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गरीब व शोषित योगदान दे सकेंगे तभी आगे बढ़ेगा देश: मनोज सिन्हा
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स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा।
- फोटो : GHAZIPUR
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महामना पं. मदनमोहन मालवीय और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने एक नहीं, अनेक ऐसे काम किए जिससे उन्हें महापुरुष की मान्यता मिली। महामना काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रणेता के साथ इस युग के आदर्श पुरुष भी हैं। मेरा मानना है कि वे भारत के पहले और आखिरी व्यक्ति हैं और रहेंगे जिन्हें महामना की उपाधि से विभूषित किया गया था। आज यह समझने की जरूरत है कि देश आगे तभी बढ़ेगा जब इस देश के गरीब, शोषित, वंचित लोग भी अपना योगदान दे सकेंगे। ये बातें जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को पं. मदन मोहन मालवीय इंटर कालेज सिखड़ी में महामना की जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर महामना ने शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान स्थापित किया है। पूरे देश में आज सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान और सबका विश्वास गूंज रहा है। जब कोई भी इन बातों पर विचार करेगा तो संज्ञान में आएगा कि आधुनिक भारत के निर्माण की प्रक्रिया यहीं से प्रारंभ होती है। पहले यहां कोई सक्षम पुरुष ड्राइविंग सीट पर नहीं बैठा जिससे देश को जहां पहुंचना चाहिए था वहां नहीं पहुंच सका। आठ वर्षों से जिस तरह से देश के भौतिक संसाधनों की समृद्धि में पैसा खर्च हो रहा है उस आधार पर दो-चार वर्षों में देश की सीमाएं सुरक्षित तो होंगी ही, हमारे पास संसाधन भी होंगे। इसलिए आज भी हम सिर्फ मुकाबला नहीं करते बल्कि दूसरे देश में घुसकर मार भी करते हैं।
सिन्हा ने कहा कि मैं आज जम्मू-कश्मीर में गाजीपुर के लोगों के पुण्य प्रताप और दिल में ज्वाला लेकर काम कर रहा हूं। गाजीपुर ही मेरी चेतना और आत्मबल है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की एक विशिष्ट पहचान है। इसलिए नहीं कि हमारा देश पूर्व में सोने की चिड़िया कहा जाता था, बल्कि इसलिए कि हम दुनिया को ज्ञान देते थे। हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान थी। आज दुनिया मान रही है कि भारत का बदलाव तेज गति से हो रहा है।
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उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण का अद्भुत काम वाजपेयी के नेतृत्व में शुरू हुआ। वह काम बीच में थम गया था। उस नींव पर 2014 के बाद भव्य इमारत खड़ा करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। वाजपेयी के जो सपने अधूरे रह गये थे उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि 1951 में कृषि मजदूर 28.1 फीसदी थे जो 2011 में बढ़कर 54.09 फीसदी हो गया। आखिर क्योंकि अन्नदाता मजदूर बनने को मजबूर हो गया था। आज हम सभी यह संकल्प लें कि जो विगत 7-8 वर्षों में विकास की प्रक्रिया शुरू हुई है। वह रुकने न पाए क्योंकि अगर यह ठप हुई तो आने वाली पीढ़ियां हमें क्षमा नहीं करेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने किया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, विधायक सुनीता सिंह, विधायक अलका राय, केदारनाथ सिंह, अशोक मिश्रा, सरोज कुशवाहा, कृष्ण बिहारी राय उपस्थित रहे।
पुस्तक का विमोचन किया
गाजीपुर। स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रमेश राय की पुस्तक ‘महिषासुर मर्दिनी दुर्गा: एक कलात्मक अवलोकन’ पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में देश अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें यह सोचना है कि आज तक हमने क्या हासिल किया। इस पर संतोष करें या परिणाम और बेहतर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में माता और उनके अनन्य स्वरूप हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। राष्ट्र के गौरव तथा इतिहास को देखने, समझने के लिए अंतर्दृष्टि होनी चाहिए, तभी इनको यथार्थ में समझा जा सकता है। इस मौके पर लेखक डॉ. रमेश राय ने बताया कि पुस्तक में मां दुर्गा के ऐतिहासिक एवं पौराणिक माहात्म्य को रेखांकित किया गया है। प्राचार्य डॉ. वीके राय और प्रबंधक कविंद्र शर्मा ने उपराज्यपाल को सम्मानित किया। एनसीसी कैडेट ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और कर्नल संतोष कुमार व डॉ. विलोक सिंह ने उनको एनसीसी की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. संगीता बलवंत, प्रो. अनामिका राय, डा. आनंद शंकर सिंह, अमित सिंह, डॉ. शशिकांत राय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय राय ने किया। अंत में प्राचार्य डा. वीके राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
