भाजपा की सुनीता सिंह ने बसपा के अतुल राय को 9 हजार वोटों से हराया था। जो काफी चर्चा का विषय रहा था।
इस बार यहां मुस्लिम और कुशवाहा वोटर निर्णायक स्थिति में हैं। इसको लेकर सपा, बसपा और भाजपा अपना-अपना दांव भी चल रही है। अगर बसपा प्रत्याशी परवेज मुस्लिम वोटों को अपनी ओर नहीं कर पाते हैं तो इस सीट की लड़ाई ओम प्रकाश बनाम सुनीता सिंह हो जाएगी। फिलहाल इस सीट पर सपा, भाजपा और बसपा के बीच तिकोना मुकाबला है।
वर्ष 2017 में भाजपा की सुनीता सिंह और बसपा के अतुल राय के बीच करारा मुकाबला हुआ था। उस चुनाव में बसपा प्रत्याशी को हरिजन, मुस्लिम, भूमिहार वोट एक साथ मिला था। वहीं, निर्दल प्रत्याशी करतार यादव भी 12206 वोट पाने में सफल रहा। ऐसा माना जाता है कि उसने सपा का यादव वोट काटा था। जिससे पिछली बार सपा जमानिया सीट पर काफी कमजोर पड़ गई थी। बसपा और निर्दल प्रत्याशी ने सपा को तीसरे नंबर पर कर दिया था। इस बार स्थितियां बदली हैं। बसपा प्रत्याशी परवेज के साथ मुस्लिमों के साथ परंपरागत हरिजन वोटर ही हैं। जबकि यहां के यादव वोट भी नाममात्र के इधर-उधर होंगे। ऐसे में सपा प्रत्याशी की स्थिति पिछली बार से मजबूत है।
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वहीं, सुनीता सिंह के साथ राजपूत, भूमिहार और ब्राह्मण वोटर हैं। इन वोटों में भी सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश सिंह भी व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर वोट बटोरने की जुगत में लगे हैं। ऐसे में जमानिया का घमासान आसान नहीं है। यहां के वोटर काफी असमंजस की स्थिति में हैं। ऊंट किस करवट बैठेगा कयास लगा पाना मुश्किल है।
गहमर गांव और कुशवाहा, मुस्लिम वोटर निर्णायक
यहां भाजपा प्रत्याशी सुनीता सिंह की मजबूती का आधार गहमर निवासी से है। गहमर में 25400 वोटर हैं। पिछली बार अधिकतम वोटर भाजपा के साथ थे। साथ ही पिछली बार की तरह इस बार भूमिहार वोटर भाजपा के साथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश की मजबूती का आधार यादव के साथ मुस्लिम वोटर हैं। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत प्रभाव से कुशवाहा जाति का एक ब्लॉक प्रमुख जिताया है। जिसका भी फायदा ओम प्रकाश के खाते में जाने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे ही बसपा के परवेज खान उसियां गांव के हैं। जहां 19 हजार के करीब वोटर हैं। जिसमें 14 हजार मुस्लिम हैं। परवेज के पिता असलम भी चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। जो 2002 में बसपा से लड़कर 45 हजार वोट पाए थे।
जातिगत समीकरण
कुशवाहा- 50 हजार
यादव- 55 हजार
मुस्लिम- 70 हजार
भूमिहार- 18 हजार
राजपूत- 25 हजार
अनुसूचित जाति- 65 हजार
वोटों का गणित
कुल वोट- 419772
पुरुष- 225672
महिला- 194086
2017 के विधानसभा चुनाव में
भाजपा- सुनीता सिंह- 76823 वोट
बसपा - अतुल राय- 67559 वोट
सपा- ओम प्रकाश- 49557 वोट
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इस बार यहां मुस्लिम और कुशवाहा वोटर निर्णायक स्थिति में हैं। इसको लेकर सपा, बसपा और भाजपा अपना-अपना दांव भी चल रही है। अगर बसपा प्रत्याशी परवेज मुस्लिम वोटों को अपनी ओर नहीं कर पाते हैं तो इस सीट की लड़ाई ओम प्रकाश बनाम सुनीता सिंह हो जाएगी। फिलहाल इस सीट पर सपा, भाजपा और बसपा के बीच तिकोना मुकाबला है।
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वर्ष 2017 में भाजपा की सुनीता सिंह और बसपा के अतुल राय के बीच करारा मुकाबला हुआ था। उस चुनाव में बसपा प्रत्याशी को हरिजन, मुस्लिम, भूमिहार वोट एक साथ मिला था। वहीं, निर्दल प्रत्याशी करतार यादव भी 12206 वोट पाने में सफल रहा। ऐसा माना जाता है कि उसने सपा का यादव वोट काटा था। जिससे पिछली बार सपा जमानिया सीट पर काफी कमजोर पड़ गई थी। बसपा और निर्दल प्रत्याशी ने सपा को तीसरे नंबर पर कर दिया था। इस बार स्थितियां बदली हैं। बसपा प्रत्याशी परवेज के साथ मुस्लिमों के साथ परंपरागत हरिजन वोटर ही हैं। जबकि यहां के यादव वोट भी नाममात्र के इधर-उधर होंगे। ऐसे में सपा प्रत्याशी की स्थिति पिछली बार से मजबूत है।
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वहीं, सुनीता सिंह के साथ राजपूत, भूमिहार और ब्राह्मण वोटर हैं। इन वोटों में भी सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश सिंह भी व्यक्तिगत संबंधों के आधार पर वोट बटोरने की जुगत में लगे हैं। ऐसे में जमानिया का घमासान आसान नहीं है। यहां के वोटर काफी असमंजस की स्थिति में हैं। ऊंट किस करवट बैठेगा कयास लगा पाना मुश्किल है।
गहमर गांव और कुशवाहा, मुस्लिम वोटर निर्णायक
यहां भाजपा प्रत्याशी सुनीता सिंह की मजबूती का आधार गहमर निवासी से है। गहमर में 25400 वोटर हैं। पिछली बार अधिकतम वोटर भाजपा के साथ थे। साथ ही पिछली बार की तरह इस बार भूमिहार वोटर भाजपा के साथ होने के कयास लगाए जा रहे हैं। वहीं, सपा प्रत्याशी ओम प्रकाश की मजबूती का आधार यादव के साथ मुस्लिम वोटर हैं। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत प्रभाव से कुशवाहा जाति का एक ब्लॉक प्रमुख जिताया है। जिसका भी फायदा ओम प्रकाश के खाते में जाने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे ही बसपा के परवेज खान उसियां गांव के हैं। जहां 19 हजार के करीब वोटर हैं। जिसमें 14 हजार मुस्लिम हैं। परवेज के पिता असलम भी चार बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। जो 2002 में बसपा से लड़कर 45 हजार वोट पाए थे।
जातिगत समीकरण
कुशवाहा- 50 हजार
यादव- 55 हजार
मुस्लिम- 70 हजार
भूमिहार- 18 हजार
राजपूत- 25 हजार
अनुसूचित जाति- 65 हजार
वोटों का गणित
कुल वोट- 419772
पुरुष- 225672
महिला- 194086
2017 के विधानसभा चुनाव में
भाजपा- सुनीता सिंह- 76823 वोट
बसपा - अतुल राय- 67559 वोट
सपा- ओम प्रकाश- 49557 वोट