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इतिहास की अदालत ने नेताजी को ही माना महानायक : इंद्रेश
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि सुभाष विभाजन के विरोधी थे। कांग्रेस के नेताओं को वो पहले ही अंग्रेजों की चाल से चेता चुके थे। द्वितीय विश्व युद्ध का समय अखंड भारत की आजादी का उपयुक्त समय था। अगर कांग्रेस के नेताओं ने सुभाष का साथ दिया होता तो देश भी आजाद हो जाता और विभाजन भी न होता।
वह शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष चंद्र बोर्स के जन्मदिवस पर लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इतिहास की अदालत में सुभाष विषय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए इंद्रेेश कुमार ने कहा कि देश के बंटवारे की त्रासदी आज तक पूरा भारत झेल रहा है। सुभाष की योजनाओं को माना गया होता तो देश इतनी समस्याओं से नहीं जूझता। इतिहास की अदालत ने नेताजी को ही महानायक माना है।
मुख्य अतिथि ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर महोत्सव की शुरुआत की। आजाद हिंद बटालियन की सेनापति दक्षिता भारतवंशी ने अपनी बाल टुकड़ी के साथ नेताजी को सलामी दी और बिगुल बजाकर सुभाष महोत्सव का स्वागत किया। इस दौरान सुभाषवादी विचाकर तपन घोष, इतिहासकार प्रो. अशोक कुमार सिंह, डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता चट्टो बाबा ने किया। संचालन अर्चना भारतवंशी व धन्यवाद डॉ. निरंजन श्रीवास्तव ने दिया।
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मिला राष्ट्रीय बाल अधिकार बाल संरक्षण पुरस्कार
विश्व की पहली निर्वाचित बाल संसद की स्पीकर खुशी रमन भारतवंशी को दुनिया भर के वंचित बच्चों की आवाज को बुलंद करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोरोना संकट के दौरान खुशी रमन भारतवंशी ने 100 दिनों तक अनवरत भूख से पीड़ितों की सेवा की है।
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वह शुक्रवार को बतौर मुख्य अतिथि नेताजी सुभाष चंद्र बोर्स के जन्मदिवस पर लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इतिहास की अदालत में सुभाष विषय राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए इंद्रेेश कुमार ने कहा कि देश के बंटवारे की त्रासदी आज तक पूरा भारत झेल रहा है। सुभाष की योजनाओं को माना गया होता तो देश इतनी समस्याओं से नहीं जूझता। इतिहास की अदालत ने नेताजी को ही महानायक माना है।
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मुख्य अतिथि ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर महोत्सव की शुरुआत की। आजाद हिंद बटालियन की सेनापति दक्षिता भारतवंशी ने अपनी बाल टुकड़ी के साथ नेताजी को सलामी दी और बिगुल बजाकर सुभाष महोत्सव का स्वागत किया। इस दौरान सुभाषवादी विचाकर तपन घोष, इतिहासकार प्रो. अशोक कुमार सिंह, डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता चट्टो बाबा ने किया। संचालन अर्चना भारतवंशी व धन्यवाद डॉ. निरंजन श्रीवास्तव ने दिया।
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मिला राष्ट्रीय बाल अधिकार बाल संरक्षण पुरस्कार
विश्व की पहली निर्वाचित बाल संसद की स्पीकर खुशी रमन भारतवंशी को दुनिया भर के वंचित बच्चों की आवाज को बुलंद करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कोरोना संकट के दौरान खुशी रमन भारतवंशी ने 100 दिनों तक अनवरत भूख से पीड़ितों की सेवा की है।