हथियाराम में दर्शन-पूजन किया
गाजीपुर। जनपद में तीसरे दिन के कार्यक्रम में उपराज्यपाल सिद्धपीठ हथियाराम मठ पहुंचे। जहां महामंडलेश्वर भवानीनंदन यती जी महाराज के साथ सिद्धिदात्री बुढ़िया माई का दर्शन पूजन किया। इस दौरान उनके साथ विधायक सुनीता सिंह, भानुप्रताप सिंह, केदारनाथ सिंह, अशोक मिश्रा, सरोज कुशवाहा, कृष्ण बिहारी राय, ओमप्रकाश राय उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर महामना ने शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान स्थापित किया है। पूरे देश में आज सबका साथ, सबका विकास, सबका सम्मान और सबका विश्वास गूंज रहा है। जब कोई भी इन बातों पर विचार करेगा तो संज्ञान में आएगा कि आधुनिक भारत के निर्माण की प्रक्रिया यहीं से प्रारंभ होती है। पहले यहां कोई सक्षम पुरुष ड्राइविंग सीट पर नहीं बैठा जिससे देश को जहां पहुंचना चाहिए था वहां नहीं पहुंच सका। आठ वर्षों से जिस तरह से देश के भौतिक संसाधनों की समृद्धि में पैसा खर्च हो रहा है उस आधार पर दो-चार वर्षों में देश की सीमाएं सुरक्षित तो होंगी ही, हमारे पास संसाधन भी होंगे। इसलिए आज भी हम सिर्फ मुकाबला नहीं करते बल्कि दूसरे देश में घुसकर मार भी करते हैं।
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सिन्हा ने कहा कि मैं आज जम्मू-कश्मीर में गाजीपुर के लोगों के पुण्य प्रताप और दिल में ज्वाला लेकर काम कर रहा हूं। गाजीपुर ही मेरी चेतना और आत्मबल है। उन्होंने कहा कि विश्व में भारत की एक विशिष्ट पहचान है। इसलिए नहीं कि हमारा देश पूर्व में सोने की चिड़िया कहा जाता था, बल्कि इसलिए कि हम दुनिया को ज्ञान देते थे। हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान थी। आज दुनिया मान रही है कि भारत का बदलाव तेज गति से हो रहा है।
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उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण का अद्भुत काम वाजपेयी के नेतृत्व में शुरू हुआ। वह काम बीच में थम गया था। उस नींव पर 2014 के बाद भव्य इमारत खड़ा करने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। वाजपेयी के जो सपने अधूरे रह गये थे उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं।
उपराज्यपाल ने कहा कि 1951 में कृषि मजदूर 28.1 फीसदी थे जो 2011 में बढ़कर 54.09 फीसदी हो गया। आखिर क्योंकि अन्नदाता मजदूर बनने को मजबूर हो गया था। आज हम सभी यह संकल्प लें कि जो विगत 7-8 वर्षों में विकास की प्रक्रिया शुरू हुई है। वह रुकने न पाए क्योंकि अगर यह ठप हुई तो आने वाली पीढ़ियां हमें क्षमा नहीं करेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने किया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, विधायक सुनीता सिंह, विधायक अलका राय, केदारनाथ सिंह, अशोक मिश्रा, सरोज कुशवाहा, कृष्ण बिहारी राय उपस्थित रहे।
पुस्तक का विमोचन किया
गाजीपुर। स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रमेश राय की पुस्तक ‘महिषासुर मर्दिनी दुर्गा: एक कलात्मक अवलोकन’ पुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आजादी के 75वें वर्ष में देश अमृत महोत्सव मना रहा है। हमें यह सोचना है कि आज तक हमने क्या हासिल किया। इस पर संतोष करें या परिणाम और बेहतर हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में माता और उनके अनन्य स्वरूप हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं। राष्ट्र के गौरव तथा इतिहास को देखने, समझने के लिए अंतर्दृष्टि होनी चाहिए, तभी इनको यथार्थ में समझा जा सकता है। इस मौके पर लेखक डॉ. रमेश राय ने बताया कि पुस्तक में मां दुर्गा के ऐतिहासिक एवं पौराणिक माहात्म्य को रेखांकित किया गया है। प्राचार्य डॉ. वीके राय और प्रबंधक कविंद्र शर्मा ने उपराज्यपाल को सम्मानित किया। एनसीसी कैडेट ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया और कर्नल संतोष कुमार व डॉ. विलोक सिंह ने उनको एनसीसी की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. संगीता बलवंत, प्रो. अनामिका राय, डा. आनंद शंकर सिंह, अमित सिंह, डॉ. शशिकांत राय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजय राय ने किया। अंत में प्राचार्य डा. वीके राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
हथियाराम में दर्शन-पूजन किया
गाजीपुर। जनपद में तीसरे दिन के कार्यक्रम में उपराज्यपाल सिद्धपीठ हथियाराम मठ पहुंचे। जहां महामंडलेश्वर भवानीनंदन यती जी महाराज के साथ सिद्धिदात्री बुढ़िया माई का दर्शन पूजन किया। इस दौरान उनके साथ विधायक सुनीता सिंह, भानुप्रताप सिंह, केदारनाथ सिंह, अशोक मिश्रा, सरोज कुशवाहा, कृष्ण बिहारी राय, ओमप्रकाश राय उपस्थित रहे।